क्या बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया?

Click to start listening
क्या बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया?

सारांश

बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन एक भव्य समारोह के साथ किया। कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस समारोह में छात्रों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया, जो शिक्षा और कृषि में उत्कृष्टता की मिसाल हैं।

Key Takeaways

  • 77वां गणतंत्र दिवस समारोह बिहार कृषि विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया।
  • कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर चर्चा की।
  • युवाओं की शक्ति को चुनौतियों का समाधान करने में महत्वपूर्ण माना गया।
  • भविष्य की योजनाओं में कृषि का विकास शामिल है।
  • छात्रों और वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

भागलपुर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने एनसीसी परेड की सलामी ली और राष्ट्रगान के साथ ध्वजारोहण किया।

कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए विगत दिनों में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा की और आगामी योजनाओं को रखा। उन्होंने कहा कि 77वें गणतंत्र दिवस के दिन जब हम खड़े हैं तब भी हमारा देश कई चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन अच्छी बात यह है कि सभी चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे साथ युवा शक्ति है जो इन चुनौतियों को अवसर में बदल सकती है।

उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां कृषि सिर्फ आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परम्परा और सामाजिक संरचना का मूल आधार भी है। ऐसे में कृषि विश्वविद्यालय की भूमिका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय तत्परता से कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय के सभी अंग नित्य नई ऊंचाई को छू रहे हैं। हमारा विश्वविद्यालय हमेशा छात्र केंद्रित रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप बीएयू ने भारतीय कृषि विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली और प्राकृतिक खेती के सिद्धांत पर पाठ्यक्रम को लागू किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को वैज्ञानिक शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों से जोड़ना है।

कुलपति के भाषण के उपरांत विश्वविद्यालय के कई विभागों और केंद्रों ने झांकियां निकालीं, जिनमें मुख्य आकर्षण में सिंदूर की खेती पर आधारित 'ऑपरेशन सिंदूर', नीरा उत्पादन की झांकी, एआई आधारित शिक्षा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में नवाचार विषय पर झांकियां निकाली गईं, जिनमें से ऑपरेशन सिंदूर को प्रथम और कृषि विज्ञान केंद्र सबौर की झांकी 'प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में नवाचार' को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

भागलपुर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों के बच्चों ने सामूहिक नृत्य से समारोह में कई रंग भरे, जिसमें से दीक्षा इंटरनेशनल स्कूल, संत मेही, डीपीएस, सरस्वती विद्या मंदिर और कस्तूरबा विद्यालय के छात्रों ने दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में भागीदारी करने वाले छात्रों, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों और परिसर में रहने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।

विश्वविद्यालय की शोध परियोजनाओं में बेहतर कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया, जिसमें टीसी पर शोध से जुड़े वैज्ञानिकों डॉ. आरवीपी निराला, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. रामानुज विश्वकर्मा और डॉ. एसपी आचार्य को सम्मानित किया गया। वहीं, सर्वश्रेष्ठ एआईसीआरपी औषधीय पौधों के लिए पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर के प्रभारी डॉ. एसएन दास, डॉ. राज किशोर राय और डॉ. प्रभात कुमार को प्रदान किया गया। राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण के अध्यक्ष डॉ. अंशुमान कोहली को भी विशिष्ट उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अनुकंपा पर सेवा प्राप्त करने वाले परिजनों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण कायम रहा एवं संध्या काल से ही तिरंगे की रोशनी में परिसर की मुख्य इमारतें जगमगाती रहीं।

Point of View

बल्कि यह देश के कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। विश्वविद्यालय की नीतियों और पहलों का सीधा असर किसानों की आय में सुधार पर होगा।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

77वें गणतंत्र दिवस समारोह में कौन-कौन से कार्यक्रम हुए?
समारोह में कुलपति डॉ. डीआर सिंह का भाषण, एनसीसी परेड, झांकियों का प्रदर्शन और छात्रों को सम्मानित किया गया।
कृषि विश्वविद्यालय का क्या योगदान है?
कृषि विश्वविद्यालय किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए कार्यरत है।
कार्यक्रम में किसे सम्मानित किया गया?
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शोध परियोजनाओं में उत्कृष्टता दिखाने वाले वैज्ञानिकों और छात्रों को सम्मानित किया गया।
Nation Press