कोलकाता बैंकशाल कोर्ट में झड़प: यूट्यूबर दीपक ब्यापारी की पेशी पर वकील-प्रदर्शनकारी भिड़े
सारांश
मुख्य बातें
गिरफ्तार यूट्यूबर दीपक ब्यापारी को 1 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत परिसर में तनाव भड़क उठा। कथित तौर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पर अंडे फेंके, जिस पर वकीलों के एक समूह ने कड़ी आपत्ति जताई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अदालत परिसर में क्या हुआ
ब्यापारी को जैसे ही अदालत परिसर में लाया गया, कुछ प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान उन पर अंडे भी फेंके गए। वकीलों के एक वर्ग ने इस पर तीखा विरोध जताया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर अंडे फेंकना बंद नहीं किया।
आरोपों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने आपत्ति जताने वाले दो वकीलों पर पहले हमला किया। इसके बाद वकीलों के एक समूह ने कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। अंततः पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति काबू में आ सकी।
दीपक ब्यापारी की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, ब्यापारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बारे में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के सिलसिले में दर्ज दो शिकायतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
यह झड़प ऐसे समय में हुई है जब फेसबुक और यूट्यूब पर विवादास्पद राजनीतिक टिप्पणियों के लिए चर्चित ब्यापारी की गिरफ्तारी पहले से ही राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा कर चुकी है।
एनआईए की जाँच और राष्ट्र-विरोधी आरोप
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी और पुलिस लंबे समय से राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों के चलते ब्यापारी की तलाश कर रही थी। NIA ने उन्हें सोमवार शाम करीब 4:30 बजे तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि ब्यापारी के खिलाफ जासूसी का एक अलग मामला भी दर्ज है। जाँच एजेंसी को कथित तौर पर संदेह है कि उनका एक ऐसे नेटवर्क से गुप्त संबंध हो सकता है, जिसकी कड़ियाँ मई में गिरफ्तार कोलकाता निवासी जफर रियाज से जुड़ी हैं। NIA के दावे के अनुसार, रियाज की पत्नी और बच्चे पाकिस्तानी नागरिक हैं, और उन पर पाकिस्तान के लिए भारत-विरोधी गतिविधियाँ चलाने के आरोप हैं।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की नज़र पड़ने के बाद NIA ने इस मामले में जाँच का दायरा बढ़ाया है, और ब्यापारी के कथित संबंधों की जाँच जारी है।
विशेषज्ञ और कानूनी हलकों में प्रतिक्रिया
कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत परिसर में इस तरह की झड़प न्याय-प्रक्रिया में बाधा डालने का गंभीर मामला है। अदालत में अव्यवस्था की यह घटना तब और अधिक संवेदनशील हो जाती है जब मामले में NIA जैसी केंद्रीय एजेंसी भी शामिल हो।
इस मामले में आगे की सुनवाई की तिथि जल्द तय होने की संभावना है, और NIA द्वारा अपनी जाँच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत किए जाने की भी उम्मीद है।