3 सितंबर 2026
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सीबीआई की 19वीं चार्जशीट: 'कासा रॉयल' घोटाले में अर्थकॉन इंफ्राटेक और डायरेक्टरों पर शिकंजा

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सीबीआई की 19वीं चार्जशीट: 'कासा रॉयल' घोटाले में अर्थकॉन इंफ्राटेक और डायरेक्टरों पर शिकंजा

सारांश

सीबीआई ने ग्रेटर नोएडा के 'कासा रॉयल' प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के लिए अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक के खिलाफ 19वीं चार्जशीट दाखिल की। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही इस जांच में अब तक 18 बिल्डर कंपनियों पर शिकंजा कसा जा चुका है और 30 और मामले जांच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 3 सितंबर 2026 को अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टरों के खिलाफ 19वीं चार्जशीट दाखिल की।
मामला ग्रेटर नोएडा के 'कासा रॉयल' हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित धोखाधड़ी से संबंधित है।
चार्जशीट राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, नई दिल्ली में स्पेशल जज (सीबीआई) के समक्ष पेश की गई।
सीबीआई अब तक 18 अन्य बिल्डर कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
देशभर में 30 और मामले सीबीआई की सक्रिय जांच के दायरे में हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर दर्ज हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3 सितंबर 2026 को घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टरों के विरुद्ध 19वीं चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्पेशल जज (सीबीआई) के समक्ष पेश की गई है।

मामला किससे जुड़ा है

यह मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-1, प्लॉट नंबर जीएच-10 पर स्थित 'कासा रॉयल' हाउसिंग प्रोजेक्ट से संबंधित है। जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके डायरेक्टरों ने कथित तौर पर झूठे वादों और भ्रामक आश्वासनों के ज़रिए घर खरीदारों और निवेशकों को गुमराह किया तथा गैर-कानूनी एवं धोखेपूर्ण तरीकों से आर्थिक लाभ उठाया।

सीबीआई ने जांच में ठोस साक्ष्य एकत्र करने के बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत यह चार्जशीट दाखिल की है।

अब तक की कार्रवाई

सीबीआई इससे पहले 18 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जो रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, नाइनक्स डेवलपर्स लिमिटेड, डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, रुद्रा बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, इथाका एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, एलजीसीएल अर्बन होम्स (इंडिया) एलएलपी, साहा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, एमकेएचएस हाउसिंग एलएलपी और ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा उनके डायरेक्टरों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के विरुद्ध दाखिल की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच

गौरतलब है कि ये सभी मामले सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत दर्ज किए गए हैं। सीबीआई अभी देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 30 अन्य मामलों की जांच कर रही है। ये मामले घर खरीदारों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और फंड के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) से संबंधित हैं।

आम खरीदारों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के पीड़ित हज़ारों परिवार न्याय की प्रतीक्षा में हैं। 'कासा रॉयल' जैसे अटके प्रोजेक्ट्स में निवेशकों ने अपनी जीवनभर की बचत लगाई थी। सीबीआई की यह श्रृंखलाबद्ध कार्रवाई रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आने वाले समय में शेष 30 मामलों में भी चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है, जिससे रियल एस्टेट धोखाधड़ी के विरुद्ध सीबीआई का अभियान और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक पैटर्न है — रियल एस्टेट क्षेत्र में व्यवस्थागत लूट की लंबी कहानी, जहाँ बिल्डर वर्षों तक खरीदारों का पैसा डुबोते रहे और नियामक तंत्र मूकदर्शक बना रहा। सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही जांच की यह श्रृंखला शुरू हुई — यह खुद इस बात का प्रमाण है कि बिना न्यायिक दबाव के कार्यपालिका की प्राथमिकता में आम खरीदार कहाँ थे। असली सवाल यह है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद दोषसिद्धि की दर क्या होगी और पीड़ितों को उनका पैसा कब और कैसे वापस मिलेगा — जिसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई की 19वीं चार्जशीट किस मामले में दाखिल हुई है?
यह चार्जशीट ग्रेटर नोएडा के 'कासा रॉयल' हाउसिंग प्रोजेक्ट में घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के मामले में अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टरों के खिलाफ दाखिल की गई है। इसे राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, नई दिल्ली में स्पेशल जज (सीबीआई) के समक्ष 3 सितंबर 2026 को पेश किया गया।
अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक पर क्या आरोप हैं?
जांच के अनुसार, आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके डायरेक्टरों ने कथित तौर पर झूठे वादों और भ्रामक बातों से घर खरीदारों व निवेशकों को गुमराह किया और गैर-कानूनी तरीकों से आर्थिक लाभ उठाया। आईपीसी की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
सीबीआई ने अब तक कितने बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की है?
सीबीआई अब तक 19 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें जेपी इंफ्राटेक, रुद्रा बिल्डवेल, ड्रीम प्रोकॉन, नाइनक्स डेवलपर्स सहित कई बड़ी बिल्डर कंपनियाँ और उनके डायरेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारी भी इन चार्जशीट में नामज़द हैं।
यह जांच सर्वोच्च न्यायालय के किस निर्देश पर हो रही है?
सर्वोच्च न्यायालय ने घर खरीदारों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और फंड के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) के मामलों में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत सीबीआई ने देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।
अभी और कितने मामलों की जांच बाकी है?
सीबीआई अभी देशभर में 30 अन्य मामलों की जांच कर रही है, जो विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हैं। इन मामलों में भी आने वाले समय में चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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