चिराग पासवान ने पटना में छात्रों से मुलाकात की, CM सम्राट चौधरी को सौंपी BPSC-बेल्ट्रॉन अभ्यर्थियों की मांगें
सारांश
मुख्य बातें
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर पहुँचकर आंदोलनरत छात्रों से सीधी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बेल्ट्रॉन और शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 के अभ्यर्थियों की मांगें प्रमुखता से रखीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
धरनास्थल पर पहुँचे चिराग, सुनी छात्रों की पीड़ा
पटना पहुँचते ही चिराग पासवान सीधे गर्दनीबाग के धरनास्थल पर गए, जहाँ विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों की समस्याओं को विस्तार से सुना और उनसे एक ज्ञापन भी प्राप्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब 70वीं BPSC परीक्षा के अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैल चुकी हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और मांगों का प्रस्तुतीकरण
धरनास्थल से निकलने के बाद चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने तीन प्रमुख वर्गों — BPSC अभ्यर्थी, बेल्ट्रॉन अभ्यर्थी और शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 के उम्मीदवारों — की मांगें और समस्याएँ मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
चिराग का बयान: संवाद और संवेदनशीलता ज़रूरी
चिराग पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के एक जिम्मेदार सहयोगी के रूप में छात्रों और अभ्यर्थियों की जायज मांगों को सरकार तक पहुँचाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान 'संवाद और संवेदनशीलता' के रास्ते से होना चाहिए।
एक्स पर साझा की प्रतिक्रिया
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा कि 70वीं BPSC परीक्षा के अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की तस्वीरें देखकर उनका मन बेहद विचलित हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी कारण वे पटना पहुँचकर सीधे धरनास्थल गए और छात्रों की बात सुनी।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि चिराग पासवान की यह पहल बिहार के छात्र आंदोलन को केंद्रीय राजनीति से जोड़ने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आश्वासन के बाद अब नज़रें सरकार की ओर से उठाए जाने वाले ठोस कदमों पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों का आंदोलन तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक लिखित में कोई समाधान सामने नहीं आता।