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बिहार राजस्व विभाग में 10 अधिकारियों पर कार्रवाई, अंजली कुमारी आनंद को बर्खास्त करने की अनुशंसा

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बिहार राजस्व विभाग में 10 अधिकारियों पर कार्रवाई, अंजली कुमारी आनंद को बर्खास्त करने की अनुशंसा

सारांश

बिहार सरकार ने राजस्व विभाग में एक साथ 10 अधिकारियों पर गाज गिराई है — जुलाई 2021 से अनुपस्थित समस्तीपुर की अंजली कुमारी आनंद को बर्खास्त करने की अनुशंसा सबसे कड़ा कदम है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय जाँच झेल रहे अधिकारियों की संख्या 42 पहुँच गई है।

मुख्य बातें

बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 10 अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई को 9 जून को मंजूरी दी।
समस्तीपुर की प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी अंजली कुमारी आनंद को जुलाई 2021 से अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई।
छपरा सदर, अस्थावां और पश्चिम चंपारण के तीन अधिकारियों को निन्दन दंड; बोधगया के अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकी गई।
मोकामा, हथुआ और गया के तीन अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय जाँच का सामना करने वाले अधिकारियों की कुल संख्या 42 हो गई है।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी।

बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में व्याप्त लापरवाही और अनियमितताओं पर शिकंजा कसते हुए 10 अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार, 9 जून को पटना से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए। इस कार्रवाई के बाद विभागीय जाँच का सामना कर रहे अधिकारियों की कुल संख्या बढ़कर 42 हो गई है।

सबसे कड़ी कार्रवाई: बर्खास्तगी की अनुशंसा

सर्वाधिक कठोर कदम समस्तीपुर में प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी रहीं अंजली कुमारी आनंद के विरुद्ध उठाया गया है। जुलाई 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यवाही में असहयोग के आरोप में उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि इससे पूर्व राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी के विरुद्ध भी इसी प्रकार की बर्खास्तगी की अनुशंसा की जा चुकी है।

अन्य अधिकारियों पर लगाए गए दंड

विभागीय आदेश के अनुसार, छपरा सदर की अंचल अधिकारी कुमारी आंचल, अस्थावां के अंचल अधिकारी रविन्द्र कुमार चौपाल तथा पश्चिम चंपारण के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार को निन्दन दंड दिया गया है। बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी अविनाश कुमार की एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकी गई है, जबकि मधेपुर की अंचल अधिकारी कौशिका कुमारी को औपचारिक चेतावनी जारी की गई है।

इसके अतिरिक्त, मोकामा के तत्कालीन अंचल अधिकारी ज्ञानीन्द्र, हथुआ के अंचल अधिकारी नारायण राजा और गया के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी संजीव कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए हैं। गया सदर के राजस्व अधिकारी राम कुमार रमन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है।

मंत्री जायसवाल का कड़ा संदेश

मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित के मामलों में लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और सरकारी निर्देशों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह कार्रवाई किसी अलग-थलग घटना का परिणाम नहीं है। इससे पहले विभाग 32 अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका है। ताज़ा आदेश के बाद कुल प्रभावित अधिकारियों की संख्या 42 पहुँच गई है, जो दर्शाता है कि विभागीय अनुशासन अभियान व्यापक और निरंतर है।

किन मामलों की हो रही है समीक्षा

विभाग के अनुसार, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, सरकारी भूमि संरक्षण, भू-अभिलेख, भू-हदबंदी और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। जाँच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 42 में से कितने मामलों में अंतिम दंड वास्तव में लागू हुआ। आरोप पत्र और अनुशंसाएँ विभागीय प्रक्रिया का पहला चरण मात्र हैं — अंजली कुमारी आनंद जुलाई 2021 से अनुपस्थित हैं, यानी लगभग चार साल बाद बर्खास्तगी की 'अनुशंसा' हुई, बर्खास्तगी नहीं। यह देरी उस प्रणालीगत सुस्ती को उजागर करती है जिसे ये कार्रवाइयाँ दूर करने का दावा करती हैं। जब तक दंड प्रक्रिया में तेज़ी और पारदर्शी सत्यापन नहीं होता, ये घोषणाएँ जवाबदेही से अधिक संदेश-प्रबंधन बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार राजस्व विभाग में किन 10 अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है?
9 जून को जारी आदेश में समस्तीपुर की अंजली कुमारी आनंद (बर्खास्तगी अनुशंसा), छपरा सदर की कुमारी आंचल, अस्थावां के रविन्द्र कुमार चौपाल, पश्चिम चंपारण के राकेश कुमार (निन्दन दंड), बोधगया के अविनाश कुमार (वेतन वृद्धि रोक), मधेपुर की कौशिका कुमारी (चेतावनी), मोकामा के ज्ञानीन्द्र, हथुआ के नारायण राजा, गया के संजीव कुमार (आरोप पत्र) और गया सदर के राम कुमार रमन (विभागीय कार्यवाही) शामिल हैं।
अंजली कुमारी आनंद के खिलाफ बर्खास्तगी की अनुशंसा क्यों की गई?
समस्तीपुर में प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी रहीं अंजली कुमारी आनंद जुलाई 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित हैं और विभागीय कार्यवाही में सहयोग नहीं कर रही थीं। इन दोनों आधारों पर उनके विरुद्ध सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है।
बिहार में अब तक कितने राजस्व अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई हो चुकी है?
ताज़ा 10 अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद कुल संख्या 42 हो गई है। इससे पहले विभाग 32 अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका था, और राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी के विरुद्ध भी बर्खास्तगी की अनुशंसा की जा चुकी थी।
राजस्व विभाग किन मामलों की समीक्षा कर रहा है?
विभाग दाखिल-खारिज, जमाबंदी, सरकारी भूमि संरक्षण, भू-अभिलेख, भू-हदबंदी और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा कर रहा है। जाँच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा है, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के मामलों में लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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