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ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब: गृह मंत्री अमित शाह का बीकानेर में जवानों से संवाद

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ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब: गृह मंत्री अमित शाह का बीकानेर में जवानों से संवाद

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर के बाद गृह मंत्री अमित शाह का बीकानेर दौरा महज औपचारिकता नहीं था — यह सीमा पर खड़े जवानों को सीधा संदेश था। सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ के शौर्य की सराहना के साथ-साथ बुनियादी ढाँचे और सीमावर्ती गाँवों की जागरूकता पर दिया गया जोर सरकार की दीर्घकालिक सीमा-नीति की झलक देता है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 26 मई को बीकानेर के सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ जवानों से संवाद किया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ जवानों ने मोर्चा संभाले रखा और पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया।
बीएसएफ की स्थापना के बाद से 2,000 से अधिक जवान सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो चुके हैं।
राजस्थान में 180 सीमा चौकियों पर पेयजल पाइपलाइन परियोजनाएँ पूर्ण; 1,096 किमी पार्श्व सड़क और 520 किमी मुख्य सड़क से संपर्क सुधरेगा।
सुरक्षा बलों ने बीते 5 वर्षों में साढ़े 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 26 मई को राजस्थान के बीकानेर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से सीधा संवाद किया और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके शौर्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। शाह ने कहा कि जहाँ-जहाँ बीएसएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला, वे डटे रहे और जहाँ ज़रूरत पड़ी, पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया।

मुख्य घटनाक्रम

गृह मंत्री ने बीकानेर में दो कार्यक्रमों में भाग लिया — सुबह प्रहरी सम्मेलन और महिला बैरकों के ई-उद्घाटन समारोह में, तथा दोपहर में सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर जवानों से संवाद। इस अवसर पर उन्होंने 'खेजड़ी' का पौधरोपण भी किया।

शहीदों को श्रद्धांजलि और जवानों की सराहना

शाह ने कहा, 'मैं बीएसएफ के दो हज़ार से अधिक शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।' उन्होंने रेखांकित किया कि बीएसएफ की स्थापना के बाद से सीमा प्रहरियों ने 45 डिग्री से लेकर माइनस 45 डिग्री तक के तापमान में — घने जंगलों से लेकर रेगिस्तान तक — बिना रुके सीमा की रक्षा की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जवानों ने न केवल अपनी चौकियाँ थामे रखीं, बल्कि साथी सुरक्षाकर्मियों का मनोबल भी बनाए रखा।

महिला जवानों की भूमिका पर जोर

महिला बैरकों के ई-उद्घाटन का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि शुरुआत में सवाल उठे थे कि सीमा सुरक्षा में बेटियाँ क्या भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे गर्व हो रहा है कि बेटियों ने सुरक्षा में बेटों से दो कदम आगे बढ़कर योगदान दिया है।' यह टिप्पणी बीएसएफ में महिला जवानों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।

सीमावर्ती गाँवों और बुनियादी ढाँचे पर ध्यान

शाह ने सीमावर्ती गाँवों में सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुँच सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि राजस्थान में लगभग 1,096 किलोमीटर की पार्श्व सड़क और 520 किलोमीटर की मुख्य सड़क से संपर्क में सुधार होगा। इसके अलावा 180 सीमा चौकियों पर पेयजल पाइपलाइन परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और नई डिज़ाइन की बाड़ लगाने का काम जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में कोई अवैध निर्माण हो, तो बीएसएफ नागरिक प्रशासन, कलेक्टर और एसपी को तत्काल सूचित करे। सीमावर्ती गाँवों में जागरूकता अभियानों को भावी पीढ़ियों की सुरक्षा-चेतना के लिए अनिवार्य बताया।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गृह मंत्री ने बताया कि देश के सुरक्षा बलों ने बीते 5 वर्षों में साढ़े 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का आदर्श स्थापित किया है। सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर 'खेजड़ी' का पौधरोपण कर उन्होंने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। यह दौरा ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह रेखांकित करती है कि सरकार सीमा पर की गई कार्रवाई को राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय रखना चाहती है। बुनियादी ढाँचे की घोषणाएँ — 180 चौकियों पर पेयजल, 1,096 किमी सड़क — ठोस हैं, लेकिन सीमावर्ती गाँवों में योजनाओं की 'शत-प्रतिशत पहुँच' का वादा पहले भी दोहराया जा चुका है; क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ की क्या भूमिका रही?
गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ के जवान अपने मोर्चों पर डटे रहे, अन्य सुरक्षाकर्मियों का हौसला बनाए रखा और जहाँ ज़रूरत पड़ी, पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया।
अमित शाह ने बीकानेर दौरे में कौन-से कार्यक्रमों में हिस्सा लिया?
26 मई को शाह ने सुबह प्रहरी सम्मेलन और महिला बैरकों के ई-उद्घाटन समारोह में भाग लिया, तथा दोपहर में सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ जवानों से सीधा संवाद किया।
राजस्थान की सीमा पर बुनियादी ढाँचे के लिए क्या घोषणाएँ हुईं?
शाह ने बताया कि राजस्थान में लगभग 1,096 किलोमीटर पार्श्व सड़क और 520 किलोमीटर मुख्य सड़क से संपर्क सुधरेगा। इसके अलावा 180 सीमा चौकियों पर पेयजल पाइपलाइन परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और नई डिज़ाइन की बाड़ लगाने का काम जारी है।
बीएसएफ में महिला जवानों की भूमिका पर गृह मंत्री ने क्या कहा?
शाह ने कहा कि शुरुआत में सवाल उठे थे, लेकिन बीएसएफ की बेटियों ने सीमा सुरक्षा में बेटों से दो कदम आगे बढ़कर योगदान दिया है। महिला बैरकों का ई-उद्घाटन इसी दिशा में एक कदम है।
सीमावर्ती गाँवों के लिए सरकार की क्या योजना है?
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाएँ सीमावर्ती गाँवों तक शत-प्रतिशत पहुँचनी चाहिए। सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में किसी भी अवैध निर्माण की सूचना नागरिक प्रशासन को देने का निर्देश भी दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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