'सेलिब्रेटिंग फ्रीडम थ्रू बंगाल' प्रदर्शनी: 8 अगस्त को कोलकाता के लोक भवन में उद्घाटन, नेताजी के दुर्लभ ऑटोग्राफ होंगे प्रदर्शित
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार स्वतंत्रता दिवस से पूर्व कोलकाता के लोक भवन में 'सेलिब्रेटिंग फ्रीडम थ्रू बंगाल' नामक विशेष ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन कर रही है। राज्यपाल आर. एन. रवि इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 8 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे करेंगे। यह प्रदर्शनी बंगाल के उन स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों की स्मृति को समर्पित है, जिनके बलिदान ने भारत के स्वाधीनता संग्राम को नई दिशा दी।
प्रदर्शनी में क्या देखने को मिलेगा
इस प्रदर्शनी में दुर्लभ ऐतिहासिक सामग्री का विशाल संग्रह प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर पर उनके हस्ताक्षर, नेताजी द्वारा अपने मामा को लिखा गया एक व्यक्तिगत पत्र और डॉ. बिधान चंद्र रॉय का एक ऐतिहासिक टेलीग्राम प्रमुख आकर्षण हैं।
इसके अतिरिक्त, आजाद हिंद सरकार द्वारा प्रदान किए गए तेरह सम्मानों का पूरा सेट भी यहाँ प्रदर्शित होगा। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की ऑटोग्राफ-युक्त तस्वीर, प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस और उनके समकालीन कलाकारों की मूल हस्ताक्षरित कलाकृतियाँ भी दर्शकों को देखने का अवसर मिलेगा।
प्रदर्शनी में पुराने पत्र, तस्वीरें, डाक टिकट, सिक्के, पदक, पोस्टकार्ड और अन्य स्मृति-चिह्न भी शामिल हैं। विशेष रूप से सौ साल पुराने दुर्लभ पोस्टकार्ड रखे गए हैं, जो ऐतिहासिक कलकत्ता की झलक प्रस्तुत करते हैं।
युवा पीढ़ी को जोड़ने की पहल
राज्य सरकार ने प्रदेश भर के शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे 9 अगस्त से 14 अगस्त 2026 के बीच छात्रों के लिए विशेष भ्रमण दौरे आयोजित करें। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवाओं को देशभक्ति, बलिदान और सेवा के मूल्यों से सीधे जोड़ना है। गौरतलब है कि स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की भूमिका को अक्सर राष्ट्रीय चर्चाओं में उचित स्थान नहीं मिल पाता — यह प्रदर्शनी उस रिक्तता को भरने का प्रयास है।
आयोजन में सहयोग
इस प्रदर्शनी को कलकत्ता कलेक्टर्स क्लब के सहयोग से तैयार किया गया है, जो दशकों से ऐतिहासिक संग्रहों के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुँचाने के कार्य में सक्रिय है। राज्य सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों को उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया है।
आगे क्या
प्रदर्शनी 14 अगस्त 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। यह आयोजन ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी में है और स्वाधीनता संग्राम की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।