एआई समिट पर विवाद: अमित मालवीय ने राहुल गांधी और कांग्रेस की नीतियों पर उठाए सवाल

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एआई समिट पर विवाद: अमित मालवीय ने राहुल गांधी और कांग्रेस की नीतियों पर उठाए सवाल

सारांश

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने एआई समिट के विवादास्पद प्रदर्शन का समर्थन किया। क्या कांग्रेस ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है?

Key Takeaways

  • राहुल गांधी का विवादास्पद प्रदर्शन का समर्थन
  • भारत की छवि पर प्रभाव
  • नेहरू का दृष्टिकोण और ऐतिहासिक उदाहरण
  • राष्ट्रीय पहचान और निष्ठा के मुद्दे
  • कांग्रेस की राजनीतिक जिम्मेदारियां

नई दिल्ली, १० मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और यूथ कांग्रेस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए विवादास्पद प्रदर्शन का समर्थन किया और उस पर गर्व का इज़हार किया।

मालवीय ने राहुल गांधी का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'कर दिया काम यूथ कांग्रेस वालों ने।' उनका दावा है कि यह टिप्पणी तब की गई जब यूथ कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने एआई समिट के दौरान शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया और कार्यक्रम में व्यवधान डाला। अमित मालवीय ने कहा कि ऐसे प्रदर्शन से भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि जब दुनिया के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और इनोवेटर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए थे, तब कांग्रेस ने भारत का प्रतिनिधित्व करने का सबसे उचित तरीका अराजकता और अशोभनीय प्रदर्शन क्यों चुना। मालवीय ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

मालवीय ने इस मुद्दे को देश की राजनीतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें कांग्रेस अपना वैचारिक आधार मानती है, ने राष्ट्रीय चरित्र और निष्ठा के प्रश्न पर बिल्कुल अलग दृष्टिकोण अपनाया था।

उन्होंने १९५० के दशक की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि जब महाराजा यशवंतराव होलकर द्वितीय का निधन हुआ, तब इंदौर की गद्दी के उत्तराधिकार का सवाल उठा। इसमें यह विवाद था कि क्या उनकी अमेरिकी पत्नी से जन्मे बेटे रिचर्ड होलकर को होलकर वंश की विरासत मिलनी चाहिए।

मालवीय ने कहा कि उस समय के नेताओं में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और सरदार वल्लभभाई पटेल भी शामिल थे। चर्चा के बाद, पंडित नेहरू ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उत्तराधिकारी वही होना चाहिए जो भारतीय मां से जन्मा हो। अंततः सरकार ने महाराजा की भारतीय पत्नी से जन्मी राजकुमारी उषा देवी राजे साहिब होलकर को होलकर वंश की वैध उत्तराधिकारी के रूप में मान्यता दी। बाद में नेहरू ने लिखा कि उनकी मान्यता इसलिए हुई क्योंकि वह जन्म से ही होलकर वंश का हिस्सा थीं।

अमित मालवीय ने कहा कि यह उदाहरण यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय पहचान और निष्ठा केवल विचार नहीं हैं, बल्कि वे मूल और जुड़ाव से गहराई से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि अगर खुद नेहरू मानते थे कि विदेशी मूल से जन्मा व्यक्ति देश की जिम्मेदारी उठाने के योग्य नहीं है, तो कांग्रेस को नेहरू की बात समझने में दिक्कत क्यों हो रही है। मालवीय ने कहा कि शायद इसी वजह से आज कांग्रेस देश की गरिमा की रक्षा करने के बजाय दुनिया के सामने भारत को शर्मिंदा करने वाले प्रदर्शनों पर गर्व कर रही है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक दलों को ऐसे प्रदर्शनों से बचना चाहिए जो देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। यह समय है जब सभी दल मिलकर देश की गरिमा को बनाए रखें।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

एआई समिट पर प्रदर्शन का कारण क्या था?
यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने प्रदर्शन किया था, जिसका समर्थन राहुल गांधी ने किया।
अमित मालवीय ने किस पर आरोप लगाया?
उन्होंने राहुल गांधी और यूथ कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने विवादास्पद प्रदर्शन का समर्थन किया।
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