बिहार पुलिस का बड़ा अभियान: सोशल मीडिया पर हथियार लहराने के 102 मामले, 2,125 भगोड़ों की संपत्ति कुर्क
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस ने राज्यभर में अपराध नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान छेड़ दिया है, जिसके तहत 11 से 20 जुलाई के बीच चलाए गए विशेष कुर्की अभियान में 2,125 कुर्कियों का निष्पादन किया गया है। पटना स्थित सरदार पटेल भवन में 17 जुलाई को आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) सुहिता अनुपम ने इस बहुआयामी अभियान का विस्तृत ब्यौरा दिया।
सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन: 102 एफआईआर, 130 गिरफ्तार
एडीजी सुहिता अनुपम ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर स्थापित सोशल मीडिया सेंटर और साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई के ज़रिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। 1 मई से 14 जुलाई के बीच सोशल मीडिया पर हथियार लहराने से जुड़े 102 एफआईआर दर्ज किए गए, 130 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और 40 हथियार जब्त किए गए। सर्वाधिक कार्रवाई करने वाले जिलों में पटना, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी शामिल रहे।
इसके अलावा, धार्मिक या जातीय टिप्पणियों से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और व्यक्तिगत अभद्र टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए गए हैं। आपत्तिजनक पोस्ट और वायरल वीडियो से जुड़े 514 मामले चिन्हित किए गए, जिनमें से 243 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
ऑपरेशन नया सवेरा-3.0: 109 तस्कर गिरफ्तार, 157 पीड़ित मुक्त
मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए गए ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 के तहत 1 से 14 जुलाई के बीच 52 एफआईआर दर्ज की गईं और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान में 82 महिलाओं और 75 पुरुषों को मुक्त कराया गया। गिरफ्तारी में पटना (40), सहरसा (13) और किशनगंज (9) अग्रणी रहे, जबकि पीड़ितों के रेस्क्यू में किशनगंज (23), सीतामढ़ी (17) और पटना/अरवल/मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त रूप से 14) शीर्ष पर रहे।
कानून-व्यवस्था और मादक पदार्थ: मई-जून की कार्रवाई
मई-जून में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कुल 533 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए — इनमें सांप्रदायिक हिंसा के 63, पुलिस पर हमले के 462, भीड़ हिंसा के 2 और हर्ष फायरिंग के 6 मामले शामिल हैं। न्यायालय में त्वरित निपटारे के लिए 51,189 गवाहों को उपस्थित कराया गया, जिनमें से 49,191 गवाहों की कोर्ट में गवाही दर्ज की गई।
मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए भी अभियान जारी है। मई-जून में 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन, 26,135 किलो गांजा और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। मेडिकल स्टोर सहित अन्य सप्लाई चेन की भी जाँच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता
एडीजी ने बताया कि मई-जून में भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई है। सीमा क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है और मामले की निगरानी केंद्रीय गृह मंत्रालय भी कर रहा है। गौरतलब है कि बिहार की नेपाल से लगती लंबी सीमा तस्करी और अवैध आवाजाही के लिए संवेदनशील मानी जाती है।
आगे क्या: ऑपरेशन विधि पालक युवक और पुलिस दीदी टीम
युवाओं को कानूनी जागरूकता देने के लिए ऑपरेशन विधि पालक युवक 21 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा। इसमें ट्रैफिकिंग, दहेज प्रताड़ना, पॉक्सो एक्ट, महिला अपराध और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम-1986 जैसे कानूनों की जानकारी दी जाएगी। डायल-112 सेवा का रिस्पांस टाइम घटाकर 10 मिनट कर दिया गया है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख स्थानों पर महिला सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) का गठन किया गया है, जो राज्य में महिला सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।