सीबीआई की 19वीं चार्जशीट: 'कासा रॉयल' घोटाले में अर्थकॉन इंफ्राटेक और डायरेक्टरों पर शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3 सितंबर 2026 को घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टरों के विरुद्ध 19वीं चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्पेशल जज (सीबीआई) के समक्ष पेश की गई है।
मामला किससे जुड़ा है
यह मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-1, प्लॉट नंबर जीएच-10 पर स्थित 'कासा रॉयल' हाउसिंग प्रोजेक्ट से संबंधित है। जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके डायरेक्टरों ने कथित तौर पर झूठे वादों और भ्रामक आश्वासनों के ज़रिए घर खरीदारों और निवेशकों को गुमराह किया तथा गैर-कानूनी एवं धोखेपूर्ण तरीकों से आर्थिक लाभ उठाया।
सीबीआई ने जांच में ठोस साक्ष्य एकत्र करने के बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत यह चार्जशीट दाखिल की है।
अब तक की कार्रवाई
सीबीआई इससे पहले 18 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जो रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, नाइनक्स डेवलपर्स लिमिटेड, डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, रुद्रा बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी, साहा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, एमकेएचएस हाउसिंग एलएलपी और ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा उनके डायरेक्टरों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के विरुद्ध दाखिल की गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच
गौरतलब है कि ये सभी मामले सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत दर्ज किए गए हैं। सीबीआई अभी देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 30 अन्य मामलों की जांच कर रही है। ये मामले घर खरीदारों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और फंड के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) से संबंधित हैं।
आम खरीदारों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के पीड़ित हज़ारों परिवार न्याय की प्रतीक्षा में हैं। 'कासा रॉयल' जैसे अटके प्रोजेक्ट्स में निवेशकों ने अपनी जीवनभर की बचत लगाई थी। सीबीआई की यह श्रृंखलाबद्ध कार्रवाई रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आने वाले समय में शेष 30 मामलों में भी चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है, जिससे रियल एस्टेट धोखाधड़ी के विरुद्ध सीबीआई का अभियान और तेज़ होने के संकेत हैं।