केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की जम्मू-कश्मीर सुरक्षा समीक्षा बैठक आज

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केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की जम्मू-कश्मीर सुरक्षा समीक्षा बैठक आज

सारांश

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें आतंकवाद विरोधी अभियान और जम्मू-कश्मीर की वित्तीय स्थिति शामिल है।

Key Takeaways

  • केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की बैठक आज होगी।
  • बैठक का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करना है।
  • आतंकवाद विरोधी अभियानों की रणनीतियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
  • जम्मू-कश्मीर की वित्तीय स्थिति पर भी बात होगी।
  • सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।

जम्मू, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जम्मू और कश्मीर पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक का संचालन करेंगे।

यह बैठक सोमवार को दोपहर 2:30 बजे प्रारंभ होगी, जिसमें जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल दुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कश्मीर एवं जम्मू डिवीजनों के महानिरीक्षक शामिल होंगे।

केंद्रीय गृह सचिव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का नेतृत्व करेंगे। यह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य की पहली उच्चस्तरीय समीक्षा है, जो पिछले महीने किश्तवाड़ जिले में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के चार प्रमुख आतंकवादियों के मारे जाने के बाद हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश के पहाड़ों और जंगलों में, विशेषकर जम्मू क्षेत्र में, कुछ विदेशी आतंकवादियों के छिपे होने का संदेह है। इस बैठक में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तेज करने के लिए रणनीतियों का मूल्यांकन किया जाएगा। गर्मियों के आगमन के साथ, आतंकवाद विरोधी अभियानों को तीव्रता से संपादित किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की इच्छा है कि सुरक्षा एजेंसियां ​​छिपे हुए आतंकवादियों के खिलाफ पूरी ताकत से कार्यवाही करें। सेना, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त, विशेष रूप से प्रशिक्षित विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवानों को भी उन क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जहां आतंकवादियों के छिपे होने की संभावना है।

एसओजी के जवान अत्यधिक कठिन क्षेत्रों और प्रतिकूल मौसम में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं।

सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों का भूमिगत नेटवर्क भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। इस नेटवर्क का भंडाफोड़ होने पर आतंकवादियों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है, और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कुछ भूमिगत आतंकवादी नेटवर्कों का भंडाफोड़ हो चुका है और पुलिस अन्य गिरोहों को समाप्त करने के करीब है। बैठक में जम्मू-कश्मीर की वित्तीय स्थिति की समीक्षा भी एक प्रमुख एजेंडा है।

इस बैठक में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के बजट व्यय पर चर्चा की जाएगी, जिसमें केवल 10 दिन बचे हैं, और 2026-27 के लिए पुलिस की आवश्यकताओं पर भी विचार किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर पंचायत का बजट अब सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस अब आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस एक सक्षम बल है, जो आतंकवादियों और सभी प्रकार के अपराधों का सामना करने में सक्षम है।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार, आधुनिकीकरण की प्रक्रिया अभी भी चल रही है और इस दिशा में कुछ कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की पिछली बैठकों के अनुवर्ती कार्रवाई जैसे कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

यह ध्यान देने योग्य है कि अमित शाह ने 5 से 7 फरवरी तक जम्मू क्षेत्र का दौरा किया था और उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा व विकास संबंधी बैठकों की अध्यक्षता की थी।

संशोधित रणनीति के तहत, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल केंद्रशासित प्रदेश में आतंकियों के समर्थन प्रणाली को पूरी तरह से खत्म करने के लिए आतंकवादियों, उनके गुर्गों और समर्थकों को निशाना बना रहे हैं।

नशीली दवाओं के तस्कर और हवाला रैकेट में शामिल लोग भी सुरक्षा बलों की निगरानी में हैं क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इन गतिविधियों से प्राप्त धन का उपयोग अंततः आतंकवाद को वित्त पोषित करने के लिए किया जा रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति गंभीर है। केंद्रीय गृह सचिव की समीक्षा बैठक से सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतियों को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। हालिया घटनाओं ने इस क्षेत्र में सुरक्षा को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

केंद्रीय गृह सचिव की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करना और आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करना है।
क्या इस बैठक में वित्तीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी?
हाँ, बैठक में जम्मू-कश्मीर की वित्तीय स्थिति और बजट व्यय पर भी चर्चा की जाएगी।
क्या इस बैठक में क्या नई रणनीतियाँ लागू की जाएंगी?
बैठक में आतंकवादियों के खिलाफ नई रणनीतियों और अभियानों की समीक्षा की जाएगी।
इस बैठक में कौन-कौन शामिल होंगे?
बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, डीजीपी और दोनों डिवीजनों के महानिरीक्षक शामिल होंगे।
केंद्रीय गृह सचिव की पिछली बैठकें कब हुई थीं?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पिछली बैठकें 5 से 7 फरवरी तक हुई थीं।
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