बिनीश कोडियेरी ने पिता की चौथी पुण्यतिथि पर याद किया — 'पार्टी तुम्हारी तरफ से जवाब नहीं देगी'
सारांश
मुख्य बातें
सीपीआई(एम) के दिवंगत वरिष्ठ नेता कोडियेरी बालकृष्णन की चौथी पुण्यतिथि पर उनके बेटे बिनीश कोडियेरी ने गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को एक भावुक पोस्ट में याद किया कि जब उनके पिता को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जाँच सहित कई मामलों का सामना करना पड़ा था, तो उन्होंने पार्टी को ढाल बनाने से साफ इनकार कर दिया था। तिरुवनंतपुरम से सामने आई इस भावुक श्रद्धांजलि ने केरल के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
पिता का वह सबक जो जीवनभर याद रहा
बिनीश ने बताया कि ईडी मामले की शुरुआत में कोडियेरी ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा था — 'पार्टी तुम्हारी तरफ से जवाब नहीं देगी। मैं भी तुम्हारी तरफ से जवाब नहीं दूंगा। तुम्हें खुद जवाब देना होगा।'
उन्होंने पिता की बात आगे दोहराई — 'अगर पार्टी तुम्हारी तरफ से जवाब देती है, तो यह हमारे विरोधियों के लिए पार्टी पर हमला करने का हथियार बन जाएगा। तुम जितना ज्यादा सफाई दोगे, यह उतना ही ज्यादा चर्चा का विषय बनेगा।'
जेल में रहते हुए भी नहीं बदला रुख
बिनीश के अनुसार, जब वे खुद जेल में थे, तब भी कोडियेरी का यही कहना था कि उन्हें आरोपों का सामना अकेले करना चाहिए। बिनीश ने बताया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनके पिता से संपर्क कर जेल से रिहाई के बदले राजनीतिक समझौते का प्रस्ताव दिया, लेकिन कोडियेरी ने उसे ठुकरा दिया।
कोडियेरी के शब्दों में — 'अगर मेरे बेटे को जेल से बाहर आने के लिए आपसे हाथ मिलाना पड़े, तो उसे जीवनभर जेल में ही रहने दो।' बिनीश ने कहा कि समय के साथ इन शब्दों का उनके लिए गहरा अर्थ हो गया है।
कोडियेरी बालकृष्णन — एक राजनीतिक जीवन
कोडियेरी बालकृष्णन सीपीआई(एम) के पोलित ब्यूरो के पूर्व सदस्य थे। वे केरल के गृह मंत्री (2006–2011) और सीपीआई(एम) के राज्य सचिव भी रहे थे। उनकी राजनीतिक पहचान पार्टी अनुशासन और व्यक्तिगत जवाबदेही को अलग रखने की दृढ़ता के लिए भी जानी जाती थी।
वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में क्या है अर्थ
यह स्मरण ऐसे समय में सामने आया है जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीना विजयन से जुड़े सीएमआरएल-एक्सलॉजिक लेन-देन की ईडी जाँच केरल में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। ईडी ने इस मामले में आगे की कार्रवाई की माँग की है, जबकि पिनाराई ने आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज किया है।
बिनीश ने अपनी पोस्ट में इस मौजूदा विवाद का सीधे तौर पर कोई उल्लेख नहीं किया। गौरतलब है कि पार्टी को व्यक्तिगत मामलों से दूर रखने पर उनका बार-बार जोर एक ऐसे राजनीतिक माहौल में आया है जहाँ एक अन्य वरिष्ठ नेता के परिवार पर इसी तरह के आरोप हैं — और जहाँ पार्टी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
बिनीश का आत्म-मूल्यांकन
बिनीश ने कहा कि उन्होंने जीवनभर पिता की इस सीख का पालन किया। उनके शब्दों में — 'मैं गर्व से कह सकता हूँ कि मैंने उस सिद्धांत का पूरी तरह से पालन किया है।' उन्होंने माना कि यही कोडियेरी के राजनीतिक जीवन का सबसे अहम सबक था — कि न निजी मुश्किलें और न बेटे की जेल की सजा उन्हें पार्टी के रुख से समझौते पर विवश कर सकी।
केरल की राजनीति में यह प्रसंग आने वाले दिनों में और प्रासंगिक हो सकता है, क्योंकि ईडी की जाँच और पार्टी की जवाबदेही पर बहस अभी जारी है।