6 नवंबर 2026
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सीबीआई ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे इंजीनियर को ₹45,000 रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा, जबलपुर कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में

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सीबीआई ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे इंजीनियर को ₹45,000 रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा, जबलपुर कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में

सारांश

सीबीआई ने एक ही दिन दो बड़े मोर्चों पर कार्रवाई की — कटनी में रेलवे इंजीनियर को ₹45,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथों दबोचा, और मुंबई में फ्यूचर रिटेल व किशोर-राकेश बियानी के खिलाफ ₹904.32 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। भ्रष्टाचार और वित्तीय अपराध — दोनों मोर्चों पर एजेंसी की एक साथ सक्रियता उल्लेखनीय है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 7 नवंबर 2026 को वेस्ट सेंट्रल रेलवे, न्यू कटनी जंक्शन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर को ₹45,000 रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी ने 30 मजदूरों को काम से न हटाने के बदले प्रति मजदूर ₹1,500 की अवैध माँग की थी।
आरोपी को जबलपुर की अदालत ने 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजा।
उसी दिन मुंबई में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और किशोर बियानी, राकेश बियानी के खिलाफ ₹904.32 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
यह मामला SBI की स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-III, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया गया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 नवंबर 2026 को वेस्ट सेंट्रल रेलवे के न्यू कटनी जंक्शन, कटनी (मध्य प्रदेश) पर तैनात एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 30 मजदूरों को काम से न हटाने के एवज में प्रति मजदूर ₹1,500 की अवैध मांग की थी।

मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई ने 6 नवंबर को आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जाँच एजेंसी ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और कटनी में आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए उसी क्षण धर दबोचा।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने आरोपी के आवास और कार्यालय की तलाशी ली, जहाँ से मामले से संबंधित अहम दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए। 7 नवंबर को आरोपी को जबलपुर की संबंधित अदालत में पेश किया गया।

न्यायालय का फैसला

अदालत ने आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर को 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई की ओर से इस मामले में आगे की जाँच जारी बताई जा रही है।

गौरतलब है कि रेलवे में ठेका मजदूरों की नौकरी बचाने के नाम पर रिश्वतखोरी की यह प्रवृत्ति नई नहीं है। बीते वर्षों में सीबीआई और सतर्कता विभागों ने रेलवे के विभिन्न प्रखंडों में ऐसे कई मामले उजागर किए हैं, जहाँ निचले और मध्यम स्तर के अधिकारी ठेकेदारों और मजदूरों से अवैध वसूली करते पाए गए।

फ्यूचर रिटेल पर भी सीबीआई की कार्रवाई

इसी दिन सीबीआई ने एक अलग मामले में मुंबई की कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) के खिलाफ ₹904.32 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर छापेमारी की।

सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार यह मामला भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की 'स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-III, मुंबई' की शिकायत पर दर्ज किया गया। आरोपियों में किशोर बियानी और राकेश बियानी सहित कंपनी के प्रमोटर, प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक, गारंटर तथा कुछ अज्ञात लोक सेवक और व्यक्ति शामिल हैं।

इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। कथित तौर पर इस षड्यंत्र से शिकायतकर्ता बैंक को ₹904.32 करोड़ का नुकसान पहुँचाया गया।

आम जनता पर असर

रेलवे के ठेका मजदूर वर्ग के लिए यह मामला विशेष महत्त्व रखता है। कटनी जैसे रेलवे केंद्रों पर सैकड़ों मजदूर ठेके पर काम करते हैं और अक्सर नौकरी बचाने के लिए अवैध मांगों का शिकार होते हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई से संदेश जाता है कि ऐसी वसूली पर निगरानी तंत्र सक्रिय है।

क्या होगा आगे

आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर की 12 नवंबर को अगली सुनवाई निर्धारित है। सीबीआई की जाँच टीम बरामद दस्तावेज़ों की जाँच कर रही है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। फ्यूचर रिटेल मामले में छापेमारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई का खुलासा जाँच पूरी होने पर किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या रेलवे बोर्ड ऐसी कमज़ोरियों को दूर करने के लिए संस्थागत सुधार करेगा। फ्यूचर रिटेल मामले में ₹904 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी यह भी याद दिलाती है कि बड़े कॉर्पोरेट डिफॉल्ट के मामले न्याय तक पहुँचने में कितने वर्ष लग जाते हैं — जबकि मजदूर वर्ग के ₹45,000 के मामले में एजेंसी ने चौबीस घंटे में कार्रवाई कर दी।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेस्ट सेंट्रल रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर क्या आरोप है?
आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से 30 ठेका मजदूरों को काम से न हटाने के बदले प्रति मजदूर ₹1,500 के हिसाब से कुल ₹45,000 की रिश्वत माँगी थी। सीबीआई ने उन्हें कटनी में इसी रकम को लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा।
सीबीआई ने यह गिरफ्तारी कैसे की?
शिकायतकर्ता की सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को ₹45,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए उसी समय गिरफ्तार किया। बाद में आरोपी के घर और कार्यालय की तलाशी लेकर अहम दस्तावेज़ और सबूत भी बरामद किए गए।
आरोपी इंजीनियर को किस अदालत में पेश किया गया और क्या फैसला हुआ?
आरोपी को जबलपुर की संबंधित अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले में सीबीआई की जाँच जारी है।
फ्यूचर रिटेल और किशोर बियानी पर सीबीआई ने क्या कार्रवाई की?
सीबीआई ने SBI की शिकायत पर फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और इसके प्रमोटर किशोर बियानी व राकेश बियानी सहित अन्य के खिलाफ ₹904.32 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और मुंबई में छापेमारी की। इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश का आरोप है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
रेलवे इंजीनियर मामले में 12 नवंबर को अगली अदालती सुनवाई होगी और बरामद दस्तावेज़ों की जाँच जारी है। फ्यूचर रिटेल मामले में छापेमारी के बाद आरोप-पत्र की तैयारी की प्रक्रिया चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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