कोडियेरी बालकृष्णन की पत्नी का सीपीआई (एम) नेतृत्व पर बड़ा हमला, पिनाराई विजयन पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
केरल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई (एम)] की शीर्ष नेतृत्व संरचना एक बार फिर आंतरिक विवाद की चपेट में आ गई है। पार्टी के दिवंगत पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन की पत्नी विनोदिनी कोडियेरी ने एक इंटरव्यू में गंभीर आरोप लगाए हैं कि अक्टूबर 2022 में उनके पति के निधन के बाद से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने परिवार की कोई सुध नहीं ली। उनके इन बयानों को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।
चार वर्षों की चुप्पी पर परिवार का दर्द
विनोदिनी ने आरोप लगाया कि कोडियेरी बालकृष्णन के निधन के बाद बीते चार वर्षों में पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता ने परिवार का हाल-चाल जानने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और राज्य सचिव सहित पार्टी के किसी भी शीर्ष नेता ने एक बार भी संपर्क नहीं किया। यह खुलासा उन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए गहरा आघात है जो मानते थे कि संगठन अपने दिग्गज नेताओं के परिवारों के साथ सदैव खड़ा रहता है।
अंतिम इच्छा की अनदेखी का आरोप
विनोदिनी के अनुसार, कोडियेरी बालकृष्णन की अंतिम इच्छा तिरुवनंतपुरम स्थित पार्टी मुख्यालय लौटने और उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बीच अपने अंतिम दिन बिताने की थी, जिन्होंने उनके पूरे राजनीतिक जीवन में उनका साथ दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजधानी तक अंतिम यात्रा का जुलूस और एकेजी सेंटर पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा — जिसमें हज़ारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हो सकते थे — नेतृत्व के कुछ वर्गों द्वारा कथित तौर पर जानबूझकर टाल दी गई। परिवार को आज भी इस बात का गहरा मलाल है कि जिस नेता ने दशकों तक पार्टी संगठन को खड़ा किया, उन्हें उनके समर्थकों से वह भावभीनी विदाई नहीं मिल सकी।
वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य पर निशाना
विनोदिनी ने यह भी आरोप लगाया कि केरल में एक महत्वपूर्ण पद पर आसीन एक वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य ने बार-बार संपर्क करने की कोशिशों के बावजूद उनके फोन कॉल का जवाब तक नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उस नेता ने उन्हें इसलिए नज़रअंदाज़ किया, क्योंकि उन्हें लगा कि वह किसी निजी लाभ के लिए संपर्क कर रही हैं। विनोदिनी ने स्पष्ट किया कि परिवार ने कभी कोई सिफारिश या व्यक्तिगत फायदा नहीं माँगा — उनकी पीड़ा केवल उस कृतज्ञताहीन व्यवहार को लेकर है जो एक समर्पित नेता के परिवार के साथ किया गया।
बेटे की राजनीतिक वापसी से नहीं है संबंध
विनोदिनी ने इन आरोपों को अपने बेटे की पार्टी में संभावित राजनीतिक वापसी से जोड़े जाने की आशंका को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना का केंद्र किसी पारिवारिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति नहीं, बल्कि उस नेता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की माँग है जिसने अपना संपूर्ण जीवन कम्युनिस्ट आंदोलन को समर्पित कर दिया। यह स्पष्टीकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी के भीतर कुछ हलकों में इन बयानों की यही व्याख्या की जा रही थी।
सीपीआई (एम) में आंतरिक बहस तेज़
विनोदिनी के इन खुलासों ने सीपीआई (एम) के भीतर नई बहस छेड़ दी है। गौरतलब है कि कोडियेरी बालकृष्णन केरल में पार्टी के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में से एक थे, जिनका जनाधार संगठन के आधार तक गहरी पैठ रखता था। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है और नेतृत्व के भीतर एकजुटता का प्रदर्शन उसकी प्राथमिकता है। आलोचकों का कहना है कि इस विवाद से पार्टी की 'अनुशासन और एकता' की छवि को नुकसान पहुँच सकता है।