10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा 38 सीटों के साथ बहुमत की दहलीज पर, विपक्ष में नेता पद को लेकर घमासान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा 38 सीटों के साथ बहुमत की दहलीज पर, विपक्ष में नेता पद को लेकर घमासान

सारांश

महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा की 35 सीटें और राज्यपाल मनोनयन के बाद संभावित 38 — बहुमत से बस एक कदम दूर। वर्ष के अंत के चुनाव पार्टी को अकेले पूर्ण बहुमत दिला सकते हैं। उधर, विपक्ष नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर आपस में उलझा है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा के पास अकेले 35 सीटें हैं; राज्यपाल मनोनयन के बाद यह संख्या 38 तक पहुँच सकती है।
78 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 39 सीटें चाहिए — भाजपा बहुमत से केवल एक सीट दूर होगी।
शेष 5 राज्यपाल मनोनीत सीटों में से 3 भाजपा , 1 शिवसेना (शिंदे) और 1 NCP (अजीत पवार) को मिलने की संभावना।
निर्दलीय गोकुल गीते शिंदे की शिवसेना में शामिल; पार्टी की सीटें बढ़कर 12 हुईं।
अध्यक्ष पद पर राम शिंदे (भाजपा) ; उपाध्यक्ष पद पर डॉ.
नीलम गोरहे की वापसी की प्रबल संभावना।
कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रतिपक्ष पद पर आपस में भिड़े; मौजूदा सत्र में सहमति की उम्मीद नहीं।

महाराष्ट्र विधान परिषद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ऐतिहासिक बहुमत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। 23 जून 2026 तक 73 सक्रिय सदस्यों वाले ऊपरी सदन में भाजपा के पास अकेले 35 सीटें हैं, और राज्यपाल द्वारा मनोनयन की प्रक्रिया पूरी होने पर यह संख्या 38 तक पहुँचने की संभावना है — जो 78 सदस्यीय सदन में साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 39 सीटों से केवल एक कम है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के पद को लेकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच तीखी खींचतान जारी है।

सदन की मौजूदा स्थिति

78 सदस्यीय महाराष्ट्र विधान परिषद में साधारण बहुमत के लिए 39 सीटें आवश्यक हैं। मई 2026 में राज्य विधानसभा के माध्यम से 9 सदस्यों की नियुक्ति और इसके बाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों से 17 सदस्यों के चुने जाने से सदन की सक्रिय संख्या 47 से बढ़कर 73 हो गई है। गौरतलब है कि महज दो महीने पहले सदन की संख्या इतनी कम थी कि कई विधायी कार्य अटके हुए थे।

राज्यपाल द्वारा परंपरागत रूप से मनोनीत की जाने वाली 12 सीटों में से 7 सीटें पहले ही भरी जा चुकी हैं। शेष 5 रिक्त सीटों के बंटवारे को लेकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर चर्चाओं के अनुसार भाजपा को 3 सीटें, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एक-एक सीट मिलने की संभावना है।

भाजपा की बढ़त और आगे की राह

यदि राज्यपाल द्वारा मनोनयन की यह प्रक्रिया संपन्न होती है, तो भाजपा की सीटें 35 से बढ़कर 38 हो जाएंगी — पूर्ण बहुमत से केवल एक सीट की दूरी पर। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस वर्ष के अंत में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव भाजपा के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। यदि पार्टी इन 5 सीटों में से 3 सीटें भी जीत लेती है, तो उसकी कुल संख्या 40 से अधिक हो जाएगी और वह अकेले पूर्ण बहुमत के साथ सदन में होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र विधान परिषद का तेज़ विस्तार हो रहा है और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन अपनी विधायी पकड़ मजबूत करने में जुटा है। किसी भी विधायी विधेयक को पारित करना भाजपा के लिए अब प्रभावी रूप से सुगम हो गया है।

गठबंधन में नए समीकरण

नासिक स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज करने वाले गोकुल गीते ने आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया है, जिससे पार्टी की विधान परिषद में सदस्य संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

