राम मंदिर चंदा घोटाले पर रोहित पवार का BJP पर हमला: 'ना खाएंगे, ना खाने देंगे' का वादा खोखला निकला
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने बुधवार, 19 अगस्त को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भ्रष्टाचार के मोर्चे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद को केंद्र में रखते हुए कहा कि BJP का 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' का नारा महज एक राजनीतिक छलावा साबित हुआ है।
'ना खाएंगे' का नारा और ज़मीनी हकीकत
2014 में सत्ता में आने से पहले BJP ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़े रुख का संदेश देते हुए यह नारा बुलंद किया था। रोहित पवार ने कहा कि इस नारे के ज़रिए पार्टी ने आम जनता को यह भरोसा दिलाया था कि वह किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी। लेकिन उनके अनुसार, कई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
राम मंदिर चंदा विवाद: ₹1,500 करोड़ के घोटाले का आरोप
रोहित पवार ने कहा कि देश की जनता ने सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद चंदा एकत्रित कर अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का सपना साकार किया था। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों के अनुसार इस चंदे में करीब ₹1,500 करोड़ का घोटाला हुआ है। यह आरोप उन्होंने स्थानीय लोगों के हवाले से लगाए, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर समिति में BJP के विचारों के अनुरूप काम करने वाले लोग शामिल थे। जब मामला सार्वजनिक हुआ, तो समिति के सदस्यों को पहले निलंबित किया गया और फिर इस्तीफा देना पड़ा।
SIT जांच और क्लीनचिट पर सवाल
पवार ने बताया कि इस विवाद के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के बाद समिति के सदस्यों को क्लीनचिट दे दी गई। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एक ऐसे तंत्र की ओर इशारा करती है जहाँ जाँच करने वाले और जाँच के दायरे में आने वाले एक ही विचारधारा के होते हैं।
महाराष्ट्र में 'रूल ऑफ बिजनेस' बदलाव पर चिंता
रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा 'रूल ऑफ बिजनेस' में किए गए बदलाव पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, पहले मंत्री अपने स्तर पर फाइलों और नियमों में बदलाव कर सकते थे, लेकिन नए बदलाव के बाद जो चीजें पहले अनाधिकारिक थीं, उन्हें आधिकारिक दर्जा दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब यह देखना होगा कि एकनाथ शिंदे के निर्णयों पर मुख्यमंत्री की ओर से कोई हस्तक्षेप होता है या नहीं।
2029 चुनाव और BJP की रणनीति पर आरोप
पवार ने आरोप लगाया कि BJP ने स्पेशल इंटेलिजेंस रिपोर्ट (SIR) के माध्यम से राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने की कोशिश की और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के वोट काटने का काम किया। उन्होंने कहा कि BJP अब 2029 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर पूरे राजनीतिक परिदृश्य को अनुकूल बनाने में जुटी है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता इन सब मुद्दों पर अपना फैसला सुनाएगी।