तमिलनाडु सचिवालय में बदली कार्यसंस्कृति: सीएम विजय की समयपालन की आदत से अधिकारियों में नई सतर्कता

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तमिलनाडु सचिवालय में बदली कार्यसंस्कृति: सीएम विजय की समयपालन की आदत से अधिकारियों में नई सतर्कता

सारांश

सीएम विजय की सुबह 9:45-10:00 बजे की नियमित उपस्थिति ने तमिलनाडु सचिवालय को हिला दिया है — खाद्य विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया, अन्य विभाग भी कतार में हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के काफिले से मरीना रोड पर जाम की शिकायतें भी उठने लगी हैं।

मुख्य बातें

सीएम विजय सप्ताह के कार्यदिवसों में सुबह 9:45-10:00 बजे तमिलनाडु सचिवालय पहुँचते हैं और शाम 4:30-5:00 बजे तक कार्यालय में रहते हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने कर्मचारियों को 9:50 बजे और कार्यालय सहायकों को 9:30 बजे तक उपस्थित रहने का औपचारिक आदेश जारी किया।
आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव पीबी सरवन कुमार द्वारा जारी; नियम उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान।
सचिवालय सूत्रों के अनुसार, इसी तरह के निर्देश अन्य विभागों में भी जारी किए जा रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों ने कामराजर सलई और मरीना रोड पर काफिले के कारण सुबह ट्रैफिक जाम की शिकायत की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की कड़ी समयपालन की आदत ने चेन्नई स्थित तमिलनाडु सचिवालय की कार्यसंस्कृति को नए सिरे से आकार देना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री सप्ताह के कार्यदिवसों में नियमित रूप से सुबह 9:45 से 10:00 बजे के बीच सचिवालय पहुँचते हैं और शाम 4:30 से 5:00 बजे के बीच कार्यालय छोड़ते हैं। इस अनुशासित दिनचर्या ने प्रशासनिक विभागों को अपनी उपस्थिति व्यवस्था को नए सिरे से कसने पर मजबूर कर दिया है।

खाद्य विभाग का औपचारिक आदेश

सबसे पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस दिशा में औपचारिक कदम उठाया। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीबी सरवन कुमार द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कर्मचारियों को सुबह 9:50 बजे तक ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कार्यालय सहायकों को 9:30 बजे तक उपस्थित रहने को कहा गया है।

आदेश में उपस्थिति दर्ज करने की विस्तृत प्रक्रिया भी तय की गई है — उप सचिवों को निर्देश है कि वे उपस्थिति रजिस्टर बंद कर 10:00 बजे से पहले उपस्थिति सारांश कार्यालय अनुभाग को सौंपें, जिसे संकलित कर अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्यालय तक भेजा जाएगा। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अन्य विभागों में भी फैल रहा असर

सचिवालय सूत्रों के अनुसार, इसी तरह के निर्देश अन्य विभागों में भी जारी किए जा रहे हैं। यह प्रशासनिक दक्षता और समयपालन सुधारने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रशासन इस नए समयपालन को शासन सुधार और कार्यस्थल अनुशासन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

कर्मचारियों की चिंता: काफिले से ट्रैफिक जाम

हालाँकि, इन बदलावों को लेकर कुछ कर्मचारियों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि कामराजर सलई और मरीना क्षेत्र से होकर आने-जाने वाले कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के कारण सुबह के समय ट्रैफिक जाम और देरी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का काफिला आमतौर पर सुबह 9:30 से 9:45 बजे के बीच मरीना रोड क्षेत्र से गुजरता है — यह वही समय है जब अधिकांश कर्मचारी सचिवालय पहुँचने की कोशिश करते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्रियों की तुलना

कुछ कर्मचारियों ने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि, जे. जयललिता और एम.के. स्टालिन आमतौर पर बाद में कार्यालय पहुँचते थे, जिससे आवागमन अपेक्षाकृत सहज रहता था। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस चल रही है।

आगे की राह

फिलहाल प्रशासन का ध्यान समयपालन को संस्थागत रूप देने पर है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो आने वाले महीनों में सभी विभागों में एकसमान उपस्थिति नीति लागू किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या उपस्थिति रजिस्टर भरने से प्रशासनिक दक्षता वास्तव में बढ़ती है। तमिलनाडु सचिवालय में फाइलों के निपटारे और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता के आँकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। यह भी विचारणीय है कि मुख्यमंत्री के काफिले से उत्पन्न ट्रैफिक जाम उन्हीं कर्मचारियों की समयपालन में बाधा बन रहा है जिनसे अनुशासन की अपेक्षा की जा रही है — यह विरोधाभास प्रशासन को जल्द सुलझाना होगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम विजय तमिलनाडु सचिवालय में किस समय पहुँचते हैं?
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय सप्ताह के कार्यदिवसों में सुबह 9:45 से 10:00 बजे के बीच सचिवालय पहुँचते हैं और शाम 4:30 से 5:00 बजे के बीच कार्यालय छोड़ते हैं।
तमिलनाडु सचिवालय में नए उपस्थिति नियम क्या हैं?
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को सुबह 9:50 बजे तक और कार्यालय सहायकों को 9:30 बजे तक उपस्थित रहना अनिवार्य है। नियम न मानने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
यह आदेश किसने जारी किया?
यह कार्यालय आदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीबी सरवन कुमार द्वारा जारी किया गया है। सचिवालय सूत्रों के अनुसार, अन्य विभागों में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
कर्मचारियों को किस समस्या का सामना करना पड़ रहा है?
कुछ कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री का काफिला सुबह 9:30 से 9:45 बजे के बीच कामराजर सलई और मरीना रोड क्षेत्र से गुजरता है, जिससे उसी समय कार्यालय पहुँचने की कोशिश कर रहे कर्मचारियों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।
पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यालय समय से यह कैसे अलग है?
कर्मचारियों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि, जयललिता और स्टालिन आमतौर पर बाद में कार्यालय पहुँचते थे, जिससे सुबह का आवागमन अपेक्षाकृत सहज रहता था। विजय की सुबह जल्दी आने की आदत ने कर्मचारियों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव ला दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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