भाजपा विधायक ने कहा-पाकिस्तान अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने में असमर्थ, युद्ध क्या रोक पाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान आतंकवादी समूहों का समर्थन करता है।
- भारत युद्ध रोकने के लिए प्रयासरत है।
- पाकिस्तान के आंतरिक मुद्दे उसके लिए चुनौती हैं।
- शांति वार्ता में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- भाजपा विधायक युद्ध के खिलाफ हैं।
जम्मू, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा विधायक सुनील भारद्वाज और बलवंत सिंह मनकोटिया ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी संगठनों को दिए जा रहे समर्थन और अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
हाल ही में एक अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान कई सशस्त्र आतंकवादी समूहों का संचालन कर रहा है, जिनमें से कई 1980 के दशक से सक्रिय हैं।
भाजपा विधायक सुनील भारद्वाज ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "हाल की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाने वाली फैक्ट्री के रूप में दर्शाया गया है। यह एक ऐसा तथ्य है जो दुनिया के सामने स्पष्ट है कि पाकिस्तान इस तरह का नेटवर्क चलाता है। पाकिस्तान अपने आंतरिक और दूरस्थ मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय भारत विरोधी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसे अस्थिर करने का प्रयास करता रहता है। पाकिस्तान एक असफल राष्ट्र है, जहाँ के नागरिक रोजमर्रा की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा, "मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का समाधान वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है, और भारत इसके लिए लगातार प्रयासरत है। पाकिस्तान, जो अपने देश की समस्याओं का समाधान करने में असफल है और आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त है, वह अमेरिका-ईरान वार्ता में कोई सकारात्मक भूमिका कैसे निभा सकता है।"
वहीं, भाजपा विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने पाकिस्तान में घुसकर हमला किया था, और अगर कोई आतंकी संगठन या पाकिस्तान फिर से भारत को निशाना बनाने की कोशिश करेगा, तो हम उन्हें उसी तरह जवाब देंगे।"
पीडीपी विधायक आगा मुंतजिर मेहदी ने कहा, "खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के समाधान में यदि कोई देश सहयोग करता है, तो यह अच्छी बात है। इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।"
ईरान वार्ता के लिए पाकिस्तान की मेजबानी पर नेशनल कांफ्रेस विधायक तनवीर सादिक ने कहा, "शांति के लिए समझौते पर भारत ही बातचीत कर सकता है। भारत के इजरायल, अमेरिका और ईरान के साथ अच्छे रिश्ते हैं। मुझे लगता है कि इन रिश्तों के चलते भारत युद्ध को रुकवाने में सक्षम हो सकता है।"