दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ का 'वॉटर जेट डिसरप्टर' लाइव प्रदर्शन, IED निष्क्रियकरण में बढ़ी BDDS की क्षमता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने 5 जुलाई 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक विशेष डेमोंस्ट्रेशन-कम-ऑपरेशनल एक्सपोजर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) के लिए अत्याधुनिक उपकरण 'वॉटर जेट डिसरप्टर' का लाइव प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विमानन सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा बीडीडीएस कर्मियों की परिचालन क्षमता को उन्नत करना था।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
इस अभ्यास के केंद्र में वॉटर जेट डिसरप्टर का व्यावहारिक प्रशिक्षण था — एक ऐसा उपकरण जो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) यानी देसी बमों जैसे विस्फोटक खतरों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीडीडीएस कर्मियों को उपकरण के सुरक्षित संचालन, सटीक उपयोग और रणनीतिक तैनाती का प्रशिक्षण दिया गया।
वास्तविक परिस्थितियों जैसा अभ्यास
कार्यक्रम के दौरान वास्तविक आपात स्थितियों जैसा माहौल तैयार किया गया, जिसमें टीम को विशेष उपकरणों के सटीक उपयोग का अभ्यास कराया गया। इससे जवानों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने की उनकी क्षमता और सुदृढ़ हुई। यह ऐसे समय में आया है जब विमानन सुरक्षा के समक्ष विस्फोटक खतरों की प्रकृति लगातार बदल रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों का संबोधन
कार्यक्रम में आईपीएस अधिकारी बाबू राम, डीआईजी/सीएएसओ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डीआईजी बाबू राम ने कहा कि बदलते विस्फोटक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की जानकारी और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी कर्मियों से अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और सामरिक कौशल को निरंतर विकसित करने का आह्वान किया।
सीआईएसएफ की प्रतिबद्धता
सीआईएसएफ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी इस अभ्यास की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बीडीडीएस कर्मियों की परिचालन क्षमता को और सुदृढ़ बनाना है। संगठन ने दोहराया कि वह क्षमता निर्माण, विशेष प्रशिक्षण और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से देश की विमानन सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि सीआईएसएफ देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है और इस प्रकार के नियमित परिचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम बल की तैयारी का अभिन्न हिस्सा हैं। इस तरह के अभ्यास भविष्य में किसी भी वास्तविक विस्फोटक खतरे की स्थिति में त्वरित, समन्वित और सुरक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।