सीआईएसएफ ने शुरू किए एडवांस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम: ड्रोन, साइबर और युद्ध-स्तरीय तैयारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने 13 जून 2026 को अपनी ऑपरेशनल क्षमता को नई ऊंचाई देने के लिए एडवांस्ड ट्रेनिंग कार्यक्रमों की एक व्यापक श्रृंखला शुरू की है, जिसमें ड्रोन व काउंटर-ड्रोन ऑपरेशंस, साइबर सुरक्षा, इंडस्ट्रियल फायरफाइटिंग और आपदा प्रबंधन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र शामिल हैं। बल के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी पोस्ट के अनुसार, यह पहल आधुनिक सुरक्षा परिदृश्य की बदलती चुनौतियों के अनुरूप जवानों को तैयार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्र
सीआईएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रेनिंग कार्यक्रमों में ड्रोन व काउंटर-ड्रोन ऑपरेशंस, साइबर सुरक्षा, इंडस्ट्रियल फायरफाइटिंग, आपदा प्रबंधन और लीडरशिप डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गई है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जवानों की व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और मानसिक लचीलापन भी विकसित करना है।
भारतीय सेना के साथ 'बैटल इनोक्यूलेशन' प्रशिक्षण
बल ने भारतीय सेना के सहयोग से एक विशेष 'बैटल इनोक्यूलेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम' भी संचालित किया है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य जवानों को युद्ध जैसी कठिन और दबाव-भरी परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से दृढ़ बनाना है। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले जवानों की विपरीत हालात में स्थिति-आकलन क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
सुरक्षा जिम्मेदारियाँ और नई चुनौतियाँ
सीआईएसएफ देश के हवाई अड्डों, बंदरगाहों, परमाणु संयंत्रों, मेट्रो रेल और अन्य संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का दायित्व संभालती है। गौरतलब है कि इन महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर स्थलों पर ड्रोन हमलों, साइबर खतरों और औद्योगिक आपदाओं जैसी नई पीढ़ी की सुरक्षा चुनौतियाँ तेज़ी से उभर रही हैं, जिनसे निपटने के लिए पारंपरिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं रह गया।
महानिदेशक की समीक्षा और दृष्टिकोण
सीआईएसएफ महानिदेशक ने हाल ही में बल की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि आधुनिक सुरक्षा परिदृश्य में पारंपरिक सुरक्षा के साथ-साथ तकनीकी और मानसिक तैयारी भी उतनी ही अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी सोच के आधार पर सीआईएसएफ ने अपने समग्र प्रशिक्षण ढाँचे को नए सिरे से तैयार किया है।
आगे की राह
बल के प्रवक्ता के अनुसार, ये ट्रेनिंग कार्यक्रम जवानों को न केवल पेशेवर रूप से सक्षम बना रहे हैं, बल्कि उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्वतंत्र और प्रभावी निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। सीआईएसएफ का लक्ष्य देश के आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाने वाले महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को हर परिस्थिति में अभेद्य बनाए रखना है।