7 अगस्त 2026
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चंद्रशेखर आजाद की लखनऊ में हुंकार: ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ; वी.पी. सिंह को भारत रत्न की मांग

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चंद्रशेखर आजाद की लखनऊ में हुंकार: ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ; वी.पी. सिंह को भारत रत्न की मांग

सारांश

लखनऊ के ईको गार्डन में 'मंडल चेतना जन आंदोलन' के मंच से चंद्रशेखर आजाद ने ईवीएम हटाने, बैलेट पेपर से चुनाव, जाति जनगणना और वी.पी. सिंह को भारत रत्न देने की माँग उठाई। BSP के पूर्व विधायक बाल गोविंद राजवंशी ने भी आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

मुख्य बातें

चंद्रशेखर आजाद ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में 'मंडल चेतना जन आंदोलन' को संबोधित किया।
ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग; नारा — 'बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ, ईवीएम हटाओ'।
पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी.
सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न और मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने की माँग।
पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा ने आरोप लगाया कि पिछड़े वर्गों को 27% आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल रहा।
BSP के पूर्व विधायक बाल गोविंद राजवंशी ने समर्थकों सहित आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित 'मंडल चेतना जन आंदोलन' के मंच से देश में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग उठाई। उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने, जाति आधारित जनगणना कराने और पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न देने की माँग भी रखी।

मुख्य घटनाक्रम

लखनऊ के ईको गार्डन में उमड़ी भीड़ के सामने चंद्रशेखर आजाद ने 'बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ, ईवीएम हटाओ' का नारा बुलंद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मंडल आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं होतीं और पिछड़े वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने मंच से 'ओबीसी समाज की जाति आधारित जनगणना करो, वरना कुर्सी खाली करो' के नारे भी लगाए।

वी.पी. सिंह और सामाजिक न्याय के महापुरुषों को श्रद्धांजलि

चंद्रशेखर ने पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह को सामाजिक न्याय का बड़ा योद्धा बताते हुए केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की माँग की। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी दिलाने में वी.पी. सिंह की ऐतिहासिक भूमिका अतुलनीय है। अपने संबोधन में उन्होंने कांशीराम और रामविलास पासवान को भी याद किया और कहा कि आज देश में जो संवैधानिक और सामाजिक अधिकार दिखाई देते हैं, वे इन नेताओं के लंबे संघर्ष का परिणाम हैं।

आरक्षण पर आरोप और माँगें

कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी के नेता और पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा ने आरोप लगाया कि पिछड़े वर्गों के लिए संवैधानिक रूप से निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ उन्हें नहीं मिल रहा। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब जाति आधारित जनगणना का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में तेज़ी से केंद्र में आ रहा है।

पार्टी में नई एंट्री

कार्यक्रम के दौरान बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व विधायक बाल गोविंद राजवंशी ने अपने समर्थकों सहित आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। चंद्रशेखर ने दावा किया कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का मुकाबला करने की हिम्मत किसी भी राजनीतिक दल में नहीं है।

आंदोलन का राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि चंद्रशेखर ने इस कार्यक्रम को चुनावी राजनीति से जोड़कर देखे जाने की कोशिशों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सामाजिक न्याय और महापुरुषों के संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि जहाँ-जहाँ उनका पसीना गिरेगा, वहीं सामाजिक बदलाव और क्रांति के नए बीज अंकुरित होंगे। आने वाले समय में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है, यह उत्तर प्रदेश की सामाजिक राजनीति के लिए निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी टाइमिंग और एजेंडा — ईवीएम विरोध, जाति जनगणना, भारत रत्न — साफ़ बताते हैं कि यह उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक ज़मीन तैयार करने की कोशिश भी है। BSP से पूर्व विधायक का आजाद समाज पार्टी में शामिल होना दलित-ओबीसी गठजोड़ की उस राजनीति का संकेत है जो मायावती के कमज़ोर होते जनाधार की खाई को भरने की कोशिश कर रही है। मंडल आयोग की सिफारिशें तीन दशक पुरानी हैं — इन्हें 'अधूरा एजेंडा' बताकर आंदोलन खड़ा करना राजनीतिक रूप से प्रभावी है, पर इसके लिए ठोस नीतिगत रोडमैप अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ में क्या माँगें उठाईं?
चंद्रशेखर आजाद ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव, मंडल आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने, जाति आधारित जनगणना और पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न देने की माँग उठाई।
'मंडल चेतना जन आंदोलन' क्या है?
यह आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) द्वारा आयोजित एक सामाजिक-राजनीतिक मंच है, जिसका उद्देश्य मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू कराना और पिछड़े व दलित वर्गों के संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना है।
ईवीएम हटाने की माँग क्यों उठाई जा रही है?
चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों का तर्क है कि ईवीएम से चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं और बैलेट पेपर से मतदान अधिक विश्वसनीय होता है। उन्होंने 'बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ' का नारा देते हुए इसे लोकतंत्र की रक्षा से जोड़ा।
वी.पी. सिंह को भारत रत्न देने की माँग क्यों उठ रही है?
चंद्रशेखर ने पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह को सामाजिक न्याय का योद्धा बताया, जिन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशें लागू कर पिछड़े वर्गों को 27% आरक्षण दिलाया। उनके अनुसार यह ऐतिहासिक योगदान भारत रत्न के योग्य है।
BSP के पूर्व विधायक का आजाद समाज पार्टी में शामिल होना कितना महत्वपूर्ण है?
बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक बाल गोविंद राजवंशी का अपने समर्थकों सहित आजाद समाज पार्टी में शामिल होना उत्तर प्रदेश में दलित-ओबीसी राजनीति के समीकरणों में बदलाव का संकेत है। यह आजाद समाज पार्टी के बढ़ते जनाधार की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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