भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता: विपक्षी दलों को तुष्टिकरण की राजनीति से सावधान रहना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी के बयान की भाजपा प्रवक्ता ने आलोचना की।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर देश में आक्रोश है।
- तुष्टिकरण की राजनीति से बचने की आवश्यकता है।
- किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा करने की बात।
- आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।
अहमदाबाद, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने एआई समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ‘बब्बर शेर’ करार दिया है।
गुप्ता ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी एआई समिट में विरोध प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को इस तरह से वर्णित कर रहे हैं, जबकि समस्त देश इस कार्य की आलोचना कर रहा है। उनके पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्य भी स्वीकार कर चुके हैं कि ऐसा करना अनुचित था, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम था, जिसमें विश्वभर से लोग शामिल हुए थे। यह भारत की प्रतिष्ठा का प्रश्न था, और इस तरह के कार्य ने हमारी साख को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि इस घटना से किसी एक पार्टी की छवि को नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि यह देश की छवि पर गहरा आघात है, जो पूरी तरह से गलत है। अब जब कांग्रेस का वास्तविक चेहरा सामने आ चुका है, तो वे अपनी छवि को बचाने के लिए अलग-अलग तर्क पेश कर रहे हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यूएस ट्रेड को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा इस संदर्भ में लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं कि इससे आम जनता और किसानों के हितों को नुकसान पहुँच सकता है। वे हमसे एक भी सबूत पेश करने को कहें, जिससे यह साबित हो सके कि किसानों और आम लोगों के हितों को कोई खतरा है।
उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स के मामले में पूरी सच्चाई सामने आ चुकी है, फिर भी कांग्रेस वही पुरानी बातें कह रही है। अगर कांग्रेस आज माफी मांग लेती, तो शायद देश उन्हें माफ कर देता। लेकिन, जिस तरह से इसे जस्टिफाई किया जा रहा है, वह गलत है। अब कांग्रेस में एक नए युग का आरंभ हो रहा है।
आतंकवाद पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जब आतंकवाद में कोई अपना धर्म खोजने लगता है, तो यह तुष्टिकरण की राजनीति की शुरुआत होती है। पहले भी विपक्षी दलों से ऐसे बयान आ चुके हैं कि आतंकवाद में युवा भटके हुए हैं। आतंकवाद, आतंकवाद है। क्या हम निर्दोषों की हत्या होते रहने देंगे? क्या तुष्टिकरण की राजनीति इतनी बड़ी है कि कोई हत्या करके चला जाए और हम चुप रहें? अब कांग्रेस की सरकार नहीं है कि कुछ हो जाए, तो हम चुप रहेंगे। अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम बिना किसी हिचकिचाहट के उसे सबक सिखाएंगे। हम अपने समाज में किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं कर सकते। एक सभ्य समाज में ऐसी स्थिति को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारेंगे, क्योंकि यह नया भारत है, जहाँ आतंकवाद को माकूल जवाब दिया जाता है। विपक्षी दलों को तुष्टिकरण की राजनीति से बचना होगा।
उन्होंने एआई इंपैक्ट समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि उनके ही साथी नेता इस कृत्य का विरोध कर रहे हैं। लेकिन, अफसोस की बात है कि कांग्रेस अपनी खामियों को पहचान नहीं पा रही है। इस घटना के बाद देश के लोगों में कांग्रेस के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आप विपक्षी दल हैं, तो आपको सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। लेकिन, आपको यह ध्यान रखना होगा कि देश की प्रतिष्ठा पर कोई आंच नहीं आए। अगर आप देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, तो लोग आपको स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व के कई नेताओं ने अपने बयान जारी किए। ऐसी स्थिति में हमें एकजुट होकर देश के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।