मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इंदौर पहुंचे, 1,500 से अधिक बीएलओ से सीधा संवाद
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार 5 जुलाई 2025 को पदभार संभालने के बाद अपने पहले आधिकारिक मध्य प्रदेश दौरे पर इंदौर पहुंचे। यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें वे सीधे बूथ स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से संवाद कर रहे हैं — जो भारत की चुनावी मशीनरी की सबसे बुनियादी कड़ी मानी जाती है।
स्वागत और पुष्पांजलि
इंदौर एयरपोर्ट पर सीईसी का स्वागत मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आर.पी.एस. जादौन, इंदौर संभागायुक्त सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने किया। एयरपोर्ट परिसर में स्थित देवी अहिल्याबाई होल्कर की गादी पर ज्ञानेश कुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्य कार्यक्रम: बीएलओ सम्मेलन
दौरे का केंद्रबिंदु लता मंगेशकर ऑडिटोरियम, इंदौर में आयोजित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का सम्मेलन है, जिसमें 1,500 से अधिक बीएलओ भाग ले रहे हैं। इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और खंडवा जिलों के अधिकारी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य चुनाव आयोग को बूथ स्तर पर कार्यरत अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर देना है, ताकि चुनावी कार्यों के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को समझा जा सके और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लिए जा सकें।
बीएलओ की भूमिका और महत्व
राज्य सरकार ने रेखांकित किया कि बूथ लेवल अधिकारी भारत की चुनावी व्यवस्था की रीढ़ हैं। मतदाता सूची का रखरखाव, मतदाताओं की सहायता और मतदान प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर सुचारु रूप से संपन्न कराना — इन सभी में बीएलओ की केंद्रीय भूमिका होती है। गौरतलब है कि इससे पहले चुनाव आयोग ने इसी तरह का एक कार्यक्रम नई दिल्ली में भी आयोजित किया था, जो इस पहल की व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
सम्मेलन के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे और नर्मदा नदी के तट पर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। इसके बाद वे महेश्वर किला का भी दौरा करेंगे।
आगे का कार्यक्रम
सभी कार्यक्रमों के समापन के बाद ज्ञानेश कुमार रविवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। यह दौरा संकेत देता है कि नए मुख्य चुनाव आयुक्त जमीनी स्तर की चुनावी तैयारियों को व्यक्तिगत रूप से परखने की दिशा में सक्रिय रुख अपना रहे हैं।