मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में 1,485 पुलिस वाहनों को रवाना किया, 12 हाईटेक पुलिस स्टेशनों की आधारशिला रखी
सारांश
Key Takeaways
- 1,485 नए पुलिस वाहन झारखंड पुलिस को मिले हैं।
- 12 आधुनिक पुलिस थानों की आधारशिला रखी गई है।
- इन वाहनों में 636 चार पहिया और 849 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
- ये कदम कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए हैं।
- मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
रांची, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड पुलिस के आधुनिकीकरण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को पुलिस विभाग के लिए 1,485 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही राज्य में 12 अत्याधुनिक पुलिस स्टेशनों की आधारशिला भी रखी गई।
इन नए वाहनों में 636 चार पहिया गश्ती वाहन और 849 दोपहिया वाहन शामिल हैं, जो झारखंड पुलिस की गतिशीलता और प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं। राज्य सरकार ने कुल 1,255 गश्ती वाहन और 1,697 दोपहिया वाहन स्वीकृत किए हैं, और यह तैनाती का पहला चरण है।
जिन 636 वाहनों का वितरण किया गया है, उनमें से 614 वाहन विभिन्न जिलों में भेजे गए हैं, जबकि शेष वाहन जल्द ही क्यूआरटी और अन्य विशेष इकाइयों को आवंटित किए जाएंगे।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इन नए वाहनों के जुड़ने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्ती व्यवस्था में मजबूती आएगी, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर पुलिसिंग संभव हो सकेगी।
वाहन वितरण के साथ-साथ, मुख्यमंत्री ने राज्य में पुलिस अवसंरचना को बढ़ाने के लिए 12 आधुनिक पुलिस थानों की वर्चुअल आधारशिला रखी। ये हाईटेक पुलिस स्टेशन हजारीबाग, बोकारो, देवघर, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, रांची, दुमका और चतरा जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
इन पुलिस स्टेशनों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि चार विशेष पुलिस इकाइयों को एक ही छत के नीचे एकीकृत किया जाएगा, जिससे नागरिकों के लिए कई कार्यालयों में जाने की आवश्यकता के बिना शिकायतें दर्ज करना और विभिन्न पुलिस सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा।
मुख्यमंत्री सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए पुलिस बल का आधुनिकीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार संसाधनों की कमी को दूर करने और बेहतर तकनीक, उपकरण और रसद सहायता के माध्यम से पुलिस बल को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।