चेन्नई में ₹20 करोड़ के सोने के सिक्के घोटाले में महिला पुलिस इंस्पेक्टर निलंबित, 200 से अधिक निवेशक पीड़ित
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई के रोयापुरम ऑल-वुमन पुलिस स्टेशन में तैनात महिला पुलिस इंस्पेक्टर शीला मैरी को 14 जून 2026 को ₹20 करोड़ के सोने के सिक्के निवेश घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कथित धोखाधड़ी में 200 से अधिक निवेशकों को नुकसान पहुँचाने का अनुमान है।
घोटाले का स्वरूप
जाँच में सामने आया है कि यह स्कीम कथित तौर पर निवेशकों को मौजूदा बाज़ार भाव से काफी कम कीमत पर सोने के सिक्के देने और आकर्षक रिटर्न का वादा करके चलाई जा रही थी। इस लालच में पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भारी रकम लगाई।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, इस स्कीम का संचालन कथित तौर पर इंस्पेक्टर शीला मैरी के रिश्तेदार प्रभु मणि कर रहे थे। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) प्रभु मणि को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
धोखाधड़ी कैसे उजागर हुई
अधिकारियों के अनुसार, घोटाला तब सामने आया जब पीड़ित निवेशकों ने शिकायत की कि वादे के अनुसार सोने के सिक्के नहीं मिल रहे हैं। जैसे-जैसे शिकायतें बढ़ीं, स्कीम के आयोजक कथित तौर पर संपर्क से बाहर हो गए, जिसके बाद पीड़ितों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दरवाज़ा खटखटाया।
निवेशकों की शिकायतों के आधार पर EOW ने प्रभु मणि और शीला मैरी दोनों के विरुद्ध मामला दर्ज किया। शुरुआती जाँच से पता चला है कि इस स्कीम के ज़रिए निवेशकों से लगभग ₹20 करोड़ जमा किए गए थे।
विभागीय कार्रवाई
चेन्नई पुलिस की इंटेलिजेंस विंग को इंस्पेक्टर के विरुद्ध आरोपों की अलग से जाँच का निर्देश दिया गया। सूत्रों के अनुसार, जाँच रिपोर्ट में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिले।
इन निष्कर्षों के आधार पर चेन्नई पुलिस कमिश्नर अमलराज ने शीला मैरी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद नॉर्थ चेन्नई के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मनोहरन ने आगे की जाँच पूरी होने तक इंस्पेक्टर को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
EOW की जाँच जारी
फिलहाल EOW शीला मैरी का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर रही है। साथ ही इस कथित धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी गहन जाँच की जा रही है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि कम कीमत और ऊँचे रिटर्न के प्रलोभन वाली निवेश स्कीमें किस तरह आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी सेवकों को भी अपना शिकार बना लेती हैं।