6 नवंबर 2026
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दिवाली-छठ से पहले बिहार CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला: हर जिले में QRT, 24 घंटे पुलिस गश्त

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दिवाली-छठ से पहले बिहार CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला: हर जिले में QRT, 24 घंटे पुलिस गश्त

सारांश

दिवाली और छठ से पहले बिहार CM सम्राट चौधरी ने राज्यभर में सुरक्षा का पूरा ढाँचा दुरुस्त करने का आदेश दिया है — हर जिले में QRT, रेलवे-बस स्टैंड पर चौबीसों घंटे गश्त, छठ घाटों पर गोताखोर तैनाती और फर्जी खबरों पर त्वरित कार्रवाई। बिहार की सांस्कृतिक पहचान छठ को इस बार सरकार ने सुरक्षा-प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा है।

मुख्य बातें

बिहार CM सम्राट चौधरी ने 6 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
दिवाली, काली पूजा और छठ महापर्व के मद्देनज़र प्रत्येक जिले में QRT गठित करने और 24 घंटे पुलिस गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और छठ घाटों पर साफ-सफाई तथा बिजली सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश।
गांवों के छठ घाटों पर स्थानीय गोताखोरों की तैनाती और खुले बिजली के तारों पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्देश।
मुख्यमंत्री 25 नवंबर के बाद जिला दौरा करेंगे; 16 नवंबर से विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा शुरू होगी।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP प्रीति वर्मा ने बैठक में सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 नवंबर 2026 को पटना स्थित अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और दिवाली, काली पूजा तथा छठ महापर्व के मद्देनज़र राज्यभर में 24 घंटे पुलिस गश्त और प्रत्येक जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों और विदेशों से लौटने वाले बिहारवासियों को अपने गृह राज्य में सुरक्षा, खुशी और सकारात्मक बदलाव का अनुभव होना चाहिए।

मुख्य निर्देश और सुरक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड के आसपास चौबीसों घंटे विशेष गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में QRT द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाए। पूरे राज्य में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा, 'दिवाली, काली पूजा और छठ को लेकर सभी को सतर्क और तैयार रहना होगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।'

छठ घाटों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छठ घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों के छठ घाटों पर स्थानीय गोताखोरों की मौजूदगी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, 'बिजली सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी परिस्थिति में खुले बिजली के तारों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।'

स्थानीय स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और जिलाधिकारियों (DM) को व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया।

स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव पर जोर

चौधरी ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से दलित एवं महादलित बस्तियों में जाकर वहां के लोगों के साथ त्योहार मनाने की अपील की, ताकि सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिल सके।

यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में प्रवासी बिहारियों की बड़े पैमाने पर वापसी से रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भीड़ का दबाव काफी बढ़ जाता है। गौरतलब है कि छठ महापर्व बिहार की सांस्कृतिक पहचान का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।

फर्जी खबरों और जन शिकायतों पर कदम

मुख्यमंत्री ने भ्रामक सूचनाओं और फर्जी खबरों से निपटने के लिए हर स्तर पर QRT गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संपन्न परिवारों से स्वेच्छा से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ छोड़ने की अपील को व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा।

बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रीति वर्मा ने मुख्यमंत्री को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि वह 25 नवंबर के बाद विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करेंगे। 16 नवंबर से विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, जिसमें क्रियान्वयन और प्रगति पर विशेष जोर होगा। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों (SP) को उद्योगपतियों के साथ हर महीने बैठक करने का निर्देश दिया, ताकि निवेश और रोज़गार के अवसर बढ़ाए जा सकें। साथ ही विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेज़ी लाने का भी आदेश दिया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार सम्राट चौधरी ने QRT को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए फर्जी खबरों से निपटने के लिए भी तैनात करने का निर्देश दिया — यह सूचना-प्रबंधन की नई प्राथमिकता का संकेत है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये निर्देश महज़ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहते हैं या ज़मीनी स्तर पर DM और SP की जवाबदेही तय होती है। गौरतलब है कि बिहार में छठ के दौरान भगदड़ और विद्युत दुर्घटनाओं की पुरानी घटनाएँ रही हैं — खुले तारों पर प्रतिबंध और गोताखोरों की तैनाती के निर्देश इसी इतिहास की प्रतिक्रिया हैं। 25 नवंबर के बाद जिला दौरों की घोषणा चुनावी संदेश भी दे सकती है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में छठ से पहले QRT क्यों गठित की जा रही है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर दिवाली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कार्रवाई के लिए प्रत्येक जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) बनाई जा रही है। इसके अलावा फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए भी QRT को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
छठ घाटों पर क्या विशेष व्यवस्था की गई है?
मुख्यमंत्री ने छठ घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने, गांवों के घाटों पर स्थानीय गोताखोरों की तैनाती और खुले बिजली के तारों पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं। DM को व्यक्तिगत रूप से इन व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है।
बिहार CM ने 24 घंटे पुलिस गश्त के लिए कौन-से स्थानों को प्राथमिकता दी है?
रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर चौबीसों घंटे विशेष गश्त के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारी सीज़न में इन स्थानों पर प्रवासी बिहारियों की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए इन्हें विशेष रूप से चिह्नित किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की जिला दौरे की योजना क्या है?
चौधरी ने घोषणा की है कि वे 25 नवंबर के बाद विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करेंगे। इसके अतिरिक्त 16 नवंबर से विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिसमें क्रियान्वयन और प्रगति पर विशेष जोर होगा।
इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री ने DM और SP को उद्योगपतियों के साथ हर महीने बैठक करने, भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने और दलित-महादलित बस्तियों में जाकर त्योहार मनाने की अपील की। संपन्न परिवारों से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने की अपील का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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