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बिहार: महान विभूतियों की जन्मस्थलियाँ बनेंगी 'आदर्श ग्राम', सांसद विवेक ठाकुर ने CM सम्राट चौधरी का जताया आभार

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बिहार: महान विभूतियों की जन्मस्थलियाँ बनेंगी 'आदर्श ग्राम', सांसद विवेक ठाकुर ने CM सम्राट चौधरी का जताया आभार

सारांश

बिहार की महान विभूतियों की जन्मस्थलियाँ अब 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित होंगी। नवादा सांसद विवेक ठाकुर के आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सर्वेक्षण और चरणबद्ध कार्ययोजना का निर्देश दिया है। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह और जवाहर रजवार जैसी विभूतियों के स्थल भी इसमें शामिल होंगे, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा केंद्र बनेंगे।

मुख्य बातें

नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने बिहार सीएम सम्राट चौधरी का आभार जताया।
बिहार की महान विभूतियों की जन्मस्थलियों का होगा सर्वेक्षण, फिर 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकास।
विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा; कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश।
नवादा लोकसभा से बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ.
श्रीकृष्ण सिंह और जवाहर रजवार के स्थल भी शामिल।
उद्देश्य — नई पीढ़ी को बिहार के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना।

नवादा सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता विवेक ठाकुर ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राज्य की महान विभूतियों की जन्मस्थलियों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है। यह पहल बिहार के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थलों को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

सांसद विवेक ठाकुर ने हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान आग्रह किया था कि प्रदेश की सभी महान विभूतियों के जन्मस्थलों को 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित किया जाए। इस आग्रह पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सर्वेक्षण कराने और कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बिहार की विरासत पर ज़ोर

ठाकुर ने कहा कि बिहार ज्ञान, संस्कृति, आध्यात्मिकता, स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक सुधार और राष्ट्र निर्माण की महान परंपरा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपने विचारों और कार्यों से देश-दुनिया को नई दिशा दी, उनसे जुड़े स्थलों का संरक्षण और विकास समय की माँग है।

सांसद के अनुसार, इन स्थलों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि युवा बिहार के गौरवशाली इतिहास और महान व्यक्तित्वों से जुड़ सकें।

नवादा लोकसभा की विभूतियाँ

ठाकुर ने विशेष रूप से नवादा लोकसभा क्षेत्र की ऐतिहासिक और सामाजिक समृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह तथा जवाहर रजवार जैसी विभूतियों की स्मृतियों को संरक्षित कर उनका समग्र विकास किया जाएगा।

आगे क्या

राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, पहले चरण में बिहार की महान विभूतियों की जन्मस्थलियों का सर्वेक्षण होगा, जिसके आधार पर चरणबद्ध रूप से 'आदर्श ग्राम' विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सांसद ठाकुर ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने 2014 के बाद मिले-जुले परिणाम दिए हैं — कुछ गाँव मॉडल बने, कई कागज़ी रह गए। बिहार में महापुरुषों की जन्मस्थलियों को इस ढाँचे से जोड़ना सांस्कृतिक राजनीति और ग्रामीण विकास का दिलचस्प मेल है, परन्तु असली कसौटी यह होगी कि सर्वेक्षण के बाद बजट आवंटन और समयसीमा कितनी पारदर्शी रहती है। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जैसी विभूतियों की उपेक्षित स्मारक-स्थितियाँ पहले भी सुर्खियों में रही हैं — घोषणा से अधिक क्रियान्वयन मायने रखेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में 'आदर्श ग्राम' पहल क्या है?
यह बिहार सरकार की एक नई पहल है जिसके तहत राज्य की महान विभूतियों की जन्मस्थलियों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
यह पहल किसके आग्रह पर शुरू हुई?
नवादा सांसद और भाजपा नेता विवेक ठाकुर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान यह आग्रह किया था। उनके सुझाव पर ही मुख्यमंत्री ने सर्वेक्षण और विकास कार्ययोजना के निर्देश दिए।
नवादा लोकसभा से कौन-सी विभूतियाँ शामिल होंगी?
नवादा लोकसभा क्षेत्र से बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह तथा जवाहर रजवार सहित अन्य विभूतियों के स्थल इस पहल में शामिल होंगे। उनकी स्मृतियों को संरक्षित कर समग्र विकास किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य बिहार की नई पीढ़ी को राज्य के गौरवशाली इतिहास और महान व्यक्तित्वों से जोड़ना है। इन स्थलों को प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि ज्ञान, संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार की विरासत आगे बढ़े।
राष्ट्र प्रेस
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