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भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर केंद्र सख्त: सोनोवाल बोले — हर नाविक की हिफाज़त हमारी ज़िम्मेदारी

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भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर केंद्र सख्त: सोनोवाल बोले — हर नाविक की हिफाज़त हमारी ज़िम्मेदारी

सारांश

ओमान के पास एक व्यापारिक जहाज पर मिसाइल हमले के बाद जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे, केंद्र सरकार ने सभी एजेंसियों को अलर्ट किया है। मंत्री सोनोवाल ने हर नाविक की सुरक्षा का भरोसा दिलाया और मृतक परिवारों के लिए ₹10 लाख की सहायता की घोषणा की।

मुख्य बातें

पत्तन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 12 जून 2026 को हर भारतीय नाविक की सुरक्षा और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
एमटी सेटेबेलो पर ओमान के सोहार बंदरगाह से 20 समुद्री मील दूर मिसाइल हमला; जहाज पर 24 भारतीय सहित 28 चालक दल सवार थे।
सीफेरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी (SWFS) ने मृतक नाविकों के परिवारों को ₹10 लाख की सहायता राशि देने का निर्णय लिया।
नौवहन महानिदेशालय ने संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
शिपिंग कंपनियों और जहाज संचालकों को समुद्री सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने के निर्देश।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 12 जून 2026 को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार हर भारतीय नाविक की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में ओमान के सोहार बंदरगाह के निकट एक व्यापारिक जहाज पर मिसाइल हमले की खबर सामने आई, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। सरकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पलाऊ के झंडे वाले मीडियम रेंज टैंकर एमटी सेटेबेलो पर सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व दिशा में मिसाइल हमला होने की खबर है। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नाविक शामिल थे। इस घटना ने संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न की हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री सोनोवाल ने कहा, 'सभी संबंधित मंत्रालय, एजेंसियाँ और विदेशों में स्थित भारतीय मिशन आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता और समर्थन उपलब्ध कराया जा सके।' सरकार इस प्रयास में विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों, मित्र देशों के समुद्री प्रशासन, शिपिंग कंपनियों और नाविक कल्याण संगठनों के साथ समन्वय कर रही है।

नाविकों को वित्तीय सहायता

जहाजरानी महानिदेशालय के अंतर्गत कार्यरत सीफेरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी (SWFS) प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों को पात्रता के अनुसार कल्याणकारी लाभ, वित्तीय सहायता और अन्य आवश्यक मदद देने के लिए तैयार है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत SWFS ने मृतक नाविकों के परिवारों को ₹10 लाख की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।

नाविकों और शिपिंग कंपनियों को सलाह

नौवहन महानिदेशालय ने भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर कार्यरत उन सभी भारतीय नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है जो संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से होकर गुजर रहे हैं। जहाज संचालकों, शिप मैनेजरों और शिपिंग कंपनियों को मौजूदा समुद्री सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने, हालात पर लगातार नज़र रखने और भारत सरकार व अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

आम जनता और परिवारों पर असर

गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े नाविक-आपूर्तिकर्ता देशों में से एक है और हज़ारों भारतीय परिवार अपनी आजीविका के लिए समुद्री व्यापार पर निर्भर हैं। संघर्ष प्रभावित जलमार्गों में बढ़ते खतरे इन परिवारों की चिंता को बढ़ा रहे हैं। सरकार ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है कि किसी भी भारतीय नाविक से जुड़ी घटना की सूचना तुरंत नौवहन महानिदेशालय को दी जाए, ताकि समय पर हस्तक्षेप और समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। आने वाले दिनों में सरकार की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय समन्वय की दिशा पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि संघर्ष प्रभावित जलमार्गों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचा क्या है। ₹10 लाख की सहायता राशि एक तत्काल राहत है, परंतु यह उन परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं जो अपना एकमात्र कमाने वाला सदस्य खो देते हैं। भारत दुनिया के शीर्ष नाविक-आपूर्तिकर्ता देशों में है, फिर भी संकटग्रस्त जलमार्गों में जहाजों के परिचालन को लेकर कोई स्पष्ट जोखिम-मूल्यांकन प्रोटोकॉल सार्वजनिक नहीं किया गया है। बिना बाध्यकारी सुरक्षा मानकों और स्वतंत्र निगरानी तंत्र के, ये घोषणाएँ प्रतिक्रियात्मक बनी रहेंगी — निवारक नहीं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी सेटेबेलो पर हमले में कितने भारतीय नाविक सवार थे?
पलाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय नाविक थे। यह जहाज ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व दिशा में था जब मिसाइल हमले की खबर आई।
मृतक नाविकों के परिवारों को सरकार क्या सहायता देगी?
जहाजरानी महानिदेशालय के अंतर्गत कार्यरत सीफेरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी (SWFS) ने मृतक नाविकों के परिवारों को ₹10 लाख की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा पात्रता के अनुसार अन्य कल्याणकारी लाभ और वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए कौन-सी एजेंसियाँ काम कर रही हैं?
केंद्र सरकार इस कार्य में विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में स्थित भारतीय मिशन, मित्र देशों के समुद्री प्रशासन, शिपिंग कंपनियाँ और नाविक कल्याण संगठनों के साथ समन्वय कर रही है। किसी भी घटना की सूचना तुरंत नौवहन महानिदेशालय को देने के निर्देश दिए गए हैं।
नौवहन महानिदेशालय ने नाविकों को क्या सलाह दी है?
नौवहन महानिदेशालय ने संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से गुजरने वाले सभी भारतीय नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। शिपिंग कंपनियों और जहाज संचालकों को समुद्री सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने और भारत सरकार व अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों के दिशा-निर्देशों का अनुसरण करने को कहा गया है।
भारतीय नाविकों से जुड़ी घटना होने पर क्या करना चाहिए?
सरकार के निर्देशानुसार किसी भी भारतीय नाविक से जुड़ी घटना की सूचना तुरंत नौवहन महानिदेशालय को दी जानी चाहिए। इससे समय पर हस्तक्षेप और आवश्यक सहायता एवं समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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