क्या ठगबंधन में कोई स्वीकार्य नेता और नीयत नहीं है?
सारांश
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पटना, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान चल रहा है और इस बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच काफी खींचतान हो रही है। दोनों दलों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए हैं।
राजद ने गुरुवार को यह दावा किया कि एनडीए का हिस्सा बनने वाले दलों के नेता और कार्यकर्ता अपने सहयोगियों को वोट नहीं दे रहे हैं। पार्टी ने 'एक्स' पर लिखा, "अंदरूनी मतभेद अब स्पष्ट होने लगे हैं। जदयू के सदस्य भाजपा और लोजपा को वोट नहीं दे रहे हैं, जबकि भाजपा और लोजपा के सदस्य जदयू को वोट नहीं दे रहे हैं।"
मतदाताओं से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील करते हुए राजद ने कहा, "अपने-अपने षड्यंत्र और महत्वाकांक्षाओं के चलते अपने वोट को बर्बाद न करें।"
राजद के दावों के जवाब में जदयू ने पलटवार किया और 'एक्स' पर लिखा, "टूटे हुए लालटेन की रोशनी में सत्ता की ख्वाब देख रहे इस ठगबंधन में न कोई स्वीकार्य नेता है, न नीयत। स्वार्थ पर आधारित यह समूह अब कुछ ही दिनों का मेहमान है।"
नीतीश कुमार की पार्टी ने मतदाताओं से अपील की कि "इन लालची तत्वों के बहकावे में आकर अपना वोट बर्बाद न करें, बल्कि अपने वोट को बिहार के विकास के लिए दें।"
जदयू ने आगे कहा, "झूठ की नींव पर खड़ी यह इमारत अब ढलने को तैयार है। अब केवल परिणाम आने वाला है, और वो भी एनडीए के प्रचंड बहुमत के साथ।"
यह ध्यान देने योग्य है कि पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों के लिए मतदान सुबह 7 बजे से जारी है। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक 42.31 प्रतिशत मतदान हो चुका है।
पहले चरण में 1314 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है, जिनमें 1192 पुरुष और 122 महिला उम्मीदवार हैं।