चंद्रबाबू नायडू का 'थल्लीकी वंदनम' पर बड़ा बयान: बच्चे अब परिवार की आय का स्रोत, ₹10,120 करोड़ सालाना खर्च
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 25 जुलाई 2025 को पोलावरम जिले के रामपचोडावरम स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में आयोजित मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि जिन बच्चों को कभी परिवार पर बोझ माना जाता था, वे अब 'थल्लीकी वंदनम' योजना के ज़रिए परिवार की आय का स्रोत बन गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष 67 लाख बच्चों के लिए माताओं के बैंक खातों में कुल ₹10,120 करोड़ जमा कर रही है।
थल्लीकी वंदनम योजना: क्या है प्रावधान
'थल्लीकी वंदनम' योजना के अंतर्गत सरकार प्रत्येक स्कूली बच्चे के लिए उसकी माता के बैंक खाते में ₹15,000 प्रतिवर्ष जमा करती है। नायडू ने स्पष्ट किया कि इस योजना में बच्चों की संख्या की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, यानी जितने अधिक बच्चे, उतनी अधिक राशि माता के खाते में आएगी। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे।
सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार ने सरकारी शिक्षा प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। उन्होंने दावा किया कि जब पूरे देश में निजी स्कूलों की ओर रुझान बढ़ रहा है, तब आंध्र प्रदेश में 1.10 लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में वापस लौटे हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता में हुए सुधार का प्रमाण है।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की प्रशंसा
नायडू ने शिक्षा मंत्री के रूप में अपने पुत्र नारा लोकेश के कार्य की सराहना की और कहा कि शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों को देखकर उन्हें प्रसन्नता है कि लोकेश ने यह ज़िम्मेदारी संभाली। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्र के लिए गौरव का स्रोत हैं और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए प्रेरणा हैं। उनका कहना था कि आदिवासी बच्चे अनमोल प्रतिभाएँ हैं और यदि उन्हें उचित अवसर दिए जाएँ तो वे असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।
राज्य की वित्तीय स्थिति और पिछली सरकार पर आरोप
नायडू ने दावा किया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की पिछली सरकार ने 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेकर और सरकारी संपत्तियाँ गिरवी रखकर राज्य पर ₹10 लाख करोड़ का कर्ज़ चढ़ाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार गिरवी रखी गई संपत्तियों को छुड़ाने और ब्याज का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह पटरी पर लाने में अभी कुछ समय लगेगा।
रोज़गार और विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में प्रमुख उद्योग लाने के प्रयास कर रही है ताकि युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि लगन से पाँच साल समर्पित करें — इससे उन्हें प्रमुख उद्योगों में रोज़गार के अवसर मिलेंगे। नायडू ने यह भी दोहराया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ मिलकर राज्य के विकास के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।