झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज: बिहार CM सम्राट चौधरी ने विपक्ष की चुप्पी पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 10 अगस्त 2026 को झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर विपक्षी दलों की चुप्पी को उनके 'छात्र हितैषी' होने के दावे की पोल खोलने वाला बताया।
मुख्य घटनाक्रम
झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को छात्रों का आंदोलन विधानसभा तक पहुँच गया। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरुद्ध निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान एक समूह द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की सूचना के बाद, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
इस टकराव में कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक पुलिसकर्मी को घायल अवस्था में एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जबकि एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगने और रक्तस्राव की भी जानकारी सामने आई है। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर 'बर्बरतापूर्ण कार्रवाई' कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं विपक्षी नेताओं के इशारे पर की गई। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें पुलिस लाठी भाँजती दिख रही है।
चौधरी ने सवाल उठाया — 'क्या छात्रों के समर्थन का फैसला भी अब राजनीतिक सुविधा और स्वार्थ के हिसाब से तय किया जाएगा?' उन्होंने कहा कि विपक्ष की चुप्पी उसके तथाकथित 'छात्र हितैषी' होने के दावों को खोखला साबित करती है।
छात्रों की माँगें
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। वे दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई और पारदर्शी जाँच की माँग कर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर आंदोलन तेज हुए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी कई राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, पथराव के बाद ही लाठीचार्ज का आदेश दिया गया। हालाँकि, छात्र संगठनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कार्रवाई को एकतरफा बताया है।
आगे क्या
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और मामला राज्य की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बनता दिख रहा है। छात्र संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। निकट भविष्य में झारखंड सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जाँच की दिशा तय करेगी कि यह विवाद किस मोड़ पर जाता है।