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क्या बीएसएफ दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है?

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क्या बीएसएफ दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में बीएसएफ जवान घने कोहरे के बावजूद चौकसी बरत रहे हैं। उनकी तत्परता से दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। जानिए इस ऑपरेशन सिंदूर के बारे में और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

बीएसएफ जवान घने कोहरे में भी सतर्क हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत कड़ी कार्रवाई की गई।
पाकिस्तान के नेताओं ने भारतीय कार्रवाई की सराहना की।
बीएसएफ नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जवान 24 घंटे सतर्क रहते हैं।

जम्मू, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़े अखनूर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान घने कोहरे के बावजूद निरंतर गश्त कर रहे हैं ताकि हर चुनौती का सामना कर सकें। जवान पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा पार से होने वाली किसी भी साजिश को विफल करने के लिए तैयार हैं।

बातचीत के दौरान, सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों ने कहा कि वे हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं, चाहे वह घना कोहरा हो या कोई अन्य खतरा। उन्होंने यह भी कहा कि वे दुश्मन देश से आने वाली किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 24 घंटे सजग रहते हैं।

जवानों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि हाल के दिनों में दुश्मन देश ने भारत पर हमला करने का प्रयास किया था, जिसका ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रभावी जवाब दिया गया। इस ऑपरेशन में रक्षा की पहली पंक्ति ने कड़ी कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर होना पड़ा। परिणामस्वरूप, पाकिस्तान के राष्ट्रपति और उप प्रधानमंत्री दोनों ने इस कार्रवाई की सराहना की।

बीएसएफ कर्मियों ने देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सीमाओं पर इसलिए तैनात हैं ताकि नागरिक सुरक्षित वातावरण में नव वर्ष मना सकें। उन्होंने कहा कि बीएसएफ और उसके सभी कर्मी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की गई भारतीय कार्रवाई की पूरी तरह से सराहना की। उन्होंने कहा कि नूर खान एयरबेस पर भारतीय वायु सेना के हमले के कारण पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ।

इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के कारण पाकिस्तान को बंकरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस बात को स्वीकार करते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि भारतीय सेना की इस कड़ी कार्रवाई के कारण पाकिस्तान पर भारी दबाव पड़ा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हमारी सीमाओं की सुरक्षा के प्रति उनकी निष्ठा को भी उजागर करता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएसएफ जवानों की गश्त का उद्देश्य क्या है?
बीएसएफ जवानों की गश्त का उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी साजिश को विफल करना है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक भारतीय सैन्य अभियान है जिसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाले हमलों का प्रभावी जवाब देना है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या थी?
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री ने भारतीय कार्रवाई की सराहना की और इसे नुकसानदायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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