5 जुलाई 2026
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दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ का 'वॉटर जेट डिसरप्टर' लाइव प्रदर्शन, IED निष्क्रियकरण में बढ़ी BDDS की क्षमता

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दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ का 'वॉटर जेट डिसरप्टर' लाइव प्रदर्शन, IED निष्क्रियकरण में बढ़ी BDDS की क्षमता

सारांश

दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ का यह प्रदर्शन महज़ एक रूटीन ड्रिल नहीं था — यह बदलते विस्फोटक खतरों के बीच बीडीडीएस की तकनीकी धार को तेज़ करने की ठोस कोशिश थी। 'वॉटर जेट डिसरप्टर' जैसी हाईटेक तकनीक का लाइव अभ्यास भारत की विमानन सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाने का संकेत है।

मुख्य बातें

सीआईएसएफ ने 5 जुलाई 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पर 'वॉटर जेट डिसरप्टर' का लाइव प्रदर्शन आयोजित किया।
बीडीडीएस कर्मियों को IED निष्क्रियकरण के लिए सुरक्षित संचालन, सटीक उपयोग और रणनीतिक तैनाती का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी बाबू राम , डीआईजी/सीएएसओ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वास्तविक परिस्थितियों जैसा माहौल बनाकर जवानों की तकनीकी दक्षता और आपात प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ किया गया।
सीआईएसएफ ने क्षमता निर्माण और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से विमानन सुरक्षा को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने 5 जुलाई 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक विशेष डेमोंस्ट्रेशन-कम-ऑपरेशनल एक्सपोजर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) के लिए अत्याधुनिक उपकरण 'वॉटर जेट डिसरप्टर' का लाइव प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विमानन सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा बीडीडीएस कर्मियों की परिचालन क्षमता को उन्नत करना था।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

इस अभ्यास के केंद्र में वॉटर जेट डिसरप्टर का व्यावहारिक प्रशिक्षण था — एक ऐसा उपकरण जो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) यानी देसी बमों जैसे विस्फोटक खतरों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीडीडीएस कर्मियों को उपकरण के सुरक्षित संचालन, सटीक उपयोग और रणनीतिक तैनाती का प्रशिक्षण दिया गया।

वास्तविक परिस्थितियों जैसा अभ्यास

कार्यक्रम के दौरान वास्तविक आपात स्थितियों जैसा माहौल तैयार किया गया, जिसमें टीम को विशेष उपकरणों के सटीक उपयोग का अभ्यास कराया गया। इससे जवानों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने की उनकी क्षमता और सुदृढ़ हुई। यह ऐसे समय में आया है जब विमानन सुरक्षा के समक्ष विस्फोटक खतरों की प्रकृति लगातार बदल रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों का संबोधन

कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी बाबू राम, डीआईजी/सीएएसओ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डीआईजी बाबू राम ने कहा कि बदलते विस्फोटक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की जानकारी और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी कर्मियों से अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और सामरिक कौशल को निरंतर विकसित करने का आह्वान किया।

सीआईएसएफ की प्रतिबद्धता

सीआईएसएफ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी इस अभ्यास की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बीडीडीएस कर्मियों की परिचालन क्षमता को और सुदृढ़ बनाना है। संगठन ने दोहराया कि वह क्षमता निर्माण, विशेष प्रशिक्षण और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से देश की विमानन सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

आगे की दिशा

गौरतलब है कि सीआईएसएफ देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है और इस प्रकार के नियमित परिचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम बल की तैयारी का अभिन्न हिस्सा हैं। इस तरह के अभ्यास भविष्य में किसी भी वास्तविक विस्फोटक खतरे की स्थिति में त्वरित, समन्वित और सुरक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कितनी नियमितता से आयोजित होते हैं और क्या इनकी कोई स्वतंत्र समीक्षा होती है। 'वॉटर जेट डिसरप्टर' जैसी तकनीक की उपलब्धता अच्छी बात है, पर इसका लाभ तभी मिलेगा जब हर स्तर के कर्मी इसे वास्तविक दबाव में संचालित करने में सक्षम हों। विमानन क्षेत्र में IED का खतरा वैश्विक स्तर पर बढ़ा है, और भारत जैसे व्यस्त हवाई यातायात वाले देश में यह तैयारी और अधिक अनिवार्य हो जाती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वॉटर जेट डिसरप्टर क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
वॉटर जेट डिसरप्टर एक विशेष बम निष्क्रियकरण उपकरण है जो उच्च दबाव वाली पानी की धार से IED जैसे विस्फोटक उपकरणों को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय करता है। यह विस्फोट की संभावना को न्यूनतम करते हुए बम के सर्किट को बाधित करता है।
सीआईएसएफ ने दिल्ली एयरपोर्ट पर यह प्रदर्शन क्यों आयोजित किया?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीडीडीएस कर्मियों को आधुनिक विस्फोटक खतरों से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण देना और उनकी परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करना था। बदलते विस्फोटक खतरों के मद्देनज़र ऐसे नियमित अभ्यास आवश्यक माने जाते हैं।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी बाबू राम, डीआईजी/सीएएसओ तथा अन्य वरिष्ठ सीआईएसएफ अधिकारी उपस्थित रहे। डीआईजी बाबू राम ने कर्मियों को संबोधित कर तकनीकी विशेषज्ञता और सामरिक कौशल के निरंतर विकास पर जोर दिया।
इस प्रशिक्षण से दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
इस अभ्यास से बीडीडीएस टीम की आपात प्रतिक्रिया क्षमता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे भविष्य में किसी भी विस्फोटक खतरे की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई संभव होगी। सीआईएसएफ ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विमानन सुरक्षा की आधारशिला मानता है।
बीडीडीएस क्या है और इसकी भूमिका क्या होती है?
बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) सीआईएसएफ की एक विशेष इकाई है जो हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर विस्फोटक उपकरणों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय करने का कार्य करती है। यह इकाई IED और अन्य विस्फोटक खतरों से निपटने में प्रशिक्षित होती है।
राष्ट्र प्रेस
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