भाजपा सांसद <b>शशांक मणि</b> ने <b>अखिलेश यादव</b> के <b>पीडीए</b> पर बयान पर साधा निशाना
सारांश
Key Takeaways
- शशांक मणि ने अखिलेश यादव के पीडीए पर बयान को चुनौती दी।
- पीडीए की परिभाषा को लेकर असंजस।
- उत्तर प्रदेश में विकास की बात की गई।
- केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती।
- राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का बढ़ता माहौल।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा सांसद शशांक मणि ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाईयों को केवल पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक (पीडीए) ही नजर आता है, लेकिन सियासत में गर्मी बढ़ गई है। शशांक मणि ने कहा कि अखिलेश यादव को खुद पीडीए की परिभाषा का ज्ञान नहीं है, तो वे दूसरों को क्या समझा रहे हैं।
सांसद शशांक मणि ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "अखिलेश यादव पीडीए, जाति और इससे जुड़े मुद्दों की स्पष्ट परिभाषा नहीं दे पा रहे हैं। एक दिन वे पीडीए की एक परिभाषा देते हैं और दूसरे दिन उसका आकलन अलग तरीके से करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निरंतर विकास हो रहा है। जनता मुख्यमंत्री के कार्यों से संतुष्ट है। उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है और लोगों में सुख-समृद्धि का माहौल है। हम एक विकसित राज्य की ओर बढ़ रहे हैं।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए शशांक मणि ने कहा कि उन्हें पता है कि अब उनके सत्ता में लौटने की संभावना नहीं है। इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं। पहले उन्हें पीडीए की परिभाषा जान लेनी चाहिए, फिर कुछ कहना चाहिए।
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती पर शशांक मणि ने कहा, "मैं हरदीप सिंह पुरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निर्मला सीतारमण को बधाई देना चाहता हूं। इस समय वैश्विक स्थिति में कई बदलाव आए हैं। होर्मुज में संघर्ष जारी है, जिसके कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन इस सरकार ने आम लोगों के लिए इन कीमतों पर एक सीमा तय की है। मैं इस प्रयास की सराहना करता हूं।"
अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि भाजपा नेताओं को सिर्फ पीडीए ही नजर आ रहा है। उन्हें संदेह है कि अब वे सत्ता से बाहर हो रहे हैं। विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर होने के बाद अपने कुकर्मों की सजा से डरकर ये पीडीए का नाम सुनते ही थर-थर कांपने लगे हैं।