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सुवेंदु अधिकारी के 'जनता दरबार' में उमड़े फरियादी, SSC उम्मीदवारों और नर्सों ने माँगी नौकरी बहाली

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सुवेंदु अधिकारी के 'जनता दरबार' में उमड़े फरियादी, SSC उम्मीदवारों और नर्सों ने माँगी नौकरी बहाली

सारांश

कोलकाता में BJP मुख्यालय पर सुवेंदु अधिकारी के 'जनता दरबार' में SSC उम्मीदवार, नर्स और दिव्यांग शिक्षक पहुँचे — सबकी माँग एक ही थी: नौकरी। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से बेरोज़गार हुए अभ्यर्थियों की पीड़ा ने इस दरबार को राजनीतिक मंच से कहीं अधिक बना दिया।

मुख्य बातें

सुवेंदु अधिकारी ने 25 मई 2026 को BJP कोलकाता मुख्यालय में 'जनता दरबार' आयोजित किया।
2016 SSC उम्मीदवार रूपा बनर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से गई नौकरी की बहाली माँगी।
पश्चिम बंगाल रजिस्टर्ड नर्सेज़ यूनिटी ने बताया कि परीक्षा पास करने के बावजूद केवल 48% अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली, बाकी पैनल में होल्ड हैं।
दिव्यांग सहायक अध्यापक सौरभ चक्रवर्ती घर से 400 किलोमीटर दूर मुर्शिदाबाद में पोस्टेड हैं और दो वर्षों से ट्रांसफर की माँग कर रहे हैं।
अधिकारी ने सभी मामलों में यथासंभव निदान का आश्वासन दिया, लेकिन कोई ठोस समयसीमा नहीं दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कोलकाता स्थित मुख्यालय में 25 मई 2026 को आयोजित 'जनता दरबार' में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से मिलने बड़ी संख्या में फरियादी पहुँचे। रोज़गार बहाली, नर्सिंग नियुक्ति और ट्रांसफर जैसे मुद्दे इस दरबार में छाए रहे, और अधिकारी ने हर मामले में यथासंभव निदान का आश्वासन दिया।

मुख्य घटनाक्रम

2016 एसएससी (SSC) उम्मीदवार रूपा बनर्जी ने बताया कि वे और उनके साथी पिछले आठ वर्षों से स्कूलों में कार्यरत थे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनकी नौकरी चली गई। उन्होंने अधिकारी से नौकरी बहाली की माँग की। उनके अनुसार, अधिकारी ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी संभव होगा, वह देखा जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने हज़ारों नियुक्तियाँ रद्द कर दी हैं, जिससे प्रभावित उम्मीदवार लगातार राजनीतिक दरवाज़े खटखटा रहे हैं।

नर्सों की नियुक्ति पर माँग

पश्चिम बंगाल रजिस्टर्ड नर्सेज़ यूनिटी की प्रतिनिधि सुबोश्री दत्ता रॉय ने कहा कि तीन वर्षों तक नर्सों की भर्ती प्रक्रिया बंद रही। जब भर्ती निकली और परीक्षा हुई, तो केवल 48 प्रतिशत उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली, जबकि शेष पैनल में होल्ड हैं। उन्होंने अधिकारी से माँग की कि होल्ड किए गए सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति तत्काल की जाए।

दिव्यांग शिक्षक का ट्रांसफर अनुरोध

दिव्यांग सहायक अध्यापक सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी पोस्टिंग घर से 400 किलोमीटर दूर मुर्शिदाबाद में है और वे पिछले दो वर्षों से नज़दीकी स्थान पर ट्रांसफर के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा।

अन्य फरियादियों की आवाज़

नर्सिंग पास सुचित्रा देव ने कहा कि नौकरी मिलने से उनकी स्थिति बेहतर होगी। इस दरबार में आए अधिकांश फरियादी रोज़गार और सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर आए थे।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह 'जनता दरबार' BJP के लिए पश्चिम बंगाल में जन-संपर्क का एक अहम माध्यम बनता जा रहा है, जहाँ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर निशाना साधते हुए विपक्ष आम लोगों की समस्याएं सुन रहा है। अधिकारी ने सभी मामलों में यथासंभव सहायता का भरोसा दिलाया, हालाँकि किसी ठोस समयसीमा की घोषणा नहीं की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

TMC सरकार की विफलताओं को उजागर करने की राजनीतिक रणनीति है — और SSC घोटाले से उपजी बेरोज़गारी इसका सबसे धारदार हथियार बन रही है। लेकिन विपक्ष के नेता के आश्वासन की सीमाएँ स्पष्ट हैं: नियुक्ति और ट्रांसफर के अधिकार राज्य सरकार के पास हैं, BJP के पास नहीं। ऐसे में यह दरबार फरियादियों को राहत कम, BJP को मंच अधिक देता है। जब तक ठोस परिणाम न आएँ, यह सहानुभूति की राजनीति बनी रहेगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी का 'जनता दरबार' क्या है?
'जनता दरबार' BJP नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा आयोजित एक जनसुनवाई कार्यक्रम है, जिसमें आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखते हैं। 25 मई 2026 को यह कोलकाता स्थित BJP मुख्यालय में आयोजित हुआ।
SSC 2016 उम्मीदवारों की नौकरी क्यों गई?
सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद 2016 SSC भर्ती के तहत नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरी रद्द हो गई। ये उम्मीदवार पिछले आठ वर्षों से स्कूलों में कार्यरत थे और अब नौकरी बहाली की माँग कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में नर्सों की भर्ती पर क्या विवाद है?
पश्चिम बंगाल रजिस्टर्ड नर्सेज़ यूनिटी के अनुसार, तीन वर्षों की रुकावट के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई और परीक्षा भी हुई, लेकिन केवल 48% उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली। शेष पैनल में होल्ड हैं और उनकी नियुक्ति की माँग है।
दिव्यांग शिक्षक सौरभ चक्रवर्ती की समस्या क्या है?
सहायक अध्यापक सौरभ चक्रवर्ती की पोस्टिंग घर से 400 किलोमीटर दूर मुर्शिदाबाद में है। दो वर्षों से नज़दीकी स्थान पर ट्रांसफर के लिए प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने जनता दरबार में अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा।
अधिकारी ने फरियादियों को क्या आश्वासन दिया?
सुवेंदु अधिकारी ने जनता दरबार में आए सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और यथासंभव निदान का आश्वासन दिया। हालाँकि किसी भी मामले में कोई ठोस समयसीमा या लिखित प्रतिबद्धता की जानकारी सामने नहीं आई।
राष्ट्र प्रेस
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