बिहार आपदा: चिराग पासवान की विपक्षी सांसदों-विधायकों से अपील, NDA ने दिया एक माह का वेतन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने 22 सितंबर 2026 को बिहार में जारी बाढ़ और आपदा संकट के बीच विपक्षी दलों के सभी सांसदों और विधायकों से मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग देने की भावनापूर्ण अपील की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि आपदा किसी दल को देखकर नहीं आती और इसलिए संकट की इस घड़ी में राजनीति से ऊपर उठकर खड़े होना ज़रूरी है।
NDA का संकल्प — एक माह का वेतन राहत कोष में
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी घटक दलों के सांसदों और विधायकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है। पासवान ने स्पष्ट किया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का हर जनप्रतिनिधि इस पहल में शामिल है और वे स्वयं भी अपना योगदान दे रहे हैं।
पासवान ने अपने पोस्ट में लिखा, 'संकट की इस घड़ी में एनडीए परिवार के सभी दलों के सांसदों और विधायकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देने का निर्णय लिया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का हर जनप्रतिनिधि इसमें शामिल है, और मैं भी अपना योगदान दे रहा हूं।'
विपक्ष से विनम्र निवेदन
पासवान ने यह पहल केवल सत्तारूढ़ गठबंधन तक सीमित न रखते हुए बिहार के सभी विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को भी साथ आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'मैं बिहार के सभी विपक्षी दलों के माननीय सांसदों और विधायकों से विनम्र निवेदन करता हूं कि इस पहल में साथ आएं। आइए, एक बार राजनीति से ऊपर उठकर बिहार के साथ खड़े हों।'
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई ज़िलों में बाढ़ और जलजमाव से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य सरकारी स्तर पर युद्धस्तर पर जारी हैं।
बिहार में आपदा की स्थिति
बिहार के कई हिस्सों में इस वर्ष बाढ़ और जलजमाव ने व्यापक तबाही मचाई है। गौरतलब है कि बिहार प्रतिवर्ष मानसून सीज़न में बाढ़ की मार झेलता है, और मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों का योगदान राहत सामग्री वितरण और पुनर्वास कार्यों को गति देने में सहायक माना जाता है।
पासवान ने 'बिहार परिवार' शब्द का उपयोग करते हुए राजनीतिक एकजुटता की भावना को रेखांकित किया — एक ऐसा संदेश जो आम जनता के बीच व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकता है।
आगे क्या
यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि विपक्षी दल — विशेष रूप से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस — इस अपील पर क्या रुख अपनाते हैं। राहत कोष में सर्वदलीय भागीदारी होने पर प्रभावित परिवारों तक सहायता और तेज़ी से पहुँचने की संभावना बढ़ेगी।