चिनाब नदी डायवर्जन पर कविंदर गुप्ता का समर्थन, पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी नीति की वकालत
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 28 मई को केंद्र सरकार के चिनाब नदी के पानी को मोड़ने के निर्णय को पूरी तरह उचित ठहराया और कहा कि पाकिस्तान के विरुद्ध कठोर रणनीतिक कदम उठाना अब देश की अनिवार्यता बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला भारत के अपने राज्यों को पर्याप्त जल-आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस पहल है।
राज्यपाल का स्पष्ट समर्थन
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा, "पिछली सरकारों की गलतियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जा सकता। जिस तरह यह मामला सिर्फ पहलगाम तक सीमित नहीं है, उसी तरह पाकिस्तान पहले भी इस तरह के बयान देता रहा है और हमने उसे कड़ा व निर्णायक जवाब दिया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान भारत की ओर से खाता-पीता है, फिर भी जिस तरह के बयान देता है, वह किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।
नई नीति और 'ऑपरेशन सिंदूर' का संदर्भ
गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार पाकिस्तान से निपटने के लिए एक नई व्यापक नीति तैयार कर रही है, जिसे सभी नागरिकों का समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना के बाद पाकिस्तान के रवैये को देखते हुए अतीत की भूलों को दोहराना देश के हित में नहीं होगा। उन्होंने केंद्र के नए फैसले की सराहना करते हुए कहा, "यह फैसला बहुत ही बेहतरीन है और इससे निस्संदेह हमारे अपने लोगों को फायदा होगा।"
पड़ोसी राज्यों की जल-जरूरतें और केंद्र की प्राथमिकता
पानी के मुद्दे पर राज्यपाल ने पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की स्वाभाविक जल-आवश्यकताओं को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "इन राज्यों के बीच पहले से ही समझौते और व्यवस्थाएं मौजूद हैं। भारत के अपने राज्यों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब चिनाब नदी के जल-बंटवारे पर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पहले से कहीं अधिक गहरा हो चुका है।
चीन के विस्तारवाद पर चिंता
राज्यपाल गुप्ता ने चीन की विस्तारवादी नीतियों पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "चाहे अरुणाचल प्रदेश हो या कोई अन्य क्षेत्र, चीन लगातार दावे करता रहता है — और भारत भी उसी दृढ़ता से मुंहतोड़ जवाब देता आ रहा है।" गलवान घाटी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ भी चीन ने सीमा पर कार्रवाई की हिमाकत की थी, लेकिन भारतीय सैनिकों ने पूरी तैयारी के साथ निर्णायक जवाब दिया।
केंद्र के रणनीतिक फैसले
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े रणनीतिक कदम उठाते हुए भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, चिनाब नदी के पानी को मोड़ने के लिए ₹2,600 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। राज्यपाल गुप्ता ने इन सभी निर्णयों का समर्थन करते हुए विश्वास जताया कि नई नीतियाँ भारत को और सशक्त बनाएंगी तथा किसी भी पड़ोसी की नापाक हरकत का करारा जवाब देने में सक्षम होंगी।