12 अक्टूबर 2026
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छत्तीसगढ़ राइस मिलिंग घोटाला: ₹147 करोड़ की अवैध वसूली में ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ राइस मिलिंग घोटाला: ₹147 करोड़ की अवैध वसूली में ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार

सारांश

छत्तीसगढ़ के ₹147 करोड़ के राइस मिलिंग घोटाले में ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। खरीफ 2021-22 में इंसेंटिव के नाम पर मिलर्स से अवैध वसूली का एक पूरा सिंडिकेट चला, जांच में मार्कफेड अधिकारियों और एसोसिएशन पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 12 अक्टूबर 2026 को राम गोपाल अग्रवाल को पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया।
यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ कस्टम राइस मिलिंग घोटाले से जुड़ी है, जिसमें ₹147 करोड़ की अवैध नकद वसूली का आरोप है।
खरीफ 2021-22 में इंसेंटिव ₹40 से बढ़ाकर ₹120 प्रति क्विंटल किया गया; सिंडिकेट ने ₹20 प्रति क्विंटल की दर से वसूली की।
वसूली का सिलसिला दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच चला; छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन और मार्कफेड के अधिकारी कथित रूप से शामिल।
रायपुर स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने अग्रवाल को 5 दिन की ईडी हिरासत में भेजा।
तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर का नाम भी जांच में सामने आया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने 12 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राम गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत की गई है। इस घोटाले में राइस मिलर्स से ₹147 करोड़ की अवैध नकद वसूली का आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी की जांच मूलतः इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। बाद में एंटी-करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध विंग (एसीबी/ईओडब्ल्यू), रायपुर ने भी आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीद से जुड़े घोटालों की जांच तेज हो रही है।

घोटाले का तरीका

जांच के अनुसार, खरीफ सीजन 2021-22 के लिए कस्टम राइस मिलिंग का स्पेशल इंसेंटिव ₹40 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹120 प्रति क्विंटल कर दिया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मार्कफेड के अधिकारियों के एक सिंडिकेट ने राइस मिलर्स से ₹20 प्रति क्विंटल की दर से अवैध नकद वसूली शुरू की — इंसेंटिव पेमेंट जारी करने के बदले में। जिन मिलर्स ने यह रकम देने से इनकार किया, उनके बिल जानबूझकर रोक दिए गए।

ईडी के अनुसार, दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच इस तरह कुल ₹147 करोड़ की अवैध वसूली की गई, जो पीएमएलए, 2002 के तहत 'अपराध से प्राप्त आय' की श्रेणी में आती है।

राम गोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका

ईडी की जांच में सामने आया है कि राम गोपाल अग्रवाल ने कथित तौर पर इस अवैध वसूली के पूरे तंत्र को व्यवस्थित करने, उसकी निगरानी करने और उसे नियंत्रित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। आरोपों के अनुसार, उन्होंने राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के माध्यम से वसूली के निर्देश दिए। अलग-अलग जिलों से इकट्ठा किया गया नकद एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को सौंपा जाता था, जो नियमित रूप से जिले-वार कलेक्शन का ब्यौरा राम गोपाल अग्रवाल को देते थे। इसके बाद यह अवैध धनराशि अग्रवाल द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को पहुँचाई जाती थी।

न्यायालय का आदेश और आगे की कार्रवाई

रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने राम गोपाल अग्रवाल को पाँच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर फैले इस नेटवर्क को देखते हुए आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाती है — जहाँ सरकारी इंसेंटिव को जानबूझकर बढ़ाया गया ताकि उसमें से 'कट' वसूला जा सके। ₹147 करोड़ की यह रकम किसानों की उपज से जुड़े मिलिंग तंत्र से निकाली गई, जो अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाता है। मार्कफेड जैसी सरकारी संस्था के अधिकारियों का नाम आना बताता है कि यह भ्रष्टाचार निजी स्तर तक नहीं, बल्कि संस्थागत स्तर तक फैला था। असली परीक्षा अब यह होगी कि ईडी की जांच केवल एक मोहरे पर रुकती है या पूरे नेटवर्क तक पहुँचती है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ राइस मिलिंग घोटाला क्या है?
यह एक कथित भ्रष्टाचार मामला है जिसमें खरीफ सीजन 2021-22 के दौरान कस्टम राइस मिलिंग इंसेंटिव ₹40 से बढ़ाकर ₹120 प्रति क्विंटल किया गया और फिर राइस मिलर्स से उनका भुगतान जारी करने के बदले ₹20 प्रति क्विंटल की दर से अवैध नकद वसूली की गई। दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच इस तरह कुल ₹147 करोड़ वसूले गए।
राम गोपाल अग्रवाल को किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया?
ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने उन्हें पाँच दिन की ईडी हिरासत में भेजा है।
इस मामले में ईडी की जांच कैसे शुरू हुई?
जांच शुरुआत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा आईपीसी, 1860 की धाराओं के तहत दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर शुरू हुई। बाद में एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर ने भी आईपीसी और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 के तहत एफआईआर दर्ज की, जिसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत अपनी जांच आगे बढ़ाई।
इस घोटाले में और कौन-कौन से नाम सामने आए हैं?
जांच में छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मार्कफेड के अधिकारियों के एक सिंडिकेट का नाम सामने आया है। एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर का विशेष रूप से उल्लेख है, जो जिले-वार कलेक्शन का ब्यौरा कथित रूप से राम गोपाल अग्रवाल को देते थे।
जिन राइस मिलर्स ने वसूली देने से इनकार किया, उनके साथ क्या हुआ?
ईडी की जांच के अनुसार, जिन राइस मिलर्स ने अवैध रकम देने से मना किया, उनके इंसेंटिव बिल जानबूझकर रोक दिए गए। यह दबाव बनाने का हथियार था, जिससे बाकी मिलर्स वसूली देने पर मजबूर हों।
राष्ट्र प्रेस
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