योगी ने लॉन्च की 'अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना', 60+ महिलाओं को UP रोडवेज में मुफ्त सफर; सपा पर तीखा प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अगस्त 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना' का शुभारंभ किया, जिसके तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को राज्य परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकारी अनुमान के अनुसार प्रतिदिन करीब 88,438 महिला यात्री इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर महिला सुरक्षा, पेंशन वितरण और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे आरोप लगाए।
योजना का स्वरूप और लाभ
योगी सरकार के अनुसार, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर समर्पित यह योजना बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मानजनक आवाजाही का अधिकार देने के उद्देश्य से बनाई गई है। पात्र महिलाओं की पहचान और यात्रा को सुचारु बनाने के लिए परिवहन निगम विशेष स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। योजना से राज्य सरकार पर प्रतिमाह करीब ₹22.55 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
इसके अतिरिक्त, रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की समस्त महिलाएं एक सहयात्री के साथ रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। परिवहन विभाग के अनुसार बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जीपीएस और पैनिक बटन जैसी तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सपा शासन पर योगी के आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौर में 'देख सपाई बिटिया घबराई' जैसे नारे प्रदेश की जमीनी हकीकत बयान करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय महिलाओं को पेंशन के नाम पर मात्र ₹300 दिए जाते थे और उसमें भी बिचौलियों का भ्रष्टाचार होता था। उनके अनुसार, 2017 से पहले प्रदेश में नकल माफिया, भूमि माफिया, बालू माफिया और पशु माफिया समानांतर सत्ता चला रहे थे, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।
योगी ने कहा, 'बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जेल या जहन्नुम — एक जगह तय हो जाएगी।' उन्होंने दावा किया कि अब सरकार पात्र महिलाओं को सालाना ₹12,000 की सहायता सीधे बैंक खातों में भेज रही है, और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिला सुरक्षा में बदलाव के दावे
मुख्यमंत्री के अनुसार, 2017 में प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 10,000 थी, जो अब बढ़कर करीब 45,000 हो गई है। आगामी भर्ती के बाद यह संख्या 50,000 से अधिक होने की उम्मीद है। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क और 1090 तथा 112 जैसी हेल्पलाइन सेवाएं शुरू की हैं।
योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है जहाँ बेटी घर से निकले, पढ़े, नौकरी करे, कारोबार करे और रात में भी पूरी सुरक्षा के साथ घर लौट सके। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता तक हर पड़ाव पर सहायता देती हैं।
आम जनता की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आई महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्नाव से आई एक लाभार्थी ने कहा कि अब जरूरी काम या रिश्तेदारों के यहाँ जाने के लिए उन्हें यात्रा खर्च के लिए परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह प्रतिक्रिया उस व्यापक सामाजिक संदर्भ को रेखांकित करती है जिसमें बुजुर्ग महिलाओं की आर्थिक निर्भरता एक गहरी चुनौती रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं। गौरतलब है कि महिला मतदाताओं को लक्षित करने वाली यह योजना भाजपा सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जो 'आधी आबादी' को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति अधिनियम का भी उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्मार्ट कार्ड वितरण की समयसीमा और योजना के क्रियान्वयन का विस्तृत ब्यौरा परिवहन निगम जल्द जारी करेगा।