कोयंबटूर की ₹779 करोड़ पिल्लूर-III पेयजल योजना अब नगर निगम के हाथ, अगस्त तक हस्तांतरण का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
कोयंबटूर नगर निगम को 7 जुलाई 2026 को तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड (TWAD बोर्ड) ने पिल्लूर-III पेयजल आपूर्ति योजना के संचालन और रखरखाव (O&M) का प्रभार सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। ₹779 करोड़ की लागत से निर्मित यह योजना कोयंबटूर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिदिन 178 मिलियन लीटर (MLD) पेयजल की आपूर्ति करती है और शहर की सबसे बड़ी जलापूर्ति परियोजनाओं में से एक है।
योजना की पृष्ठभूमि और हस्तांतरण की आवश्यकता
वर्ष 2024 में शुरू की गई पिल्लूर-III योजना का निर्माण TWAD बोर्ड ने पूरा किया था। परियोजना समझौते के अनुसार बोर्ड की O&M की निर्धारित अवधि लगभग छह महीने पहले समाप्त हो चुकी थी, परंतु औपचारिक हस्तांतरण न होने के कारण बोर्ड अंतरिम व्यवस्था के तहत संचालन जारी रखे हुए था। अधिकारियों के अनुसार, कोयंबटूर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने विधानसभा चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियों और अन्य प्रशासनिक कार्यों का हवाला देते हुए प्रभार संभालने के लिए अतिरिक्त समय माँगा था।
गौरतलब है कि तय अवधि से अधिक समय तक O&M का वित्तीय बोझ उठाते रहने के बाद अब TWAD बोर्ड ने निगम को औपचारिक पत्र लिखकर हस्तांतरण प्रक्रिया आरंभ करने को कहा है।
निरीक्षण और तकनीकी समिति का गठन
कोयंबटूर नगर निगम के आयुक्त कट्टा रवि तेजा ने हाल ही में पिल्लूर बांध स्थित सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने औपचारिक हस्तांतरण से पूर्व परियोजना का व्यापक मूल्यांकन करने के लिए एक तकनीकी समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है। यह समिति बुनियादी ढाँचे का विस्तृत परीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट तमिलनाडु के नगर प्रशासन निदेशक एस. शिवरासु को सौंपेगी। समीक्षा पूरी होने के बाद नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति विभाग से अंतिम मंजूरी ली जाएगी।
नगर निगम को क्या मिलेगा और क्या नहीं
हस्तांतरण पूरा होने पर कोयंबटूर नगर निगम कच्चे और शुद्ध पानी की पाइपलाइनें, फीडर मेन लाइनें, वितरण नेटवर्क, बड़े जल भंडारण टैंक (MST), चार उच्च क्षमता वाले मोटर पंपों से सुसज्जित पंपिंग स्टेशन और अन्य संबद्ध सुविधाओं का संचालन व रखरखाव संभालेगा।
हालाँकि 178 MLD क्षमता वाला जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) अगले सात वर्षों तक TWAD बोर्ड के नियंत्रण में ही रहेगा। परियोजना समझौते के अनुसार बोर्ड को यह संयंत्र 10 वर्षों तक संचालित करना है — और चूँकि लगभग तीन वर्ष बीत चुके हैं, शेष अवधि पूरी होने पर ही इसे नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा।
कोयंबटूर की जलापूर्ति व्यवस्था का व्यापक संदर्भ
कोयंबटूर को सिरुवानी और पिल्लूर जलाशयों के अलावा अलीयार बांध से भी पेयजल प्राप्त होता है। पिल्लूर जलाशय का पानी पिल्लूर-I, पिल्लूर-II, पिल्लूर-III और कावुंडमपालयम-वडावल्ली-वीरकेरलम (KVV) संयुक्त जल आपूर्ति योजना के माध्यम से वितरित किया जाता है। इस प्रकार पिल्लूर-III का सुचारु प्रबंधन शहर की समग्र जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों को उम्मीद है कि हस्तांतरण की समूची प्रक्रिया अगस्त 2026 तक पूरी हो जाएगी। तकनीकी समिति की रिपोर्ट और विभागीय अनुमोदन के बाद नगर निगम शहर के लाखों निवासियों को प्रतिदिन 178 MLD पेयजल उपलब्ध कराने की ज़िम्मेदारी पूरी तरह अपने हाथ में ले लेगा।