17 सितंबर 2026
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मराठवाड़ा सूखामुक्त करने का संकल्प: CM फडणवीस का ऐलान, 7 साल में 70 TMC पानी गोदावरी बेसिन तक

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मराठवाड़ा सूखामुक्त करने का संकल्प: CM फडणवीस का ऐलान, 7 साल में 70 TMC पानी गोदावरी बेसिन तक

सारांश

मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस पर CM फडणवीस का दोहरा दांव — 7 साल में 70 TMC पानी और ₹48,000 करोड़ बिजली बिल माफी। सूखे से कराह रहे किसानों के लिए बड़े वादे, लेकिन असली परीक्षा अमल में होगी।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 17 सितंबर 2026 को मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस पर उल्हास बेसिन से गोदावरी बेसिन तक 70 टीएमसी पानी पहुँचाने की 7 वर्षीय चरणबद्ध योजना की घोषणा की।
विश्व बैंक की मंजूरी के बाद कृष्णा बेसिन से 30 टीएमसी अतिरिक्त पानी मराठवाड़ा भेजा जाएगा; टेंडर प्रक्रिया शुरू।
किसानों के ₹48,000 करोड़ के पुराने बकाया बिजली बिल माफ करने का ऐलान।
फसल नुकसान का आकलन 5 अक्टूबर के बाद शुरू होगा; एनडीआरएफ से पहले राज्य सरकार राहत देगी।
'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्ज माफी योजना' के शेष लाभार्थियों की सूची जल्द जारी की जाएगी।
सुनेत्रा पवार ने बीड में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया; 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई गई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 सितंबर 2026 को छत्रपति संभाजीनगर में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर राज्य सरकार की ओर से मराठवाड़ा को हमेशा के लिए सूखामुक्त करने का दृढ़ संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि उल्हास बेसिन से गोदावरी बेसिन तक 70 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी अगले सात वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पहुँचाया जाएगा। साथ ही उन्होंने किसानों के ₹48,000 करोड़ के पुराने बकाया बिजली बिल माफ करने का भी ऐलान किया।

जल परियोजनाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री फडणवीस ने शहीद स्मारक पर झंडा फहराने के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा, "उल्हास बेसिन से गोदावरी बेसिन में 70 टीएमसी पानी पहुँचाने का काम चल रहा है। इस पीढ़ी ने भीषण सूखा झेला है, लेकिन हम यह पक्का करेंगे कि अगली पीढ़ी को ऐसा न झेलना पड़े।" उन्होंने बताया कि विश्व बैंक की मंजूरी के बाद कृष्णा बेसिन से लगभग 30 टीएमसी अतिरिक्त पानी मराठवाड़ा भेजा जा रहा है और इसके लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं।

कोंकण क्षेत्र से पानी संकटग्रस्त गोदावरी बेसिन तक जल पहुँचाने के लिए नदी जोड़ परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अंतिम चरण में है, जिसमें अनोखे इंजीनियरिंग डिज़ाइन का उपयोग किया जा रहा है। छत्रपति संभाजीनगर जल आपूर्ति परियोजना भी अंतिम चरण में है, जिससे जल्द ही शहरवासियों को प्रतिदिन पेयजल मिलने की उम्मीद है।

सूखाग्रस्त किसानों को राहत

फडणवीस ने स्वीकार किया कि इस वर्ष मराठवाड़ा में फिर से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। उन्होंने कहा, "शुरुआत में फसल को लेकर उम्मीदें अच्छी थीं, लेकिन लंबे समय तक बारिश न होने से खेती की पैदावार को भारी नुकसान पहुँचा है। हमारी सरकार किसी भी हाल में आपको अकेला नहीं छोड़ेगी।" उन्होंने घोषणा की कि फसल नुकसान का आकलन 5 अक्टूबर के बाद शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एनडीआरएफ की मदद के अतिरिक्त राज्य सरकार किसानों को पहले ही राहत देना सुनिश्चित करेगी। पेयजल और चारे की संभावित कमी से निपटने के लिए 'चारा विकास कार्यक्रम' के तहत पहले ही चारे की खेती शुरू कर दी गई थी। 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्ज माफी योजना' के शेष लाभार्थियों की सूची भी जल्द जारी की जाएगी।

