क्या बोन मैरो हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है? आयुर्वेदिक औषधियों से कैसे मिलेगी ताकत?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। शरीर का 'साइलेंट हीरो' कहलाने वाला बोन मैरो (अस्थि मज्जा) हड्डियों के अंदर स्थित स्पंजी ऊतक है, जो न सिर्फ रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, बल्कि हड्डियों को पोषण और मजबूती भी प्रदान करता है। आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद दोनों में इसका अत्यधिक महत्व है।
खून की कमी, कमजोर इम्यूनिटी या हड्डियों की कमजोरी के पीछे अक्सर बोन मैरो की सेहत जिम्मेदार होती है। बोन मैरो के दो प्रकार होते हैं: लाल मज्जा और पीला मज्जा। लाल मज्जा, लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स का निर्माण करता है, जबकि पीला मज्जा मुख्यतः वसा संग्रह करता है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर लाल मज्जा में परिवर्तित होकर रक्त निर्माण में सहायता करता है।
बोन मैरो प्रतिदिन 50 अरब से अधिक नई रक्त कोशिकाएं बनाता है, रोग प्रतिरक्षा तंत्र की नींव रखता है और इमरजेंसी में रक्तस्राव की भरपाई करता है। बचपन में सभी हड्डियों में लाल मज्जा होता है, जो उम्र के बढ़ने पर पीले में परिवर्तित हो जाता है। इस पर कई रिसर्च हो चुकी हैं और यह दर्शाती हैं कि बोन मैरो मस्तिष्क की सूजन को भी प्रभावित कर सकता है और भविष्य में स्टेम सेल थेरेपी का आधार बनेगा।
बोन मैरो को पोषण न मिलने पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें एप्लास्टिक एनीमिया, ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर), मायलोफाइब्रोसिस और थैलेसीमिया जैसी बीमारियां शामिल हैं। विटामिन बी12, आयरन या फोलेट की कमी से बोन मैरो कमजोर हो जाता है।
बोन मैरो को मजबूत रखने के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन लाभकारी हो सकता है। आयुर्वेद में बोन मैरो को मज्जा धातु कहा गया है, जो हड्डियों के अंदर पोषक तत्व प्रदान करती है।
चरक संहिता के अनुसार, वात दोष की वृद्धि और पोषण की कमी इसके कमजोर होने का कारण है। मज्जा धातु को स्वस्थ बनाए रखने के लिए गिलोय, अश्वगंधा, शतावरी, अनार, चुकंदर, घी और दूध का सेवन श्रेष्ठ माना गया है। ये औषधियां इम्यूनिटी को बढ़ावा देती हैं, रक्त निर्माण में मदद करती हैं और हड्डियों को मजबूत बनाती हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि संतुलित आहार और आयुर्वेदिक औषधियों से बोन मैरो स्वस्थ रहता है, जिससे हड्डियां मजबूत और शरीर ऊर्जावान बना रहता है। किसी भी समस्या में डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।