छत्तीसगढ़ राइस मिलिंग घोटाला: ₹147 करोड़ की अवैध वसूली में ईडी ने राम गोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने 12 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राम गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत की गई है। इस घोटाले में राइस मिलर्स से ₹147 करोड़ की अवैध नकद वसूली का आरोप है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी की जांच मूलतः इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। बाद में एंटी-करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध विंग (एसीबी/ईओडब्ल्यू), रायपुर ने भी आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीद से जुड़े घोटालों की जांच तेज हो रही है।
घोटाले का तरीका
जांच के अनुसार, खरीफ सीजन 2021-22 के लिए कस्टम राइस मिलिंग का स्पेशल इंसेंटिव ₹40 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹120 प्रति क्विंटल कर दिया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मार्कफेड के अधिकारियों के एक सिंडिकेट ने राइस मिलर्स से ₹20 प्रति क्विंटल की दर से अवैध नकद वसूली शुरू की — इंसेंटिव पेमेंट जारी करने के बदले में। जिन मिलर्स ने यह रकम देने से इनकार किया, उनके बिल जानबूझकर रोक दिए गए।
ईडी के अनुसार, दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच इस तरह कुल ₹147 करोड़ की अवैध वसूली की गई, जो पीएमएलए, 2002 के तहत 'अपराध से प्राप्त आय' की श्रेणी में आती है।
राम गोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका
ईडी की जांच में सामने आया है कि राम गोपाल अग्रवाल ने कथित तौर पर इस अवैध वसूली के पूरे तंत्र को व्यवस्थित करने, उसकी निगरानी करने और उसे नियंत्रित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। आरोपों के अनुसार, उन्होंने राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के माध्यम से वसूली के निर्देश दिए। अलग-अलग जिलों से इकट्ठा किया गया नकद एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को सौंपा जाता था, जो नियमित रूप से जिले-वार कलेक्शन का ब्यौरा राम गोपाल अग्रवाल को देते थे। इसके बाद यह अवैध धनराशि अग्रवाल द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को पहुँचाई जाती थी।
न्यायालय का आदेश और आगे की कार्रवाई
रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने राम गोपाल अग्रवाल को पाँच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर फैले इस नेटवर्क को देखते हुए आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।