₹48,000 करोड़ के बकाया बिजली बिल माफ

कार्यक्रम में सबसे बड़ी घोषणा किसानों के बकाया बिजली बिल माफी की रही। फडणवीस ने कहा, "हमने पहले ही किसानों को मुफ्त बिजली देने का फैसला किया था, और अब राज्य सरकार ने उनके ₹48,000 करोड़ के पुराने बकाये को माफ करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें आगे कोई परेशानी न हो।" यह घोषणा मराठवाड़ा के किसानों के लिए दीर्घकालिक कर्ज के बोझ से राहत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस: ऐतिहासिक संदर्भ

मुख्यमंत्री ने मराठवाड़ा के स्वतंत्रता संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा, "भारत की आजादी के बाद भी मराठवाड़ा ने अपना संघर्ष जारी रखा। 17 सितंबर 1948 को, भारत की आजादी के 13 महीने बाद, मराठवाड़ा आजाद हुआ जब यहाँ भारत का तिरंगा फहराया गया।" उन्होंने 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को विशेष रूप से सराहा। आज 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बीड में एक कार्यक्रम में इस आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बीड जिला इस संघर्ष का मुख्य केंद्र था और स्वामी रामानंद तीर्थ ने इस आंदोलन का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया। सुनेत्रा पवार ने यह भी बताया कि उनके पिता बाजीराव पाटिल ने इस मुक्ति संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब मराठवाड़ा एक बार फिर सूखे की मार झेल रहा है और राज्य सरकार पर किसान राहत को लेकर दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में जल संकट दशकों पुरानी समस्या है और कई पूर्ववर्ती सरकारों ने भी नदी जोड़ योजनाओं की घोषणाएँ की थीं। आने वाले महीनों में परियोजनाओं की डीपीआर को अंतिम रूप देने और फसल आकलन के बाद राहत वितरण की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि ये वादे जमीन पर किस गति से उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मगर जमीनी अमल में सूखा ही रहा। ₹48,000 करोड़ की बिजली बिल माफी निस्संदेह बड़ी राहत है, लेकिन यह तात्कालिक दर्द निवारण है, दीर्घकालिक समाधान नहीं। असली कसौटी यह है कि 70 TMC जल हस्तांतरण की डीपीआर कब अंतिम होगी, टेंडर से निर्माण तक की समयसीमा कितनी विश्वसनीय है, और फसल आकलन के बाद राहत वितरण में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी। मराठवाड़ा के किसान घोषणाओं से नहीं, पानी से और कर्ज से मुक्ति से जिएंगे।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM फडणवीस की 70 TMC जल योजना क्या है?
यह योजना अगले सात वर्षों में चरणबद्ध तरीके से उल्हास बेसिन से गोदावरी बेसिन तक 70 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी पहुँचाने की है, जिसका उद्देश्य मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखामुक्त करना है। इसके अतिरिक्त विश्व बैंक की मंजूरी से कृष्णा बेसिन से 30 TMC अतिरिक्त जल भी इस क्षेत्र को मिलेगा।
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों का बिजली बिल माफ क्यों किया?
CM फडणवीस ने ₹48,000 करोड़ के पुराने बकाया बिजली बिल माफ करने की घोषणा की, क्योंकि मराठवाड़ा में बार बार सूखे के कारण किसान पहले से भारी कर्ज में हैं। सरकार पहले ही किसानों को मुफ्त बिजली देने का निर्णय ले चुकी थी; यह माफी उस दिशा में अगला कदम है।
मराठवाड़ा में फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की कि फसल नुकसान का आकलन 5 अक्टूबर 2026 के बाद शुरू होगा। एनडीआरएफ की सहायता मिलने से पहले ही राज्य सरकार अपनी ओर से किसानों को राहत देना सुनिश्चित करेगी।
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस क्यों मनाया जाता है?
17 सितंबर 1948 को — भारत की स्वतंत्रता के 13 महीने बाद — मराठवाड़ा को हैदराबाद रियासत से मुक्त कराकर भारतीय संघ में शामिल किया गया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है और सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को विशेष रूप से याद किया जाता है।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्ज माफी योजना क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्ज माफी योजना है जिसके तहत पात्र किसानों का कृषि ऋण माफ किया जाता है। CM फडणवीस ने बताया कि शेष लाभार्थियों की सूची जल्द जारी की जाएगी ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
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