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राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर लखनऊ में सम्मान समारोह, सुरेश खन्ना बोले — चिकित्सा मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम

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राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर लखनऊ में सम्मान समारोह, सुरेश खन्ना बोले — चिकित्सा मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम

सारांश

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर लखनऊ के सरोजिनी नगर में आयोजित सम्मान समारोह में UP वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने डॉक्टरों को मानव सेवा का सर्वोच्च प्रतीक बताया। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने लखनऊ को देश की 'हेल्थ कैपिटल' बनाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

1 जुलाई 2025 को लखनऊ के सरोजिनी नगर में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं चिकित्सक सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
UP वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा — चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।
राजेश्वर सिंह ने बताया कि आज़ादी के समय औसत जीवन प्रत्याशा 35 वर्ष थी, जो अब 70 वर्ष हो चुकी है।
सिंह ने लखनऊ को देश की और सरोजिनी नगर को UP की 'हेल्थ कैपिटल' बनाने का लक्ष्य रखा।
मेडिकल टूरिज्म, सौर ऊर्जा, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और वर्षा जल संचयन को भविष्य के स्वास्थ्य ढाँचे का आधार बताया गया।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 1 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर लखनऊ के सरोजिनी नगर में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं चिकित्सक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। यह आयोजन सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा किया गया था।

मुख्य अतिथि का संबोधन

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'डॉक्टरों का कार्य लोगों के जीवन की रक्षा करना है और इसी कारण समाज उन्हें भगवान का स्वरूप मानता है।' उन्होंने यह भी कहा कि विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा आयोजित यह गोष्ठी स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए उपयोगी साबित होगी और विशेषज्ञों के सुझावों को सरकार गंभीरता से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार हुआ है। राज्य में बड़ी संख्या में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और मेडिकल शिक्षा में स्नातक (यूजी) तथा स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट लगातार बढ़ाया गया है ताकि प्रदेश का कोई भी नागरिक आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहे। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का वक्तव्य

सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की बदौलत दुनिया ने पोलियो और स्मॉल पॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों पर विजय प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि आज़ादी के समय देश में औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 35 वर्ष थी, जो अब बढ़कर करीब 70 वर्ष हो चुकी है — और इसके पीछे डॉक्टरों एवं चिकित्सा विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान है।

डॉ. सिंह ने कोविड-19 महामारी के दौरान डॉक्टरों की भूमिका को याद करते हुए कहा, 'अनेक चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की और कई डॉक्टरों ने अपने प्राण भी न्योछावर कर दिए। ऐसे चिकित्सा योद्धाओं का सम्मान जितना किया जाए, उतना कम है।'

लखनऊ को 'हेल्थ कैपिटल' बनाने का संकल्प

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजिनी नगर को उत्तर प्रदेश की 'हेल्थ कैपिटल' और लखनऊ को देश की 'हेल्थ कैपिटल' बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक अस्पतालों का विकास, बायोमेडिकल वेस्ट का प्रभावी प्रबंधन, सौर ऊर्जा का उपयोग और वर्षा जल संचयन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भविष्य का स्वास्थ्य ढाँचा आधुनिक, टिकाऊ और जनहित केंद्रित होना चाहिए। यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ जब देश भर में स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज़ है।

आगे की राह

कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने स्वास्थ्य नीति-निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने की अपेक्षा जताई। वित्त मंत्री खन्ना ने सभी चिकित्सकों को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए आश्वस्त किया कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए डॉक्टरों के सुझावों को प्राथमिकता देती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि UP में स्वास्थ्य बजट वृद्धि और नए मेडिकल कॉलेजों का लाभ ग्रामीण और वंचित आबादी तक कितनी तेज़ी से पहुँच रहा है। 'हेल्थ कैपिटल' जैसे महत्वाकांक्षी विज़न के साथ-साथ यह भी ज़रूरी है कि डॉक्टरों की कार्यस्थल सुरक्षा और सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की उपलब्धता पर ठोस नीतिगत कदम उठाए जाएँ — जो इस कार्यक्रम की चर्चा में अनुपस्थित रहे।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में डॉक्टरों के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
लखनऊ के सरोजिनी नगर में 1 जुलाई को क्या कार्यक्रम हुआ?
1 जुलाई 2025 को सरोजिनी नगर, लखनऊ में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और चिकित्सक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें UP वित्त मंत्री सुरेश खन्ना मुख्य अतिथि थे।
सुरेश खन्ना ने डॉक्टर्स डे पर क्या कहा?
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि UP में नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं, UG-PG सीटें बढ़ी हैं और स्वास्थ्य बजट लगातार बढ़ाया जा रहा है।
डॉ. राजेश्वर सिंह का 'हेल्थ कैपिटल' विज़न क्या है?
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजिनी नगर को UP की और लखनऊ को देश की 'हेल्थ कैपिटल' बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत आधुनिक अस्पतालों का विकास, मेडिकल टूरिज्म, सौर ऊर्जा और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर ध्यान दिया जाएगा।
कोविड-19 में डॉक्टरों की भूमिका पर क्या कहा गया?
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनेक चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की और कई ने अपने प्राण भी न्योछावर कर दिए। उन्होंने ऐसे चिकित्सा योद्धाओं के सम्मान को अपर्याप्त बताया।
राष्ट्र प्रेस
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