वाराणसी बाढ़: CM योगी आदित्यनाथ का दौरा, हेलीकॉप्टर सर्वेक्षण और राहत कार्यों की होगी समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 5 सितंबर को वाराणसी के दौरे पर हैं, जहाँ वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और शहर में जारी राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण वाराणसी के कई इलाके जलमग्न हैं और हज़ारों निवासी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी शाम को हेलीकॉप्टर से वाराणसी पुलिस लाइन पहुँचेंगे, जहाँ वे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद मंडल आयुक्त एस. राजलिंगम और जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र झा के साथ अधिकारियों की समीक्षा बैठक होगी।
बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के विद्या बिहार इंटर कॉलेज में स्थापित राहत शिविर पहुँचेंगे, जहाँ वे प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। इसके पश्चात वे कालभैरव मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। दौरे के अंत में वे बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।
हवाई सर्वेक्षण में दिशा-निर्देश
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए वाराणसी के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहर के निचले इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और प्रशासन युद्धस्तर पर राहत कार्य चला रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की सक्रियता
इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापौर अशोक तिवारी और जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात कर वाराणसी की बाढ़ स्थिति का जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और शहर के हालात पर उनकी स्थानीय प्रशासन से लगातार नज़र बनी हुई है।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री को जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव उपायों की जानकारी दी गई। उन्होंने निर्देश दिए कि बढ़ते जलस्तर और शहर के कई हिस्सों में उत्पन्न व्यवधान के बावजूद नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
राहत शिविरों की स्थिति
प्रधानमंत्री ने राहत शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सुविधाएँ तत्काल मुहैया कराई जाएँ। अतिरिक्त राहत सामग्री की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए।
आगे की स्थिति
बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की लगातार निगरानी जारी है। मुख्यमंत्री योगी के दौरे के बाद राहत अभियान की रफ्तार और तेज़ होने की उम्मीद है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जलस्तर में कमी आने पर पुनर्वास प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।