अध्यक्ष पद पर पहले से भाजपा के राम शिंदे काबिज हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए इस सप्ताह निर्णय आने की संभावना है, और शिंदे गुट की शिवसेना की डॉ. नीलम गोरहे के इस पद पर वापसी की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

विपक्ष में नेता पद पर घमासान

जहाँ एक ओर सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी स्थिति सुदृढ़ कर रहा है, वहीं विपक्ष आंतरिक कलह में उलझा हुआ है। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) दोनों ने नेता प्रतिपक्ष के रिक्त पद पर अपना दावा ठोका है। मौजूदा सत्र के शुरुआती दिनों में इस पद पर कोई सहमति बनने की संभावना नहीं दिख रही, जिससे विपक्षी खेमे की एकता पर सवाल उठने लगे हैं।

आगे क्या होगा

राज्यपाल द्वारा शेष 5 मनोनयन की समयसीमा अभी तय नहीं है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे जल्द पूरा होने की उम्मीद है। वर्ष के अंत में होने वाले स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव महाराष्ट्र विधान परिषद की शक्ति-संरचना को अंतिम रूप देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब राज्यपाल मनोनयन और उपचुनाव दोनों ही भाजपा के पक्ष में झुकते दिख रहे हैं। विपक्ष की असली कमज़ोरी यह है कि जब सत्ता पक्ष संगठित है, तब कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रतिपक्ष जैसे प्रतीकात्मक पद पर आपस में उलझी हैं — जो विपक्षी एकता की खोखली हकीकत उजागर करता है। यदि वर्ष के अंत के चुनावों में भाजपा को अपेक्षित सीटें मिलती हैं, तो महाराष्ट्र का ऊपरी सदन व्यावहारिक रूप से एकपक्षीय हो जाएगा — और विधायी जवाबदेही का सवाल और गहरा हो जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा की मौजूदा स्थिति क्या है?
23 जून 2026 तक 73 सक्रिय सदस्यों वाले सदन में भाजपा के पास अकेले 35 सीटें हैं। राज्यपाल द्वारा शेष 5 मनोनयन में से 3 भाजपा को मिलने की संभावना है, जिससे पार्टी की सीटें 38 हो जाएंगी — 78 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए आवश्यक 39 से केवल एक कम।
महाराष्ट्र विधान परिषद में बहुमत के लिए कितनी सीटें चाहिए?
78 सदस्यीय महाराष्ट्र विधान परिषद में साधारण बहुमत के लिए 39 सीटें आवश्यक हैं। भाजपा राज्यपाल मनोनयन के बाद 38 सीटों पर पहुँच सकती है और वर्ष के अंत के द्विवार्षिक चुनावों में 3 सीटें जीतकर 40 से अधिक सीटों के साथ अकेले पूर्ण बहुमत हासिल कर सकती है।
विपक्ष में नेता प्रतिपक्ष पद को लेकर विवाद क्यों है?
कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) दोनों ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रिक्त पद पर अपना दावा ठोका है। मौजूदा सत्र के शुरुआती दिनों में इस पर कोई सहमति बनने की संभावना नहीं है, जो विपक्षी गठबंधन की आंतरिक कलह को उजागर करता है।
महाराष्ट्र विधान परिषद में सदस्य संख्या इतनी तेज़ी से कैसे बढ़ी?
दो महीने पहले सदन में केवल 47 सक्रिय सदस्य थे। मई 2026 में राज्य विधानसभा के माध्यम से 9 सदस्यों की नियुक्ति और स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों से 17 सदस्यों के चुने जाने से सक्रिय संख्या बढ़कर 73 हो गई।
महाराष्ट्र विधान परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कौन हैं?
अध्यक्ष पद पर भाजपा के राम शिंदे पहले से काबिज हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए इस सप्ताह निर्णय अपेक्षित है और शिंदे गुट की शिवसेना की डॉ. नीलम गोरहे के इस पद पर वापसी की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले