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कोल इंडिया, LIC, IOB और IRFC में OFS: सरकार का FY27 में ₹80,000 करोड़ विनिवेश लक्ष्य

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कोल इंडिया, LIC, IOB और IRFC में OFS: सरकार का FY27 में ₹80,000 करोड़ विनिवेश लक्ष्य

सारांश

वित्त वर्ष 2026 के ₹33,837 करोड़ के मुकाबले 135% ऊँचे ₹80,000 करोड़ के लक्ष्य को पाने के लिए केंद्र सरकार कोल इंडिया, LIC, IOB और IRFC में OFS की तैयारी में है — और बाज़ार की स्थिरता का सही मौका देख रही है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार FY27 की पहली दो तिमाहियों में कोल इंडिया (CIL) , LIC , IOB और IRFC में OFS लाने की योजना बना रही है।
कोल इंडिया में करीब 2% हिस्सेदारी बेची जा सकती है; LIC OFS जुलाई-सितंबर 2026 में संभावित।
सरकार का FY27 विनिवेश लक्ष्य ₹80,000 करोड़ — FY26 के संशोधित अनुमान ₹33,837 करोड़ से 135% अधिक।
दिसंबर 2025 में IOB में 2.17% और फरवरी 2026 में IRFC में 2% हिस्सेदारी का विनिवेश पहले ही हो चुका है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बिक्री का गैर-खुदरा हिस्सा 2.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली दो तिमाहियों में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) में ऑफर फॉर सेल (OFS) लाने की योजना बनाई है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार शेयर बिक्री के दौरान बाज़ार की अस्थिरता से बचने के लिए स्थिर बाज़ार परिस्थितियों का इंतज़ार कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार कोल इंडिया में करीब 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। LIC में OFS वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर 2026 की अवधि में आ सकता है। IOB और IRFC में OFS को लेकर सक्रिय विचार-विमर्श जारी है, और बाज़ार स्थिरता की प्रतीक्षा की जा रही है।

गौरतलब है कि OFS वह प्रक्रिया होती है जिसमें शेयर बिक्री से प्राप्त राशि सीधे कंपनी के प्रमोटर — इस मामले में सरकार — के पास जाती है, न कि कंपनी के खाते में।

विनिवेश लक्ष्य और पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 में विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के ज़रिए ₹80,000 करोड़ जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान ₹33,837 करोड़ से लगभग 135 प्रतिशत अधिक है — एक उल्लेखनीय छलांग जो सरकार की गैर-कर राजस्व बढ़ाने की प्राथमिकता को दर्शाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव और घरेलू राजकोषीय दबाव के बीच सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में अपनी हिस्सेदारी घटाकर संसाधन जुटाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

पिछले विनिवेश कदम

सरकार इस दिशा में पहले से सक्रिय है। उसने दिसंबर 2025 में IOB में 2.17 प्रतिशत हिस्सेदारी और फरवरी 2026 में IRFC में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश किया था। इसके अतिरिक्त, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की गई, जिसमें गैर-खुदरा बिक्री प्रस्ताव का हिस्सा 2.35 गुना सब्सक्राइब हुआ — जो निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का संकेत है।

सरकार की रणनीति

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार के पास 'एक बहुत मज़बूत परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना' है, जिसे एक स्पष्ट रूप से परिभाषित पाइपलाइन का समर्थन प्राप्त है। अधिकारी ने कहा, 'एक पाइपलाइन तैयार है, और सरकार को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।'

सरकार का ज़ोर प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSU) में बड़े रणनीतिक विक्रय और OFS के संयोजन पर है, ताकि गैर-कर राजस्व को मज़बूत किया जा सके।

आगे क्या

बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर होगी कि सरकार किस तिमाही में और किन परिस्थितियों में इन OFS को बाज़ार में उतारती है। LIC के OFS की टाइमिंग विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है और खुदरा निवेशकों में इसकी व्यापक पहुँच है। विनिवेश लक्ष्य की प्राप्ति काफी हद तक बाज़ार की स्थितियों और निवेशकों की भावना पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य महत्वाकांक्षी ज़रूर है, लेकिन पिछले कई वर्षों में सरकार अपने विनिवेश लक्ष्यों से पीछे रहती आई है — FY26 का संशोधित अनुमान खुद मूल बजट से काफी कम था। इस बार OFS की सफलता काफी हद तक बाज़ार की टाइमिंग पर निर्भर करेगी, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते अप्रत्याशित बनी हुई है। LIC जैसी संस्था में OFS खुदरा निवेशकों की भावना की असली परीक्षा होगी। असली सवाल यह है कि क्या सरकार बाज़ार-अनुकूल खिड़की का सही उपयोग कर पाएगी, या लक्ष्य एक बार फिर संशोधित होगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

OFS (ऑफर फॉर सेल) क्या होता है?
OFS वह प्रक्रिया है जिसमें किसी कंपनी का प्रमोटर — यहाँ केंद्र सरकार — अपनी हिस्सेदारी के कुछ शेयर सीधे बाज़ार में बेचता है। इस बिक्री से प्राप्त राशि कंपनी को नहीं, बल्कि प्रमोटर को मिलती है।
सरकार FY27 में किन कंपनियों में OFS लाने की योजना बना रही है?
रिपोर्टों के अनुसार सरकार वित्त वर्ष 2027 की पहली दो तिमाहियों में कोल इंडिया (CIL), LIC, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) में OFS लाने पर विचार कर रही है।
सरकार का FY27 विनिवेश लक्ष्य कितना है और यह पिछले साल से कितना अलग है?
सरकार ने FY27 में विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण से ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह FY26 के संशोधित अनुमान ₹33,837 करोड़ से लगभग 135 प्रतिशत अधिक है।
LIC में OFS कब आ सकता है?
सूत्रों के अनुसार LIC में OFS वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई-सितंबर 2026 की अवधि में आ सकता है। हालाँकि यह बाज़ार की स्थिरता पर निर्भर करेगा।
सरकार ने हाल ही में किन PSU में विनिवेश किया है?
सरकार ने दिसंबर 2025 में IOB में 2.17 प्रतिशत और फरवरी 2026 में IRFC में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश किया। इसके अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री का गैर-खुदरा हिस्सा 2.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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