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तमिलनाडु CM विजय की PM मोदी से मुलाकात, मेकेदातु विवाद और 12 साल का अंतराल

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तमिलनाडु CM विजय की PM मोदी से मुलाकात, मेकेदातु विवाद और 12 साल का अंतराल

सारांश

12 साल के अंतराल के बाद तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विजय ने PM मोदी से मुलाकात की — और एजेंडे पर था मेकेदातु बांध विवाद, जो कर्नाटक-तमिलनाडु के बीच कावेरी जल को लेकर तनाव की नई वजह बना है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 27 मई 2026 को नई दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की — CM बनने के बाद पहली बार।
दोनों नेताओं के बीच आखिरी मुलाकात 2014 में कोयंबटूर में हुई थी, यानी लगभग 12 साल का अंतराल।
बैठक में मेकेदातु परियोजना प्रमुख मुद्दा रही, जिसे लेकर विजय पहले ही मोदी को पत्र लिख चुके हैं।
विजय का कहना है कि कावेरी नदी पर यह बांध बना तो तमिलनाडु के किसानों को भारी नुकसान होगा।
TVK ने पहले चुनाव में 108 सीटें जीतकर और कांग्रेस के समर्थन से विजय मुख्यमंत्री बने।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार, 27 मई 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली औपचारिक बैठक रही। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की।

12 साल बाद हुई मुलाकात की पृष्ठभूमि

बताया जा रहा है कि विजय और प्रधानमंत्री मोदी के बीच इससे पहले 2014 में कोयंबटूर में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुलाकात हुई थी। इस प्रकार दोनों नेताओं के बीच यह लगभग 12 वर्षों के अंतराल के बाद हुई पहली मुलाकात है। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) बनाकर तमिलनाडु की परंपरागत राजनीति को चुनौती दी और पहले ही विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सत्ता में आए।

मेकेदातु विवाद: बैठक का केंद्रीय मुद्दा

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच मेकेदातु परियोजना को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कर्नाटक सरकार के इस बांध प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की थी। विजय का कहना है कि यदि कावेरी नदी पर यह बांध बनता है, तो तमिलनाडु के हिस्से का जल प्रवाह प्रभावित होगा और राज्य के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मेकेदातु परियोजना कर्नाटक सरकार की कावेरी नदी पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय योजना है, जिसका उद्देश्य पेयजल आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन बताया जा रहा है। तमिलनाडु सरकार लंबे समय से इस परियोजना का विरोध करती आ रही है, यह कहते हुए कि इससे कावेरी जल बंटवारे पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

विजय की राजनीतिक यात्रा

विजय की राजनीतिक राह सरल नहीं रही। उनकी एक रैली में भगदड़ की घटना को लेकर विपक्ष ने उन पर कड़े प्रहार किए और पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी भी हुई। इसके बावजूद उन्होंने जनता के मुद्दे उठाना जारी रखा। TVK ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और बाद में कांग्रेस के समर्थन से विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने में सफल रहे। गौरतलब है कि दशकों तक द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के बीच सिमटी रही तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव उल्लेखनीय माना जा रहा है।

आगे क्या

इस बैठक के बाद मेकेदातु परियोजना पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट होने की उम्मीद है। विजय-मोदी की यह मुलाकात तमिलनाडु और केंद्र के बीच संबंधों की नई दिशा तय कर सकती है, विशेष रूप से अंतरराज्यीय जल विवाद के संदर्भ में।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केंद्र से मनवाना हमेशा कठिन रहा है। विजय के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या वे DMK-AIADMK की पुरानी लकीर से अलग हटकर केंद्र से ठोस नतीजे हासिल कर सकते हैं, या यह मुलाकात भी कावेरी विवाद की लंबी अनिर्णय-श्रृंखला में एक और कड़ी बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु CM विजय और PM मोदी की मुलाकात क्यों हुई?
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की यह PM मोदी से पहली औपचारिक मुलाकात थी। बैठक में मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु की आपत्तियाँ प्रमुख एजेंडे पर रहीं, जिसे लेकर विजय पहले ही केंद्र को पत्र लिख चुके थे।
मेकेदातु परियोजना क्या है और तमिलनाडु इसका विरोध क्यों कर रहा है?
मेकेदातु कर्नाटक सरकार की कावेरी नदी पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका उद्देश्य पेयजल आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन बताया जा रहा है। तमिलनाडु का कहना है कि इस बांध से कावेरी जल बंटवारे पर असर पड़ेगा और राज्य के किसानों को नुकसान होगा।
विजय और मोदी की पिछली मुलाकात कब हुई थी?
बताया जा रहा है कि दोनों की आखिरी मुलाकात 2014 में कोयंबटूर में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी। इस प्रकार यह लगभग 12 वर्षों के अंतराल के बाद हुई मुलाकात है।
विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कैसे बने?
अभिनेता से राजनेता बने विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) बनाई और पहले विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतीं। कांग्रेस के समर्थन से वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने में सफल रहे।
इस बैठक के बाद क्या उम्मीद है?
इस मुलाकात के बाद मेकेदातु परियोजना पर केंद्र सरकार का आधिकारिक रुख स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह बैठक तमिलनाडु-केंद्र संबंधों और अंतरराज्यीय जल विवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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