मुंबई ज्वेलर्स से ₹4.51 करोड़ के सोने की हेराफेरी, पश्चिम बंगाल से आरोपी तन्मय मैती गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के झवेरी बाजार और दादर क्षेत्र के ज्वेलर्स से कथित तौर पर ₹4 करोड़ 51 लाख 85 हजार 333 रुपए मूल्य के लगभग 2.959 किलोग्राम सोने की हेराफेरी के मामले में शिवाजी नगर पुलिस ने फरार आरोपी तन्मय मैती (30) को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। 26 मई 2026 को हुई इस गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपी को 30 मई तक ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है और पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
प्रभादेवी निवासी एवं झवेरी बाजार के ज्वेलर्स कारोबारी संजय मगराज जैन ने शिवाजी नगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी तन्मय मैती पिछले कई वर्षों से इन ज्वेलर्स के लिए सोने के आभूषण तैयार करने का काम करता था। अपनी कार्यकुशलता और व्यवहार से उसने व्यापारियों का विश्वास अर्जित कर लिया था, जिसके चलते उसे नियमित रूप से बड़ी मात्रा में सोना आभूषण निर्माण के लिए सौंपा जाता था।
मुख्य घटनाक्रम
14 और 15 मई 2026 को संजय जैन ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से कुल 2.25 किलोग्राम 24 कैरेट सोना दादर स्थित आरोपी के कारखाने में भिजवाया था। पुलिस के अनुसार इस सोने की कीमत करीब ₹3 करोड़ 53 लाख 70 हजार रुपए आंकी गई है।
20 मई को जब ज्वेलरी की डिलीवरी के लिए आरोपी से संपर्क किया गया, तो उसने जल्द ही तैयार माल सौंपने का आश्वासन दिया। लेकिन 22 मई को शिकायतकर्ता को पता चला कि तन्मय मैती ने अपना कारखाना बंद कर दिया है और वह फरार हो चुका है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला, जिससे धोखाधड़ी की आशंका और पुख्ता हो गई।
अन्य पीड़ित ज्वेलर्स
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर केवल संजय जैन को ही नहीं, बल्कि अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना बनाया। दादर स्थित पांडुरंग हरी वैद्य एंड सन्स ज्वेलर्स सहित कई दुकानों से लगभग ₹12 लाख मूल्य के सोने की हेराफेरी का मामला भी प्रकाश में आया है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई के आभूषण व्यापार में विश्वास-आधारित लेनदेन की परंपरा पर सवाल उठने लगे हैं।
गिरफ्तारी और जांच की स्थिति
मामला दर्ज होने के बाद शिवाजी नगर पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही। तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर तन्मय मैती को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे 30 मई 2026 तक ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है।
आगे क्या होगा
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर हेराफेरी किया गया सोना कहाँ खपाया गया और इस पूरे षड्यंत्र में अन्य कौन-कौन से लोग शामिल हैं। पूछताछ से यह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आरोपी ने किन-किन व्यापारियों को निशाना बनाया और हेराफेरी का सिलसिला कितने समय से चल रहा था।