7 नवंबर 2026
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ई20 पेट्रोल विवाद: बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कहा — कर्नाटक में 26-31% एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

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ई20 पेट्रोल विवाद: बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कहा — कर्नाटक में 26-31% एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

सारांश

कर्नाटक में ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद पर बीपीसीएल और एचपीसीएल ने 7 नवंबर को स्पष्टीकरण जारी करते हुए 26-31% एथेनॉल मिश्रण के दावे खारिज किए। 893 नमूनों की जाँच में सभी निर्धारित 19-21% मानक के अनुरूप मिले; तीनों तेल कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ संयुक्त जाँच की माँग की।

मुख्य बातें

बीपीसीएल और एचपीसीएल ने 7 नवंबर 2026 को कहा कि कर्नाटक में ई20 पेट्रोल में 26-31% एथेनॉल मिश्रण के दावे निर्धारित परीक्षण मानकों पर आधारित नहीं हैं।
27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लिए गए 893 नमूने — जिनमें कर्नाटक के 56 नमूने शामिल — सभी 19-21% मिश्रण सीमा के अनुरूप पाए गए।
एथेनॉल मिश्रण प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और कैलिब्रेटेड है; ईंधन आईएस 17021 मानक के तहत जाँचा जाता है।
आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कर्नाटक सरकार के साथ संयुक्त और पारदर्शी परीक्षण की माँग की है।
दोनों कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपुष्ट सोशल मीडिया दावों से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की।

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने 7 नवंबर 2026 को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल में 26 से 31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण होने के दावे निर्धारित परीक्षण मानकों पर आधारित नहीं हैं। दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने कहा कि आधिकारिक जाँच में इन दावों की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

नमूना परीक्षण के परिणाम

बीपीसीएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने बयान में बताया कि देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लिए गए कुल 893 नमूनों की जाँच की गई, जिनमें कर्नाटक के 56 नमूने भी शामिल थे। कंपनी के अनुसार, सभी नमूने निर्धारित 19 से 21 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की सीमा के अनुरूप पाए गए।

एचपीसीएल ने भी इसी निष्कर्ष को दोहराते हुए कहा कि देशभर से लिए गए सभी 893 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं और कर्नाटक से जुड़ी अधिक मिश्रण की खबरें वैज्ञानिक परीक्षण प्रक्रिया से प्रमाणित नहीं हैं।

मिश्रण प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित

बीपीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रण की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और कैलिब्रेटेड है। रिफाइनरियों और डिपो में यह कार्य मशीनों के ज़रिए होता है, मैन्युअल हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। बाज़ार में ईंधन भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता की जाँच आईएस 17021 मानक के अनुसार की जाती है।

गौरतलब है कि ई20 पेट्रोल केंद्र सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत 2025 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा गया था। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब देशभर में ई20 की उपलब्धता का दायरा तेज़ी से बढ़ रहा है।

संयुक्त जाँच की माँग

एचपीसीएल ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), बीपीसीएल और एचपीसीएल ने मिलकर कर्नाटक राज्य सरकार के साथ संयुक्त और पारदर्शी परीक्षण की माँग की है। कंपनियों का तर्क है कि इससे इस मुद्दे पर स्वतंत्र और वैज्ञानिक रूप से सत्यापित आकलन संभव होगा।

यह माँग महत्त्वपूर्ण है क्योंकि अब तक विवाद सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों पर टिका है। आलोचकों का कहना है कि संयुक्त जाँच से ही इस मामले में अंतिम स्पष्टता मिलेगी।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

दोनों कंपनियों ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट दावों से प्रभावित न हों। कंपनियों ने ईंधन की गुणवत्ता, नियामकीय अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

यह विवाद तब तक अनसुलझा रहेगा जब तक राज्य सरकार के साथ प्रस्तावित संयुक्त परीक्षण के परिणाम सामने नहीं आते — जो इस मुद्दे की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब तीनों प्रमुख तेल कंपनियाँ संयुक्त जाँच की माँग कर रही हैं, तो कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं है। 893 नमूनों में से महज 56 नमूने कर्नाटक के हैं — यह अनुपात राज्य की व्यापकता को देखते हुए पर्याप्त है या नहीं, यह भी विचारणीय है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों को महज 'भ्रामक' कहना पर्याप्त नहीं; उपभोक्ता विश्वास तभी बहाल होगा जब राज्य-केंद्र संयुक्त जाँच के नतीजे पारदर्शी तरीके से सामने आएँगे।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई20 पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण का निर्धारित मानक क्या है?
भारत में ई20 पेट्रोल के लिए निर्धारित एथेनॉल मिश्रण की सीमा 19 से 21 प्रतिशत है, जो आईएस 17021 मानक के अंतर्गत आती है। बीपीसीएल और एचपीसीएल के अनुसार, जाँचे गए सभी 893 नमूने इसी सीमा के अनुरूप पाए गए।
कर्नाटक में 26-31% एथेनॉल मिश्रण के दावे क्यों उठे?
कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर ई20 ईंधन में अत्यधिक एथेनॉल मिश्रण के दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, जिनसे उपभोक्ताओं में चिंता फैली। बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कहा है कि ये दावे निर्धारित परीक्षण प्रक्रिया पर आधारित नहीं हैं और आधिकारिक जाँच में इनकी पुष्टि नहीं हुई।
संयुक्त परीक्षण की माँग क्यों की गई है?
आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कर्नाटक सरकार के साथ संयुक्त और पारदर्शी परीक्षण की माँग इसलिए की है ताकि इस मुद्दे का स्वतंत्र और वैज्ञानिक रूप से सत्यापित आकलन हो सके। इससे उपभोक्ताओं और सरकार दोनों को विश्वसनीय जानकारी मिलेगी।
ई20 पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण कैसे होता है?
एथेनॉल मिश्रण की प्रक्रिया रिफाइनरियों और डिपो में पूरी तरह स्वचालित और कैलिब्रेटेड मशीनों के ज़रिए होती है, न कि मैन्युअल रूप से। ईंधन को बाज़ार में भेजने से पहले आईएस 17021 मानक के अनुसार उसकी गुणवत्ता जाँची जाती है।
उपभोक्ता ई20 पेट्रोल की सही जानकारी कहाँ से प्राप्त करें?
बीपीसीएल और एचपीसीएल ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे केवल कंपनियों के आधिकारिक स्रोतों और सरकारी चैनलों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट दावों से प्रभावित न हों।
राष्ट्र प्रेस
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