बिहार राजस्व विभाग में 10 अधिकारियों पर कार्रवाई, अंजली कुमारी आनंद को बर्खास्त करने की अनुशंसा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में व्याप्त लापरवाही और अनियमितताओं पर शिकंजा कसते हुए 10 अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार, 9 जून को पटना से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए। इस कार्रवाई के बाद विभागीय जाँच का सामना कर रहे अधिकारियों की कुल संख्या बढ़कर 42 हो गई है।
सबसे कड़ी कार्रवाई: बर्खास्तगी की अनुशंसा
सर्वाधिक कठोर कदम समस्तीपुर में प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी रहीं अंजली कुमारी आनंद के विरुद्ध उठाया गया है। जुलाई 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यवाही में असहयोग के आरोप में उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि इससे पूर्व राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी के विरुद्ध भी इसी प्रकार की बर्खास्तगी की अनुशंसा की जा चुकी है।
अन्य अधिकारियों पर लगाए गए दंड
विभागीय आदेश के अनुसार, छपरा सदर की अंचल अधिकारी कुमारी आंचल, अस्थावां के अंचल अधिकारी रविन्द्र कुमार चौपाल तथा पश्चिम चंपारण के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार को निन्दन दंड दिया गया है। बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी अविनाश कुमार की एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकी गई है, जबकि मधेपुर की अंचल अधिकारी कौशिका कुमारी को औपचारिक चेतावनी जारी की गई है।
इसके अतिरिक्त, मोकामा के तत्कालीन अंचल अधिकारी ज्ञानीन्द्र, हथुआ के अंचल अधिकारी नारायण राजा और गया के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी संजीव कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए हैं। गया सदर के राजस्व अधिकारी राम कुमार रमन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री जायसवाल का कड़ा संदेश
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित के मामलों में लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और सरकारी निर्देशों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह कार्रवाई किसी अलग-थलग घटना का परिणाम नहीं है। इससे पहले विभाग 32 अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर चुका है। ताज़ा आदेश के बाद कुल प्रभावित अधिकारियों की संख्या 42 पहुँच गई है, जो दर्शाता है कि विभागीय अनुशासन अभियान व्यापक और निरंतर है।
किन मामलों की हो रही है समीक्षा
विभाग के अनुसार, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, सरकारी भूमि संरक्षण, भू-अभिलेख, भू-हदबंदी और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। जाँच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।