वृद्धजन पेंशन ₹1,500 प्रति माह: CM योगी का ऐलान, बोले — वृद्धों की सेवा भारतीय सभ्यता की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून 2026 को विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक भावपूर्ण पाती (खुला पत्र) लिखकर घोषणा की कि राज्य सरकार वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को ₹1,500 रुपये प्रति माह पेंशन देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान केवल पारिवारिक संस्कार नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली सभ्यता की असली पहचान है।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि ₹1,500 प्रति माह की पेंशन योजना वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन देने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिलेगा।
वृद्धाश्रम की बढ़ती संख्या पर चिंता
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा, 'आज घर सूने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं। यह तथ्य मन को व्यथित करता है।' उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में युवा रोज़गार के लिए घर से दूर जाते हैं, जिससे वृद्ध माता-पिता अकेले रह जाते हैं। योगी ने यह भी रेखांकित किया कि सर्वोच्च न्यायालय तक को अपने आदेशों में उन मूल्यों और दायित्वों का स्मरण कराना पड़ रहा है जो सनातन संस्कृति का मूलभाव हैं।
सनातन संस्कृति और पौराणिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि गणेश जी ने माता-पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा की और प्रथम पूज्य होने का गौरव पाया। उन्होंने श्रवण कुमार और भगवान श्रीराम के उदाहरण भी दिए, जिन्होंने माता-पिता के सम्मान के लिए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। योगी के अनुसार, सनातन धर्म में बड़ों के चरण स्पर्श की परंपरा इसी भाव को जीवित रखती है।
योग और स्वस्थ वृद्धावस्था
मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों से आग्रह किया कि वे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को अपनाएँ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है — जो वृद्धजनों के सम्मान और स्वास्थ्य के प्रति वैश्विक संकल्प को दर्शाती है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों से जुड़े दुर्व्यवहार के मामले सामाजिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। पेंशन योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा और लाभार्थियों की पात्रता मानदंड अभी सरकार द्वारा स्पष्ट किए जाने बाकी हैं। यह कदम उत्तर प्रदेश में बुजुर्ग कल्याण नीति को एक नई दिशा दे सकता है।