6 नवंबर 2026
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सीबीआई ने मध्य प्रदेश में रेलवे इंजीनियर को ₹45,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

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सीबीआई ने मध्य प्रदेश में रेलवे इंजीनियर को ₹45,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

सारांश

सीबीआई ने मध्य प्रदेश के कटनी में पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियर अजयवीर सिंह को ₹45,000 की रिश्वत लेते जाल बिछाकर पकड़ा — ठेकेदार के 30 मजदूरों को बचाने की कीमत थी यह रकम। उसी दिन बिहार में दो दशक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले का फरार आरोपी भी सीबीआई के हत्थे चढ़ा।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 6 नवंबर 2026 को कटनी में रेलवे अभियंता अजयवीर सिंह को ₹45,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी ने 30 मजदूरों को काम से न हटाने के बदले प्रति मजदूर ₹1,500 की दर से रिश्वत माँगी थी।
आरोपी को जबलपुर अदालत ने 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजा।
आवास और कार्यालय की तलाशी में आपत्तिजनक दस्तावेज और साक्ष्य बरामद हुए।
अलग मामले में, बिहार के पुनपुन से दो दशक पुराने बैंक धोखाधड़ी का फरार आरोपी राजा बिहारी भी गिरफ्तार।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 6 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश के कटनी स्थित न्यू कटनी जंक्शन पर पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अजयवीर सिंह को एक श्रम ठेकेदार से ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी ने पहले ही 5 नवंबर को आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया था।

मामले का मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई के अनुसार, आरोपी अजयवीर सिंह ने शिकायतकर्ता ठेकेदार को धमकी दी थी कि यदि उसने रिश्वत नहीं दी, तो उसके 30 मजदूरों को काम से हटा दिया जाएगा। रिश्वत की दर प्रति मजदूर ₹1,500 तय की गई थी, जिसकी कुल राशि ₹45,000 बनती थी। ठेकेदार ने इस मांग की शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद जांच एजेंसी ने जाल बिछाकर आरोपी को रकम लेते हुए पकड़ा।

छापेमारी और साक्ष्य

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के आवास और कार्यालय में तलाशी ली, जहाँ से आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य प्रासंगिक साक्ष्य बरामद किए गए। गिरफ्तार अभियंता को जबलपुर की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

बिहार में फरार अपराधी की गिरफ्तारी

एक अलग कार्रवाई में, सीबीआई ने बिहार के पुनपुन से करीब दो दशक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार घोषित आरोपी राजा बिहारी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, राजा बिहारी ने बैंक अधिकारियों और बिचौलियों के साथ मिलकर जाली स्वामित्व विलेख, मनगढ़ंत संपत्ति दस्तावेजों और फर्जी गारंटर दस्तावेजों के आधार पर पटना की पाटलिपुत्र कॉलोनी शाखा में इलाहाबाद बैंक से ऋण हासिल किया था। इस मामले में कुल 21 आरोपी हैं, जिनके खिलाफ 30 अक्टूबर 2009 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

न्यायिक प्रक्रिया की स्थिति

सीबीआई की विशेष अदालत ने 12 नवंबर 2009 को इस बैंक धोखाधड़ी मामले का संज्ञान लिया था। राजा बिहारी शुरुआत से ही जांच में सहयोग न करते हुए फरार था और मुकदमे से बचता रहा — यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई पुराने फरार मामलों पर सक्रिय कार्रवाई कर रही है। अब दोनों मामलों में कानूनी कार्यवाही न्यायालय के अधीन है।

क्या होगा आगे

कटनी रेलवे रिश्वत मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर 2026 को जबलपुर अदालत में होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा ठेकेदारों से रिश्वत की ऐसी घटनाएँ सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता की जरूरत को रेखांकित करती हैं। गौरतलब है कि रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की यह कार्रवाई ट्रैप केस की श्रेणी में आती है, जिसमें शिकायतकर्ता की सक्रिय भूमिका होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह भी दर्शाता है कि सक्रिय सतर्कता तंत्र के अभाव में ऐसे मामले दबे रह जाते हैं। रेलवे जैसे विशाल सार्वजनिक संस्थान में ठेका श्रमिकों की भर्ती और बर्खास्तगी की प्रक्रिया पर स्वतंत्र निगरानी का सवाल अनुत्तरित है। बिहार के फरार आरोपी की दो दशक बाद गिरफ्तारी न्यायिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को भी उजागर करती है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने मध्य प्रदेश में किस रेलवे अधिकारी को गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अजयवीर सिंह को गिरफ्तार किया, जो कटनी स्थित न्यू कटनी जंक्शन पर तैनात थे। उन्हें 6 नवंबर 2026 को ₹45,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
रेलवे अभियंता ने किस काम के बदले रिश्वत माँगी थी?
आरोप है कि अजयवीर सिंह ने एक श्रम ठेकेदार के 30 मजदूरों को काम से न हटाने के बदले रिश्वत की माँग की थी। रिश्वत की दर प्रति मजदूर ₹1,500 तय की गई थी, जिससे कुल राशि ₹45,000 बनी।
गिरफ्तार अभियंता को कहाँ और कब तक की हिरासत मिली?
अजयवीर सिंह को जबलपुर की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तारी के बाद उनके आवास और कार्यालय में भी तलाशी ली गई।
राजा बिहारी कौन हैं और उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
राजा बिहारी बिहार के पुनपुन से फरार घोषित अपराधी हैं, जिन पर इलाहाबाद बैंक की पटना शाखा में बैंक धोखाधड़ी का आरोप है। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण हासिल किया था और 30 अक्टूबर 2009 को 21 आरोपियों के साथ उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ था।
सीबीआई ट्रैप केस में कैसे काम करती है?
ट्रैप केस में पहले शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाता है, फिर जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाता है। इस मामले में ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआई ने कार्रवाई की और अभियंता को ₹45,000 स्वीकार करते हुए पकड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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