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चंद्रबाबू नायडू का 'थल्लीकी वंदनम' पर बड़ा बयान: बच्चे अब परिवार की आय का स्रोत, ₹10,120 करोड़ सालाना खर्च

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चंद्रबाबू नायडू का 'थल्लीकी वंदनम' पर बड़ा बयान: बच्चे अब परिवार की आय का स्रोत, ₹10,120 करोड़ सालाना खर्च

सारांश

चंद्रबाबू नायडू ने रामपचोडावरम में कहा — 'थल्लीकी वंदनम' ने बच्चों को परिवार की आय का ज़रिया बना दिया है। हर बच्चे पर ₹15,000 सालाना, कोई सीमा नहीं। 1.10 लाख छात्र निजी से सरकारी स्कूलों में लौटे — यह आंध्र की शिक्षा क्रांति का दावा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पोलावरम जिले के रामपचोडावरम में मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग को संबोधित किया।
' थल्लीकी वंदनम ' योजना के तहत प्रत्येक स्कूली बच्चे के लिए माता के खाते में ₹15,000 प्रतिवर्ष; बच्चों की संख्या पर कोई सीमा नहीं।
सरकार 67 लाख बच्चों के लिए सालाना ₹10,120 करोड़ माताओं के बैंक खातों में जमा कर रही है।
नायडू का दावा — 1.10 लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में लौटे।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के कार्य की मुख्यमंत्री ने सराहना की।
YSRCP की पिछली सरकार पर ₹10 लाख करोड़ का कर्ज़ और 14% ब्याज दर पर ऋण लेने का आरोप।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 25 जुलाई 2025 को पोलावरम जिले के रामपचोडावरम स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में आयोजित मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि जिन बच्चों को कभी परिवार पर बोझ माना जाता था, वे अब 'थल्लीकी वंदनम' योजना के ज़रिए परिवार की आय का स्रोत बन गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष 67 लाख बच्चों के लिए माताओं के बैंक खातों में कुल ₹10,120 करोड़ जमा कर रही है।

थल्लीकी वंदनम योजना: क्या है प्रावधान

'थल्लीकी वंदनम' योजना के अंतर्गत सरकार प्रत्येक स्कूली बच्चे के लिए उसकी माता के बैंक खाते में ₹15,000 प्रतिवर्ष जमा करती है। नायडू ने स्पष्ट किया कि इस योजना में बच्चों की संख्या की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, यानी जितने अधिक बच्चे, उतनी अधिक राशि माता के खाते में आएगी। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे।

सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार ने सरकारी शिक्षा प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। उन्होंने दावा किया कि जब पूरे देश में निजी स्कूलों की ओर रुझान बढ़ रहा है, तब आंध्र प्रदेश में 1.10 लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में वापस लौटे हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता में हुए सुधार का प्रमाण है।

शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की प्रशंसा

नायडू ने शिक्षा मंत्री के रूप में अपने पुत्र नारा लोकेश के कार्य की सराहना की और कहा कि शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों को देखकर उन्हें प्रसन्नता है कि लोकेश ने यह ज़िम्मेदारी संभाली। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्र के लिए गौरव का स्रोत हैं और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए प्रेरणा हैं। उनका कहना था कि आदिवासी बच्चे अनमोल प्रतिभाएँ हैं और यदि उन्हें उचित अवसर दिए जाएँ तो वे असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।

राज्य की वित्तीय स्थिति और पिछली सरकार पर आरोप

नायडू ने दावा किया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की पिछली सरकार ने 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेकर और सरकारी संपत्तियाँ गिरवी रखकर राज्य पर ₹10 लाख करोड़ का कर्ज़ चढ़ाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार गिरवी रखी गई संपत्तियों को छुड़ाने और ब्याज का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह पटरी पर लाने में अभी कुछ समय लगेगा।

रोज़गार और विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में प्रमुख उद्योग लाने के प्रयास कर रही है ताकि युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि लगन से पाँच साल समर्पित करें — इससे उन्हें प्रमुख उद्योगों में रोज़गार के अवसर मिलेंगे। नायडू ने यह भी दोहराया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ मिलकर राज्य के विकास के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक दृष्टि से आकर्षक है, लेकिन इसमें एक अंतर्निहित विरोधाभास है — यह संदेश जनसंख्या-नियंत्रण की उस राष्ट्रीय नीति से टकराता है जिसे केंद्र सरकार बढ़ावा देती रही है। ₹10,120 करोड़ का वार्षिक व्यय उस राज्य के लिए उल्लेखनीय है जो खुद ₹10 लाख करोड़ के कर्ज़ तले दबा होने का दावा करता है — यह वित्तीय दबाव और कल्याणकारी खर्च का असहज संयोजन है। 1.10 लाख छात्रों के सरकारी स्कूलों में लौटने का दावा सत्यापन की माँग करता है; स्वतंत्र शैक्षिक आँकड़े इसकी पुष्टि करते हैं या नहीं, यह देखा जाना बाकी है। शिक्षा मंत्री के रूप में अपने पुत्र की सार्वजनिक प्रशंसा शासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'थल्लीकी वंदनम' योजना क्या है?
'थल्लीकी वंदनम' आंध्र प्रदेश सरकार की एक योजना है जिसके तहत प्रत्येक स्कूली बच्चे के लिए उसकी माता के बैंक खाते में ₹15,000 प्रतिवर्ष जमा किए जाते हैं। इस योजना में बच्चों की संख्या की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
चंद्रबाबू नायडू ने यह बयान कहाँ और कब दिया?
मुख्यमंत्री नायडू ने यह बयान पोलावरम जिले के रामपचोडावरम स्थित एक सरकारी हाई स्कूल में आयोजित मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग में 25 जुलाई 2025 को दिया।
आंध्र प्रदेश सरकार 'थल्लीकी वंदनम' पर कितना खर्च कर रही है?
राज्य सरकार प्रतिवर्ष 67 लाख बच्चों के लिए माताओं के बैंक खातों में कुल ₹10,120 करोड़ जमा कर रही है। मुख्यमंत्री नायडू के अनुसार, वित्तीय बाधाओं के बावजूद यह लाभ सभी पात्र परिवारों तक पहुँचाया जा रहा है।
क्या सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ा है?
नायडू ने दावा किया कि 1.10 लाख छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में लौटे हैं, जो सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का संकेत है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
नायडू ने पिछली YSRCP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
नायडू ने दावा किया कि YSRCP की पिछली सरकार ने 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेकर और सरकारी संपत्तियाँ गिरवी रखकर राज्य पर ₹10 लाख करोड़ का कर्ज़ चढ़ाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इन संपत्तियों को छुड़ाने और ब्याज का बोझ कम करने पर काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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