कोलकाता में सीजेपी की बैठक रद्द: BJP नेताओं की कथित धमकियों से 7 हॉल ने मना किया
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की बुधवार, 18 अगस्त को कोलकाता के उत्तरी कोलकाता स्थित भारत सभा हॉल में प्रस्तावित बैठक आखिरी समय में रद्द हो गई, जब हॉल मालिकों ने जगह देने से इनकार कर दिया। सीजेपी के को-कन्वेनर आशुतोष रांका ने मंगलवार दोपहर सोशल मीडिया पर इस रद्दीकरण की जानकारी दी।
मुख्य घटनाक्रम
रांका ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि भारत सभा हॉल के मालिकों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की ओर से धमकियाँ मिली थीं। उनके अनुसार, इसके अतिरिक्त छह अन्य हॉल ने भी राज्य सरकार के कथित भारी दबाव का हवाला देते हुए स्थान देने से मना कर दिया। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
रांका ने कहा, 'उत्तरी कोलकाता के भारत सभा हॉल में हमारी तय कोलकाता मीट-अप को अब रद्द कर दिया गया है, क्योंकि हॉल के मालिकों को भाजपा नेताओं से धमकियाँ मिली थीं। छह अन्य हॉल ने भी राज्य सरकार के भारी दबाव का हवाला देते हुए मना कर दिया।'
प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं हो सकी
रांका ने यह भी बताया कि उन्हें मध्य कोलकाता के मैदान इलाके में स्थित कोलकाता प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करना था। परंतु सोमवार रात से क्लब परिसर में बिजली कटौती के कारण यह कार्यक्रम भी रद्द करना पड़ा। इस प्रकार पार्टी की कोलकाता में दोनों प्रमुख सार्वजनिक गतिविधियाँ एक ही दिन बाधित हो गईं।
बांकुरा स्वयंसेवक के पिता की मौत का मुद्दा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब सीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार को अल्टीमेटम दिया था। पार्टी की माँग है कि बांकुरा जिले में सीजेपी के एक स्वयंसेवक के पिता की रहस्यमय मौत में कथित रूप से शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए। वह स्वयंसेवक पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान में सक्रिय था।
रांका ने आरोप लगाया, 'जब हमारा स्वयंसेवक स्कूलों का ऑडिट करने गया, तो उसके पिता की हत्या कर दी गई।' यह आरोप भी अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से खंडित या स्वीकार नहीं किया गया है।
सीजेपी की आगे की रणनीति
बैठक रद्द होने के बावजूद रांका ने संकेत दिया कि पार्टी पीछे हटने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा, 'आप हमें जितना रोकेंगे, हम उतने ही बड़े होते जाएंगे।' पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल में सरकारी स्कूलों का दौरा जारी रहेगा और पश्चिम बंगाल सरकार पर शैक्षिक सुधार के लिए दबाव बनाया जाएगा। रांका ने जल्द ही एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन का वादा भी किया। गौरतलब है कि रांका के अनुसार राज्य में BJP के सत्ता में आए अभी केवल चार महीने हुए हैं।