22 अगस्त 2026
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पटना में पीएचडी धारकों का लोकभवन मार्च रोका, आर-ब्लॉक पर वाटर कैनन तैनात; 18 दिन से आमरण अनशन जारी

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पटना में पीएचडी धारकों का लोकभवन मार्च रोका, आर-ब्लॉक पर वाटर कैनन तैनात; 18 दिन से आमरण अनशन जारी

सारांश

पटना में पीएचडी धारकों और शोधार्थियों का 18 दिन पुराना आमरण अनशन अब सड़क पर उतर आया — लोकभवन मार्च को पुलिस ने आर-ब्लॉक पर रोका, वाटर कैनन तैनात रही। नेता कुमुद पटेल 17 दिनों से अनशन पर हैं। बिहार सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य बातें

ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के प्रदर्शनकारियों ने 22 अगस्त को लोकभवन की ओर मार्च किया।
पुलिस ने आर-ब्लॉक पर बैरिकेडिंग और वाटर कैनन तैनात कर मार्च रोका।
आंदोलन के नेता कुमुद पटेल पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर हैं।
प्रदर्शनकारियों का पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दंडाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपने गया।
माँगें: उच्च शिक्षा में रोज़गार विस्तार, अतिथि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान, पीएचडी धारकों के भविष्य की सुरक्षा।
प्रदर्शन के कारण आर-ब्लॉक के आसपास कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।

पटना में 22 अगस्त 2026 को ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले सैकड़ों पीएचडी डिग्रीधारकों और शोधार्थियों ने लोकभवन की ओर मार्च किया, जिसे पुलिस ने आर-ब्लॉक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उच्च शिक्षा में रोज़गार, अतिथि शिक्षकों की समस्याओं और पीएचडी शोधार्थियों के अकादमिक भविष्य को लेकर यह आंदोलन पिछले 18 दिनों से जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी गर्दनीबाग से तिरंगा लेकर निकले और वीर कुंवर सिंह पार्क होते हुए लोकभवन की ओर बढ़ने लगे। पुलिस पहले से ही आर-ब्लॉक पर मुस्तैद थी और बैरिकेडिंग के ज़रिये मार्च को वहीं रोक दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाज़ी करने लगे।

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन सहित व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर डटे रहने के कारण आर-ब्लॉक के आसपास कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा, हालाँकि पुलिस के अनुसार दक्षिणी फ्लैंक से वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं हुई।

पुलिस की प्रतिक्रिया

पटना के एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि आंदोलन में मुख्य रूप से अतिथि शिक्षक, पीएचडी धारक और शोध के अंतिम चरण में पहुँचे छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आर-ब्लॉक से आगे का क्षेत्र संवेदनशील है — जहाँ उच्च न्यायालय, आयकर कार्यालय और वीरचंद पटेल पथ जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान स्थित हैं — इसलिए प्रदर्शनकारियों को वहीं रोकना आवश्यक था।

एसपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के ज़रिये मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपने का अवसर दिया गया। दंडाधिकारी के माध्यम से इस प्रतिनिधिमंडल को वहाँ भेजने की व्यवस्था की गई। पुलिस ने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील भी की।

आंदोलन का नेतृत्व और माँगें

आंदोलन का नेतृत्व कुमुद पटेल कर रहे हैं, जो 17 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें हैं — उच्च शिक्षा में रोज़गार के अवसरों का विस्तार, अतिथि शिक्षकों की समस्याओं का स्थायी समाधान, और पीएचडी धारकों तथा शोधार्थियों के अकादमिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से ठोस नीतिगत कदम।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में उच्च शिक्षा संस्थानों में नियमित शिक्षकों के हज़ारों पद रिक्त पड़े हैं और अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति दीर्घकालिक नीति के अभाव में अनिश्चितता में है।

आम जनता पर असर

प्रदर्शन के कारण आर-ब्लॉक और उससे सटे इलाकों में घंटों यातायात जाम रहा, जिससे आम नागरिकों को असुविधा हुई। पुलिस के अनुसार अब तक प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार नहीं किया और आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।

क्या होगा आगे

पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आमरण अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों दोनों को नुकसान पहुँचा रही है। 18 दिन के आमरण अनशन के बाद भी सरकार की ओर से केवल ज्ञापन लेने की औपचारिकता हुई है — कोई ठोस नीतिगत घोषणा नहीं। यह चुप्पी बताती है कि बिहार में उच्च शिक्षा सुधार अभी भी राजनीतिक प्राथमिकता सूची में नीचे है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में पीएचडी धारकों का आंदोलन किस बारे में है?
यह आंदोलन उच्च शिक्षा में रोज़गार के अवसर बढ़ाने, अतिथि शिक्षकों की समस्याओं के स्थायी समाधान और पीएचडी धारकों व शोधार्थियों के अकादमिक भविष्य को सुरक्षित करने की माँग को लेकर है। ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के नेतृत्व में यह आंदोलन 18 दिनों से जारी है।
आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है और वे कितने दिनों से अनशन पर हैं?
आंदोलन का नेतृत्व कुमुद पटेल कर रहे हैं, जो 22 अगस्त 2026 तक 17 दिनों से आमरण अनशन पर थे। पटना के एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने लोकभवन मार्च क्यों रोका?
पुलिस ने आर-ब्लॉक से आगे का क्षेत्र संवेदनशील बताते हुए मार्च रोका, क्योंकि वहाँ उच्च न्यायालय, आयकर कार्यालय और वीरचंद पटेल पथ जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान स्थित हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग और वाटर कैनन तैनात किए थे।
प्रदर्शनकारियों की माँगें सरकार तक कैसे पहुँचाई गईं?
पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को दंडाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया, जहाँ उन्होंने ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्वयं मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर ज्ञापन देने की इच्छा जताई थी।
क्या आंदोलन के कारण पटना में यातायात प्रभावित हुआ?
हाँ, प्रदर्शनकारियों के आर-ब्लॉक पर डटे रहने के कारण उस क्षेत्र में कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। हालाँकि पुलिस के अनुसार दक्षिणी फ्लैंक से वाहनों की आवाजाही जारी रही।
राष्ट्र प्रेस
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